जन कल्याणकारी योजना में लोन नहीं दे रहे बैंक ग्रेटर न¨एडा ;सतेन्द्र सिंह

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जिले में स्थित बैंकों द्वारा सरकारी योजनाओं पर रिण नहीं दिया जा रहा है। लाभार्थियों को रिण देने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। बड़ी योजनाओं में रिण देने में बैंक सबसे अधिक घबरा रहे हैं, जिससे ऐसी योजनाएं परवान नहीं चढ़ पा रही हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा कई जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रखी हैं। इन योजनाओं के तहत लाभार्थियों को बैंकों से रिण प्रदान कराया जाता है और लाभार्थी रिण प्राप्त कर रोजगार आदि करते हैं। सरकार द्वारा बीते साल कामधेनु योजना शुरू की गई है। इस योजना 120 लाख रुपये की है। जिसमे 90 लाख रुपये बैंक द्वारा लोन दिया जाएगा। जबकि 30 लाख रुपये लाभार्थी को अपने पास से लगाने हैं। बैंक से मिले लोन का 10 फीसदी वार्षिक की दर से ब्याज सरकार द्वारा दी जाएगी, जबकि 10 फीसदी से अधिक बैंक का ब्याज बनता है, उसे लाभार्थी अपनी जेब से देगा। इस योजना के तहत लाभार्थी के पास 3 एकड़ भूमि का होना अनिवार्य है। योजना का पिछले साल जमकर प्रचार प्रसार किया गया था, मगर शर्तों के आगे लोगों ने घुटने टेक दिए। जेवर से एक व्यक्ति द्वारा लोन मांगा गया। उक्त व्यक्ति द्वारा विभाग की सभी शर्तें भी पूरी कर दी है। प्रशासन द्वारा बैंक को रिण देने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। मगर अभी तक लाभार्थी को रिण नहीं मिला है। जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी प्रभंजन शुक्ला ने बताया कि बैंकों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं में सहयोग नहीं दिया जा रहा है। लाभार्थी द्वारा दर्जनों बार बैंक का चक्कर लगाया जा चुका है। अब एजीएम द्वारा टैक्निकल रिपोर्ट मांगी गई है। इस रिपोर्ट के बाद लाभार्थी को रिण दिया जाएगा। वहीं, सरकार द्वारा मिनी कामधेनु योजना शुरू की गई है। इसमें भी बैंकों द्वारा रिण देने को लेकर आनकानी की जा सकती है।

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