नॉएडा में कल से शुरू होगा शिल्पोत्सव, रीता बहुगुणा जोशी करेंगी उद्घाटन

0 103

PHOTO.VIDEO.STORY- JITENDER PAL-TEN NEWS

नोएडा। सेक्टर-21ए नोएडा स्टेडियम के रामलीला मैदान में शिल्प कला का महामेला आयोजित होने जा रहा है। कल से शुरू होने वाले शिल्पोत्सव में देशी शिल्पकला के साथ विदेशी कला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। शिल्पोत्सव की थीम हस्तशिल्प, व्यंजन एवं संस्क़ति का अनूठा संगम रखी गई है। उद्घाटन पर्यटन मंत्री प्रदेश सरकार रीता बहुगुणा जोशी द्वारा सायं सात बजे किया जाएगा। मेला में प्रवेश शुल्क 40 रुपए रखा गया है। इसके अलावा प्रत्येक शाम स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुती भी की जाएगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस दौरान मेला समिति की अधिकारी ने बताया कि मेले का आयोजन 6 से 15 अक्टूबर तक किया जा रहा है। मेले में कुल 400 शिल्पियों द्वारा उत्पाद प्रस्तुत किए जाएंगे। जिसमे 250 सरकारी स्टॉल, 100 कमर्शियल व 50 ओपन स्टॉल होंगे। मुख्य रूप से सहारनपुर का वुड वर्क, खुर्जा की पॉटरी, बागपत का हैंडलूम, लखनऊ का चिकन वर्क, फिरोजाबाद के कॉच का कार्य, बनारस का जरी वर्क, कश्मीरी शॉल, राजस्थान के शिल्पी, पंजाबी जूतियां, आजमगढ़ की ब्लैक पाटरी, गोरखपुर का टेराकोटा मुख्य होंगे। इसके अलावा श्रीलंका व थाइलैंड के शिल्पी भी अपना कला का अनूठा प्रदर्शन करते नजर आएंगे। वहीं, नोएडा , ग्रेटर-   नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे के अलावा पयर्टन विभाग का स्टॉल भी लगाया जाएगा।  पार्किंग गेट नंबर चार की ओर से होगी। मेले में प्रवेश के लिए दो मुख्य गेट है।
मेले के आयोजन में कुल 1.40 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे है। इसमे पर्यटन विभाग द्वारा 25 लाख रुपए दिए जाएंगे। जबकि यमुना विकास प्राधिकरण 5 लाख रुपए बाकी खर्चा नोएडा प्राधिरकण व ग्रेटर-नोएडा प्राधिकरण द्वारा खर्च किया जा रहा है। इस दौरान मेले की शाम को रंगारंग बनाने वाले कलाकारों पर 45 लाख रुपए खर्च किए जा रहे है। वहीं, शाम को रंगारंग कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्कूल द्वारा परमार्फ करने पर यदि उनकी संख्या 50 बच्चों से ज्यादा है तो उन्हें शुल्क में 50 फीसद की छूट दी जाएगी।
थीम के अनुसार शिल्पोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के जायके दार व्यंजनों का भी लुत्फ ले सकेंगे। गुजराती, राजस्थानी, के अलावा कश्मीरी, दक्षिण भारत के स्टॉल लग चुके है। इसके अलावा बच्चों के लिए अलग से कारिडोर भी बनाया गया है। घूमने फिरने के लिए बुर्जुगों के लिए बैटरी जनित रिक्शे भी चलाए जाएंगे।

 

 

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.