अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर नारायण सेवा संस्थान ने 250 दिव्यांगों की निकाली महारैली

Talib Khan

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New Delhi, (4/12/2018): सुबह 9 बजे  लाल  किला  प्राचीर  से  केंद्रीय सामाजिक न्याय और सहकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने नारायण  सेवा  संस्थान  के साथ दिव्यांगों की महारैली को हरी झंड़ी दी । अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर देश भर से आए दिव्यांगों ने महारैली में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया । इस रैली में 250 से ज्यादा दिव्यांगजनो ने भाग लिया । इस अवसर  पर   मंत्री थावर चंद गहलोत से साथ रमेश  गोयल  ग्रुप  ऑफ़  होटल  इंडस्ट्री  और  उद्योगपति एवं  समाज  सेवी  श्री  सत्य  भूषण  जैन  भी  मौजूद  थे ।

मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा ‘ कि नारायण  सेवा  संस्थान  ने  मंत्रालय  के  साथ  मिलकर  दिव्यांगों  के  कल्याण के नए  आयामों  को  स्थापित  किया है ।  जिसमें  निशुल्क  ऑपरेशन  करना,  उन्हें  तन  से  समर्थ  बनाना,  रोजगार  देकर  धन  से  समर्थ  करना  तथा  विवाह  कराकर  सामाजिक  रूप  से  समर्थ  बनाना । साथ में, संस्थान के  मंच पर लाकर  उनकी  मन  की  दिव्यांगता  को  दूर  करने  में भी जुटे हुए  है ।

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि ‘ दिव्यांग जनों के प्रति समाज की उदासीनता, लापवाही और बहिष्कृत कर देने वाला व्यवहार होता है ।जो कि उनको सब कुछ हासिल करने से रोकती है जिसके चलते जीवन के लक्ष्य हासिल नहीं कर पाते है। सरकार की कई योजनाओं के साथ ही हमारा साथ भी उन्हें चाहिए। दिव्यांगों का विकास, साथ और समाज की मुख्यधारा में लाना ही हमारा कर्तव्य है।

महारैली के दौरान श्री  गहलोत ने  कहा  कि  भारत वर्ष  में  5  जोन में नेशनल  स्पोर्टस  काम्प्लेक्स  बनाए जा रहे है जिससे की भारत  के  लिए ओलिंपिक  में   दिव्यांग मेडल लाने में पीछे ना हटें।  जिसके लिए राष्ट्रीय स्तर  पर  दिव्यांगों  को  खेल कूद  में  प्रशिक्षित  करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। साथ ही, उनकी  खेल  प्रतिभा  को  निखारने  के  लिए ऐसे  उत्तम  प्लेटफार्म  भी खड़े किए जा रहे है ।

रविवार की शाम नई दिल्ली के लाल किले में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस की पूर्व संध्या पर नारायण सेवा संस्थान की ओर से खास तौर पर दिव्यांगों के लिए दिव्यांग टैलेंट और फैशन शो का आयोजन किया था । इस शो में बडी संख्या में दिव्यांग मॉडल्स ने हिस्सा लिया। इस दौरान दिव्यांग मॉडल्स ने व्हीलचेयर, बैसाखी, कैलीपर और कृत्रिम अंग जैसी अलग-अलग श्रेणियों में फैशन शो के चार राउंड प्रस्तुत किए। हरेक राउंड में 10 मॉडल्स प्रतिभागियों ने भाग लिया ।

नारायण सेवा संस्थान – फैक्ट शीट  :

