मेडिकल कमीसन बिल के विरोध में हड़ताल पर रहे नोएडा के 2000 डॉक्टर्स, निजी अस्पताल रहे ठप।

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PHOTO.VIDEO.STORY- JITENDER PAL-TEN NEWS ( 02/01/2018)

नॉएडा : देशभर में आज नेशनल मेडिकल कमीशन बनाने के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर डॉक्टर्स देशव्यापी हड़ताल पर चले गए है। नोएडा में भी हड़ताल का असर देखने को मिला , यहां भी आज 2000 से अधिक डाक्टर12 घंटे की हड़ताल पर चले गए है जिसके कारण हड़ताल से निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप हो गयी है , हालांकि इमरजेंसी सेवाएं आम दिनों की तरह सामान्य रहीं। एनसीआर में मेडिकल हब की तरह ख्याति नोएडा शहर के बड़े अस्पतालों में शुमार कैलाश अस्पताल, जेपी, फोर्टिस, सुमित्रा और मैक्स अस्पताल में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं। कुछ डॉक्टरों का कहना है कि इस बिल के पास होने से इलाज महंगा होगा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव ने बताया कि नोएडा में 350 हॉस्पिटल काम कर रहे हैं। इनमें2000 से अधिक डाक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। निजी डाक्टरों की हड़ताल के मद्देनजर जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी और पीएचसी को सचेत कर दिया गया था। डाक्टरों की हड़ताल के मद्देनजर जिला अस्पताल में रोज के मुकाबले मरीजों की भीड़ अधिक रही। कैलाश अस्पताल के उन्होंने बताया कि हड़ताल के तहत सिर्फ ओपीडी सेवाएं ठप हैं। इमरजेंसी सेवाएं और भर्ती मरीजों की देखरेख को हड़ताल से मुक्त रखा गया है। इसलिए इन सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है।

कैलाश अस्पताल के सीनियर डॉक्टर आरएन शर्मा ने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल काउंसिल को नेशनल मेडिकल कमीशन बिल 2017 के प्रावधानों पर एतराज है। नए बिल के मुताबिक अब तक प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 15% सीटों का फीस मैनेजमेंट तय करती थी। अब नए बिल के मुताबिक मैनेजमेंट को 60% सीटों का फीस तय करने का अधिकार होगा। इसमें पहले 130 सदस्य होते थे और हर राज्य का तीन प्रतिनिधि होता था। अब नए बिल के मुताबिक कुल 25 सदस्य होंगे, जिसमें 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से केवल 5 प्रतिनिधि ही होंगे। उन्होंने बताया कि हड़ताल के तहत सिर्फ ओपीडी सेवाएं ठप हैं। इमरजेंसी सेवाएं और भर्ती मरीजों की देखरेख को हड़ताल से मुक्त रखा गया है। इसलिए इन सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है।

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