अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने कहा कि बालिकाओं के हितों के लिए सभी को मिलकर हाथ बढ़ाना होगा

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Lokesh Goswami Ten News :

दिल्ली के इंडिया हैविटेट सेंटर में आयोजित यूनिसेफ के कार्यक्रम में अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने कहा कि बाल-विवाह का मुद्दा बहुत ही अहम है और इसको खत्म करने के लिए सिर्फ कानून बनाने से ही नहीं बल्कि हम सबको मिलकर एक साथ हाथ बढ़ाना होगा, क्योंकि मैं इस मुद्दे पर निजी तौर पर कुछ कह नहीं सकती, हां लेकिन अपनी पहचान द्वारा इसके खिलाफ बोल सकती हूं, और समाज को जागरूक कर सकती हूं, जिससे लोग अपनी सोच बदल सके

साथ ही कहा प्रियंका ने कहा कि हमारे लिए बेहद शर्म और चिंता की बात है जब छोटी लड़कियों की उम्र पढ़ने-लिखने और खेलने की होती है तब उनकी शादी कर दी जाती है ।और वह कम उम्र में मां बन जाती हैं, जिससे वे शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार भी नहीं होतीं, ऐसे में उनके सारे सपने टूट जाते हैं। मेरा सिर्फ एक ही सपना है कि सभी बच्चियों को समाज में समान अधिकार मिले, जिससे वे समाज में आगे बढ़कर अपने अधिकारों के साथ जी सकें।

बाल-विकास मंत्रालय की तरफ से भी प्रियंका ‘बेटी बचाओ’ और ‘बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम की ब्रांड एम्बेसडर भी हु। साथ ही कहा यह कार्यक्रम अब 161 जिलों से 640 जिलों में विस्तारित होने जा रहा है। अब वह अपनी पहचान द्वारा इस कार्यक्रम के विस्तार का माध्यम बनेंगीं। परिचर्चा के दौरान यूनीसेफ की भारत में प्रमुख यासमीन अली हक ने कहा कि हम सबको और पूरे समाज को कन्याओं के लिए मदद के लिए आगे आना होगा। तभी हम कन्याओं को उनके अधिकारों और उनके सम्मान के लिए तैयार कर पाएंगें।

प्रियंका कहती हैं कि आज महिलाओं को किसी भी सूरत में डरने की जरूरत नहीं है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि हमें ही समाज में बदलाव करना होगा, क्योंकि कोई दूसरा हमें बदलने नहीं आएगा। ऐसा बदलाव हमें अपने देश और अपनों से ही लाना होगा।

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