दिल्ली के जंतर मंतर पर नरेगा मजदूरों ने अपनी मांगो को लेकर किया धरना प्रदर्शन

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Lokesh Goswami New Delhi :

दिल्ली के जंतर मंतर पर नरेगा मजदूरों ने अपनी मांगो को लेकर किया धरना प्रदर्शन
नरेगा मे पिछले 5 वर्षों में जिन परिवारों को नरेगा का काम मिल पाया है उन्हें औसतन केवल 45 दिनों का ही रोजगार मिला है। किसी भी स्थिति में मजदूरों को उनके समय पर काम पाने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाए। अगर ऐसा होता है तो उन्हें तुरंत बिना आवेदन करने की आवश्यकता के बेरोजगारी भत्ता मिले जिस की राशि सीधे उनके खाते में जाए दलित व आदिवासियों तक काम पहुंचाने के विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है सरकार को इन समुदायों की नरेगा में भागीदारी 2009 से 2015 ,2016,20 17 में 39 प्रतिशत तक आ गई है

हमारी मांग है कि नरेगा में मजदूरी दर में बढ़ोतरी हो भुगतान में विलंब कम कम हो मजदूरी भुगतान में विलंब के लिए पूरा भुगतान मुआवजा सहित मिले राशि में बढ़ोतरी हो बिना किसी शर्त के सब अधिकार मिलना चाहिए आपदा में 200 दिन का काम मिलना चाहिए।
काम के दिनों में बढ़ोतरी नरेगा में काम का अधिकार एक व्यक्तिगत अधिकार होना चाहिए और हर व्यक्ति को साल में 240 दिन के रोजगार की गारंटी मिलनी चाहिए नरेगा कानून में हनन को बंद करने के लिए सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। कानून की धारा 25 के अनुसार कानून के किसी भी प्रावधान में उल्लंघन पर ₹1000 का अर्थदंड लगाया जा सकता है। इस तरह को सकरी करने दंड की राशि बढ़ाने की आवश्यकता है। नरेगा राशि के गबन की स्थिति वसूली के लिए कड़े कानून बनने चाहिए महिला बुजुर्ग विकलांग लोगों को जनजाति समुदाय की नरेगा में भागीदारी बढ़ाने के लिए अन्य मजदूरों की तुलना कम काम करवाया जाना चाहिए नरेगा में मजदूरों का एंप्लाइज स्टेट इंश्योरेंस में नामांकन होना चाहिए और उन्हें पेंशन भी मिलना चाहिए गर्भवती महिलाओं को 1 महीने की मजदूरी समेत मातृत्व अवकाश मिले साथ ही सुविधा में शौचालय भी शामिल होना चाहिए यही हमारी सरकार से मांग है।

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