चुनावी व्यस्तता में अवैध खनन को भूला प्रशासन

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ग्रेटर न¨एडा;सतेन्द्र सिंहद्ध चुनावी व्यस्तता में जनपद में होने वाले अवैध खनन को अफसर भूल चुके हैं। जिससे खनन माफियाओं का पौ-बारह हो गया है। जनपद में कई स्थानों पर अवैध खनन का कार्य चल रहा है। उस पर जनपद में स्थाई खनन अधिकारी के न होने से खनन माफियाओं पर लगाम नहीं कसा जा रहा है। जनपद में खनन का कारोबार करोड़ों का है। हिंडन और यमुना नदी के डूब क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार चल रहा है। जबकि गांवों में कई स्थानों पर मिट्टी का खनन हो रहा है। जिसकी लगातार शिकायतें आ रही हैं, मगर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। एक महीने पहले जनपद से खनन अधिकारी का तबादला हो चुका है। गाजियाबाद के खनन अधिकारी पीके सिंह को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। पीके सिंह जनपद में मात्र तीन दिन ही कार्यालय में बैठते हैं। उस पर उन्हें लोकसभा चुनाव की ड्यूटी में लगाया गया है। चुनावी व्यस्तता के कारण वह भी जनपद में नहीं बैठ पा रहे हैं। वहीं, खनन संबंधित कार्य एडीएम प्रशासन को सौंपा गया है। जनपद में एडीएम प्रशासन की नई तैनाती हुई है। नव नियुक्त एडीएम प्रशासन चंद्रशेखर जब से आए हैं, वह चुनाव की व्यस्तता में उलझे हुए हैं। उनके पास अवैध खनन के दौरान पकड़ी गई दो दर्जन गाडियों पर जुर्माना लगाने की फाइल कई दिनों से पड़ी हुई है, मगर उन्हें छोड़ा नहीं गया है। प्रभारी खनन अधिकारी पीके सिंह का कहना है कि चुनावी व्यस्तता और दो जनपदों का प्रभार होने के वह इनफोर्समेंट का कार्य नहीं कर पा रहे हैं। दुर्गा शक्ति नागपाल प्रकरण के बाद आई सुस्ती पूर्व सदर एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के प्रकरण के बाद जनपद में अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई में सुस्ती आ गई है। प्रशासन खनन माफियाओं से इतना सहमा हुआ है कि उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रह है। इस प्रकरण को समाप्त हुए करीब छह महीने से अधिक हो चुके हैं और इस दौरान इनफोर्समेंट नहीं किया गया है। सिर्फ पुलिस द्वारा ही कार्रवाई की गई है।

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