चोरी की बिजली से चलती थी बोटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर बनी दुकानें, विद्युत विभाग ने दर्ज कराई महाप्रबंधक पर एफआईआर, 10 करोड़ का जुर्माना

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नोएडा – पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमटेड ने बिजली चोरी मामले में डीएमआरसी पर बड़ी कारवाही करते हुए डीएमआरसी के महाप्रबंधक सहित चार लोगों के विरुद्ध थाना सेक्टर 39 में मुकदमा दर्ज किया हैं ।

वही बिजली विभाग द्वारा दस करोड़ बारह लाख इक्यानवे हजार दो सौ पैतालीस रुपये का अर्थ दंड का नोटिस भी जारी किया गया हैं। नोएडा के बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर बनी ग्यारह दुकानों में डीएमआरसी की परोक्ष – अपरोक्ष स्वीकृति से विद्युत  चोरी कर दुकानों को सप्लाई कर बिजली चोरी की जा रही थी। ग्यारह दुकानों में 515 केवीए की विद्युत चोरी की जा रही थी।

तस्वीरों में दिखने वाला यह बॉटेनिकल गार्डन का मेट्रो स्टेशन जिसके भूतल पर चल रही ग्यारह दुकानों को डीएमआरसी को स्वीकृत हुई विधुत कनेक्शन से अवैध रूप से बिजली उपलब्ध कराई जा रही थी जिस पर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमटेड द्वारा डीएमआरसी पर विद्युत चोरी मामले में बड़ी कारवाही करते हुए डीएमआरसी के महाप्रबंधक मार्केटिंग सुरजीत कुमार दास,सुपरवाइजर महिपाल,विवेक अग्रवाल महाप्रबंधक दिल्ली मेट्रो,और सहायक सेक्शन इंजीनियर मेट्रो संदीप पर थाना सेक्टर -39 में मुकद्दमा दर्ज किया गया हैं। वही डीएमआरसी के महाप्रबंधक इलेक्ट्रिकल पर दस करोड़ से अधिक का अर्थ दंड का नोटिस भी जारी किया हैं।

 वही विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार का कहना कि  डीएमआरसी को वर्ष 2009 में मेट्रो रेल को दस हजार केवीए का विद्युत कनेक्शन दिया गया था जिससे डीएमआरसी द्वारा बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर बनी ग्यारह दुकानों पर अबैध रूप से बिजली की सप्लाई देकर क़रीब 515 केवीए की चोरी की जा रही थी, जिस पर विद्युत विभाग द्वारा बड़ी कारवाही करते हुए डीएमआरसी के महाप्रबंधक सहित चार लोगों के विरुद्ध भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 (1)ई के अंतर्गत विद्युत चोरी में मुकद्दमा दर्ज किया गया हैं। जिसके परिणामस्वरूप विद्युत विभाग द्वारा डीएमआरसी पर दस करोड़ बारह लाख इक्क्यानवे हजार दो सौ पैतालिस रुपये दंड का नोटिस भेजा गया हैं जिसकी बसूली के लिए यदि विभाग को जरूरत पड़ी तो जिलाधिकारी द्वारा रिकवरी भी जारी की जा सकती हैं।

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