  1. राजस्थान के उदयपुर में कुल 17 भवनों वाले 2 अस्पताल, जिनमें 1100 शैयाओं की व्यवस्था है।
  2. रोगियों और उनके परिवारों के लिए निःशुल्क सर्जरी, दवाआंे और भोजन का इंतजाम।
  3. 125 डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मचारियों के स्टाफ द्वारा प्रतिदिन 95 से अधिक सर्जरी।
  4. फिजियोथेरेपी, कैलीपर, ट्राइसाइकल, व्हीलचेयर, क्रचिस, सुनने की मशीन, दृष्टिहीन के लिए छडी और मॉड्यूलर कृत्रिम अंग का निशुल्क इंतजाम।
  5. सहायक उपकरणों के साथ हर साल 25000 कैलीपर और लगभग 11000 मॉड्यूलर कृत्रिम अंगों को लगाने की निशुल्क व्यवस्था।
  6. अब तक संगठन ने लगभग 95 लाख व्हीलचेयर और लगभग 2.59 लाख ट्राइसाइकल प्रदान किए हैं।
  7. प्रतिदिन 5000 रोगियों और उनके सहयोगियों के लिए पोषणयुक्त भोजन।
  8. 2011 से अब तक 8,750 विशेष रूप से सक्षम लोगों को कौशल प्रशिक्षण।
  9. सर्जरी के बाद 2,875 व्यक्तियों द्वारा मोबाइल मरम्मत कार्य शुरू किया गया।
  10. कंप्यूटर और हार्डवेयर प्रशिक्षण के माध्यम से 2830 लोगों को कुशल बनाया गया।
  11. प्रतिभाशाली दिव्यांग लोगों के कौशल का प्रदर्शन करने के लिए फैशन शो का आयोजन।
  12. नारायण सेवा संस्थान में इलाज किए गए विभिन्न दिव्यांग मॉडल्स के लिए रैम्प वाॅक का आयोजन।

नारायण सेवा संस्थान के बारे में :

नारायण सेवा संस्थान दुनिया के विशेष रूप से सक्षम और वंचित लोगों के लिए एक बेहतरीन स्थान है। पद्मश्री कैलाश ‘मानव‘ अग्रवाल द्वारा 1985 में स्थापित नारायण सेवा संस्थान एक धर्मार्थ संगठन है जो दिव्यांग लोगों के समुदाय को शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए सेवा प्रदान करता है। झीलों की नगरी उदयपुर के पास बडी गांव में स्थित नारायण सेवा संस्थान प्रकृति की गोद में अरावली पहाड़ियों की सीमा से घिरा हुआ है।

नारायण सेवा संस्थान ‘दिव्यांग लोगों के लिए एक ऐसा स्मार्ट कैंपस‘ है, जहां ‘जीवन के किसी भी स्तर पर, किसी भी तरह से वंचित अनुभव करने वाले लोगों के लिए‘ सभी सुविधाएं जुटाई गई हैं। संस्थान भारत में अपनी 480 शाखाओं और विदेशों में 86 शाखाओं के साथ विकलांगता को कम करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए काम करता है। प्रतिदिन एक निशुल्क वाहन उदयपुर रेलवे स्टेशन पर मरीजों और उनके परिवारों को लेने के लिए पहुंचता है और इसके बाद गेस्ट हाउस में उनके लिए मुफ्त आवास और भोजन की व्यवस्था की जाती है।

नारायण सेवा संस्थान भारत, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, यूक्रेन, ब्रिटेन और यूएसए में रहने वाले और पोलियो और सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित शारीरिक रूप से विकलांग रोगियों और अन्य जन्म विकलांगता से पीड़ित लोगों के लिए उम्मीद की एक किरण बनकर उभरा है। नारायण सेवा संस्थान ने पिछले 30 वर्षों में 3.5 लाख से ज्यादा मरीजों का आॅपरेशन किया है और और उन्हें चिकित्सा सेवाओं, दवाइयों और प्रौद्योगिकी का निशुल्क लाभ देकर पूर्ण सामाजिक-आर्थिक सहायता प्रदान की है। किसी भी प्रकार के शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए नारायण सेवा संस्थान आने वाले मरीजों को यहां किसी भी नकद काउंटर या भुगतान गेटवे से गुजरना नहीं होता। संस्थान में 1100 बिस्तरों वाले अस्पताल हैं जहां 125 डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की एक टीम प्रतिदिन लगभग 95 रोगियों का आॅपरेशन करते हुए मानवता की सेवा में जुटी है।

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