तथागत बुद्ध की शिक्षाओं को विश्व में प्रसारित करने का बड़ा केंद्र बने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, सकारत्मक सोच के साथ हो विकास : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का छात्रों को सन्देश

ROHIT SHARMA / ASHISH KEDIA

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ग्रेटर नोएडा :– उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में दीप जलाकर नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया। संबोधन से पहले उन्होंने जीबीयू में चार और परियोजनाओं की शुरुआत की। विवि के विद्यार्थियों के लिए साइकिल सुविधा की शुरुआत उन्होंने झंडी दिखाकर की। इसके बाद वे ऑडिटोरियम में छात्र-छात्राओँ को संबोधित किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अथिति योगी आदित्यनाथ ने गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओँ को संबोधित करते हुए बताया की महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं को लेने के लिए विदेश से बोध भिक्षु भारत आते हैं। साथ ही भारत में बहुत सी अनेक परंपराएं हैं , अनेक प्रकार रीति रिवाज है और कई धर्मों के अनुयाई देश में रहते हैॆ। भारत देश के अंदर किसी पर यह दबाव नहीं है कि उसे किस धर्म का अनुयाई बनना है।

साथ ही इस कार्यक्रम में उनका कहना है की भारत ने दुनिया को ज्ञान दिया है कि हम किसी को मजहब, संप्रदाय, धर्म के नाम पर बांधकर नहीं रखते। भारत में हर व्यक्ति को अपनी इच्छा के हिसाब से धर्म और पूजा करने की स्वतंत्रता है। वही दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्य नाथ ने अपने सम्बोधन में छात्र-छात्राओँ को गुण भी दिए , उन्होने बताया की सभी को नैतिक मूल्यों का अनुसरण करना चाहिए, इससे जीवन में सफलता मिलती है। बुद्ध ने जीवन को पलायन नहीं कहा, इसलिए छात्रों को हर विषम परिस्थिति का सामना करना चाहिए।

कठिन से कठिन परिस्थिति में घबराना नहीं चाहिए। कभी भी असफलता से निराश नहीं होना चाहिए, डरना नहीं चाहिए। कठिन परिश्रम ही व्यक्ति को आगे ले जाता है। सफलता के मार्ग पर चलना होगा, लेकिन इसके लिए खुद को तैयार करना होगा। सकारात्मक सोच के साथ हम जीवन में बहुत कुछ कर सकते हैं। हमें किसी की बुराई नहीं देखनी है उसकी अच्छाई देखनी है। किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए। चतुराई, साजिश और चालाकी से सफलता हासिल नहीं हो सकती। वही व्यक्ति सफलता हासिल करता है जो सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ता है। नकारात्मक सोच वाले आगे बढ़ते जरूर हैं, लेकिन उनके जीवन में ठहराव आ जाता है। उनकी सफलता रुक जाती है।

छात्र-छात्राओँ को योगी आदित्यनाथ ने बताया की बुद्ध की शिक्षा में हमे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। क्षेत्रवाद जातिवाद नक्सलवाद और आतंकवाद से ऊपर उठने की प्रेरणा देती है। देश को आगे ले जाना है तो युवाओं को आगे आना होगा। अगर सभी बौद्ध शिक्षा को ग्रहण करते है तो आगे बढ़ने का मार्ग मिलेगा। भारत की पारिवारिक सामाजिक और राष्ट्रीय एकता अनूठी है। विकास के मार्ग में जातिवाद और क्षेत्रवाद भाषावाद, नक्सलवाद और आतंकवाद बाधा है।

वही इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने छात्र-छात्राओँ को गौतम बुद्ध के बारे में बताया की गौतम बुद्ध ने दुनिया को शांति का संदेश दिया। बुद्धि और विवेक नहीं होगा तो शातिरों के जाल में फंस जाएंगे, इसलिए बुद्धि और विवेक होना जरूरी है। वही दूसरी तरफ आतंकवाद को लेकर उनका कहना है की दुनिया आतंकवाद से झुलस रही है और भारत के पास बहुत कुछ है दुनिया को देने के लिए। बुद्ध के मार्ग पर चल कर आतंकवाद को खत्म किया जा सकता है। आने वाले समय में दुनिया के अंदर भारत मानवता के कल्याण का केंद्र बनेगा। भारत हमेशा मानव कल्याण के लिए काम करता है।चीन बौद्ध शिक्षा के माध्यम से बौद्ध राष्ट्रों को एकजुट करने का प्रयास कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में प्रतिभाएं है उनके पास नए नए आइडियाज हैं। युवा नौकरी नहीं करना चाहता,बल्कि अपना स्वयं का व्यवसाय करना चाहता है। युवाओं को नई दिशा देने की जरूरत है। युवाओं के कौशल निखारने होंगे, इससे वह स्वयं का व्यवसाय खड़ा कर दूसरो को भी रोजगार दे सकेंगे। ऐसे में अब प्रदेश में जगह-जगह कौशल केंद्र की स्थापना की जाएगी, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा सके। प्रदेश सरकार की योजना हर जिले में कौशल केंद्र खोलने की है। स्टार्टअप के लिए बजट में अलग से व्यवस्थता की गई है। प्रदेश का युवक रोजगार के लिए अन्य राज्यों में नहीं जाएगा, उन्हें यहीं पर रोजगार दिलाया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार 2 लाख युवाओं को उनके घरों पर ही रोजगार दिया जाएगा। इसके लिए उऩ्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश में रोजगार की व्यापक संभावना है, इन्हें टटोलना होगा। भारत ने समूची दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। युवा एक नई दिशा की तरफ बढ़े, तभी नए भारत का निर्माण होगा।

पर्यावरण को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कहा की प्रकृति के साथ छेड़छाड़ ठीक नहीं है। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ की वजह से ही पर्यावरण गड़बड़ा रहा है। पर्यावरण की तरफ ध्यान देने की जरूरत है और हमें प्रकृति के साथ छेड़छाड़ को रोकना होगा। मानसून में बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाने चाहिए।

उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को हाईटेक प्रदेश बनाने के लिए स्ट्रीट लाइटों की जगह एलईडी लाइटों की घोषणा भी कर दी | उनका कहना है की प्रदेश में 4 लाख लोगों को एलईडी बल्ब दिए गए। उत्तर प्रदेश में जब से भाजपा आई है तब से कार्यों में पारदर्शिता आई है। इससे ऊर्जा की बचत हो रही है और पर्यावरण को भी इससे लाभ हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खाद्यान्न आपूर्ति में भी पारदर्शिता लाई गई है। सपा-बसपा सरकार में राशन सामग्री गोदामों से बाहर निकलते ही बेच दी जाती थी, इसको कड़ाई से रोका गया है। प्रदेश में 80 हज़ार राशन की दुकान है, इनमें भ्रष्टाचार रोका गया है। पिछले एक साल में 360 करोड़ रुपये के राशन की चोरी रोककर बचत की गई है।

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