वित्तीय स्थिति से आवसीय भूखंड योजना के आवंटियों को प्लाट पर आईसीआईसीआई बैंक से मिल सकेगा ऋण

Abhishek Sharma

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Greater Noida (04/01/19) : यमुना प्राधिकरण की आवासीय भूखंड योजना बैंकों की ओर से ग्रहण लगने की खबर आ रही थी। खबर मिली थी कि बैंक आवासीय भूखंड योजना के आवंटियों को ऋण देने में आनाकानी कर रहे हैं। आवंटियों को भूखंड की कुल कीमत की 90 फीसद धनराशि का इंतजाम करना मुश्किल हो सकता है। हालांकि आवंटियों की समस्या को देखते हुए यमुना प्राधिकरण ने बैंकों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई है। यह बैठक आगामी मंगलवार को हो सकती है। वहीं बैंक ने सफल आवंटियों को आवंटन पत्र जारी करना शुरू कर दिया है। आज सभी 1977 आवंटियों को आवंटन पत्र जारी कर दिए गए हैं

यमुना प्राधिकरण ने अक्टूबर में 1977 आवासीय भूखंडों की योजना निकाली थी। योजना का ड्रा 20 दिसंबर को किया गया। इसमें केवल उन आवेदकों को शामिल किया गया, जिन्होंने एक मुश्त भुगतान का विकल्प चुना था। केवल तीन सौ वर्गमीटर श्रेणी में ही उन आवेदकों को शामिल होने का मौका मिला, जिन्होंने किस्तों में भुगतान का विकल्प चुना था।

प्राधिकरण ने सफल आवेदकों को बृहस्पतिवार से आवंटन पत्र जारी करना शुरू कर दिया है। आज सभी 1977 आवंटियों को आवंटन पत्र जारी हो गए हैं। आवंटियों को साठ दिनों में भूखंड की कुल कीमत का 90 फीसद धनराशि का प्राधिकरण को भुगतान करना होगा। लेकिन आवंटियों के सामने इस धनराशि को जुटाने की चुनौती है। दरअसल काफी संख्या में आवंटियों ने दस फीसद धनराशि बैंक से ऋण लेकर पंजीकरण धनराशि जमा कराई थी।

कई बैंक यमुना प्राधिकरण के पूर्व की योजनाओं में संपत्ति पर कब्जे की स्थिति को देखते हुए ऋण देने में कतरा रही हैं। इसके चलते आवंटियों को भूखंड समर्पित करना पड़ सकता है या समय से धनराशि जमा न होने पर उनका आवंटन स्वत: ही निरस्त हो जाएगा।

आवंटियों की समस्या को देखते हुए प्राधिकरण ने मंगलवार को बैंक प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई है। उम्मीद है कि इस बैठक के बाद बैंकों से ऋण मिलने का रास्ता साफ हो जाए। भूखंड योजना के सफल आवंटियों को आवंटन पत्र जारी कर किए जा रहे हैं। आवंटियों को ऋण के संबंध में बैंक प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी

सीईओ यमुना प्राधिकरण अरुणवीर सिंह ने बताया कि आवंटन पात्र जारी करने के साथ-साथ आवंटियों को 60 दिन का समय दिया जा रहा है कि वो एक मुश्त धनराशि जमा करें। जहाँ किश्तों में हैं वहां पर 6-6 महीने की दो किश्तों में जमा करना है और कुछ प्रकरणों में 5 साल की किश्त हैं तो उन आवंटियों को 5 साल में सभी किश्त जमा करनी है। उन्होंने कहा कि जब ये स्कीम निकाली थी तो आईसीआईसीआई ने स्पष्ट किया था कि वो रजिस्ट्रेशन अमाउंट पर भी ऋण देंगे अगर आवंटी के पास उसकी वित्तीय स्थिति के कागज़ मौजूद हैं। बैंक ने करीब 80 फीसदी आवेदकों को रजिस्ट्रेशन अमाउंट पर ऋण दिया था। कुछ लोगों की शिकायत थी कि उनकी स्थिति के अनुसार उन्हें ऋण नहीं दिया जाएगा। इस बारे में उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक नार्थ जोनल हेड से बात की और उन्होंने स्पष्ट किया कि शत प्रतिशत लोगों को ऋण दिया जाएगा बशर्ते उनकी वित्तीय स्थिति के कागजात उनके पास मौजूद हो।

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