बगैर प्राधिकरण की एनओसी के बिजली कनेक्षन नही मिलेगा।

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हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में सिंचाई विभाग की जमीन पर मकान बनाने वाले लोगों को एनपीसीएल ने बिजली का कनेक्शन देना बंद कर दिया है। एनपीसीएल ने प्राधिकरण के निर्देश के बाद यह कदम उठाया है। डूब क्षेत्र में मकान बनाने वालों को प्राधिकरण से पहले एनओसी प्राप्त करनी होगी, जिसके बाद ही उन्हें एनपीसीएल कनेक्शन जारी करेगा। एनपीसीएल के पास कुछ दिनों में सौ से अधिक आवेदन आए हैं, जिन्हें निरस्त कर दिया गया है।
ग्रेटर नोएडा में हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में अवैध कालोनियां काटने का सिलसिला तेजी से चल रहा है। सिंचाई विभाग के क्षेत्र में आने वाली भूमि को काॅलोनाइजरों द्वारा किसानों से खरीद लिया जा रहा है और उस पर छोटे-छोट प्लाट काटे जा रहे हैं। हिंडन नदी के किनारे दर्जनों ऐसी काॅलोनियां बन कर तैयार हो चुकी है और उनमे लोग भी रह रहे हैं। यहां तक यहां रहने वाले लोगों को बिजली और रसोई गैस का कनेक्शन भी मिल चुका है। कृषि भूमि पर कालोनी बनाकर रहने वालों के खिलाफ प्राधिकरण सख्त हो गया है। प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमन और एनपीसीएल के अधिकारियों के साथ पिछले माह एक बैठक हुई थी। बैठक में चेयरमैन ने डूब क्षेत्र से बिजली कनेक्शन के लिए आने वाले आवेदनों को निरस्त करने का निर्देश दिया था। चेयरमैन ने स्पष्ट किया था कि अब आगे से ऐसे आवेदनों में प्राधिकरण की एनओसी लेनी जरूरी होगा यदि आवेदक के पास एनओसी नहीं है, तो उसे कनेक्शन नही दिया जाए। चेयरमैन के निर्देश के बाद एनपीसीएल ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एनपीसीएल के प्रवक्ता समरजीत मोहंती ने बताया कि पिछले कुछ दिनो मे करीब दो सौ ऐसे लोगों ने कनेक्शन के लिए आवेदन किया है जिनके पास एनओसी नहीं थी जिसके चलते सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया इसके साथ आवेदकों को भी सूचित किया जा रहा है कि अब किसी भी सूरत मे प्राधिकरण की एनओसी के बिना कोई कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। एनपीसीएल द्वारा कनेक्शन न मिलने से कालोनियों में रहने वालों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। समरजीत मोहंती का कहना है कि यहां पर एनपीसीएल द्वारा औचक निरीक्षण किया जा रहा है यदि कोई व्यक्ति बिजली चोरी करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ पुलिष मे रिपोर्ट दर्ज करायी जायेगी।

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