भारत के रीजनल सैटेलाइट सिस्टम से जुड़ा पहल ा वीटीएस मॉडयूल-यूट्रैक लॉन्च

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नई दिल्ली, 21 सितंबर: भारत के अपने जीपीएस मॉडयूल के बारे में काफी कुछ कहा जा रहा है और इसरो उसे आम लोगों को उपलब्ध करवाने के काफी करीब है। इसी के साथ ही रामाकृष्णा इलेक्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड और मोबाइलटेक ने यूट्रैक नाम का ट्रेकिंग मॉड्यूल लॉन्च कर दिया है, जोकि भारत के आईआरएनएसएस (IRNSS) पर आधारित है और वाहनों की लोकेशन को ट्रेस करने में मदद करेगा।

वीटीएस को लॉन्च करने के मौके पर इसरो की कमशिर्यल आर्म अंतरिक्ष की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, (आप्रेशंस) सुश्री सुमा डीआर, शंघाई मोबाइलटेक की एमडी सुश्री शैरी झू और रामाकृष्णा ग्रुप के चेयरमैन श्री सतीश लूथरा भी उपस्थित थे।

अभी तक के डिवाइसेस में आने वाली जीपीएस ऐप्लिकेशन्स अमेरिकी सैटलाइट्स द्वारा दी जा रही फीड पर आधारित थीं, लेकिन यूट्रैक भारत के खुद के सैटलाइट सिस्टम पर आधारित होगा, जिससे लोकेशन से संबंधित और भी सही और भरोसेमंद डेटा मिलेगा।

इस मॉडयूल में आईआरएनएसएस आधारित वीटीएस एप्लीकेशन है। आईआरएनएसएस, (IRNSS) भारत सरकार की स्पेस एजेंसी इसरो का उपक्रम है। आईआरएनएसएस यूजर रिसीवर मॉडयूल फ्रंट-एंड चिपसेट से एकीकृत है और साथ ही हाई परफॉर्मेंस एआरएम9 प्रोसेसर है, जिसे एक प्रमुख चिपसेट निर्माता द्वारा तैयार किया गया है। इसमें इंटर्नल एस रैम, यूएआरटी, यूएसबी, कैन और 10 बिट एडीसी है।

इस लॉन्च कार्यक्रम में दो जीपीएस मॉड्यूल लॉन्च किए गए। एक है L110 GNSS मॉड्यूल जोकि एक कॉम्पैक्ट नाविक मॉड्यूल है, जबकि दूसरा है L100 GNSS मॉड्यूल जोकि छोटे साइज का POT (Patch On Top) IRNSS मॉड्यूल है। इन मॉड्यूल्स को ट्रैकिंग के अलावा रेंज पता करने, कमांड देने, कंट्रोल करने और समय बताने जैसे अन्य कार्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। एल1110 को एक्सटर्नल एंटीना के उपयोग के लिए डिजाइन किया गया है।

इससे ऑटोमेटिव व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम, एसेट ट्रेकिंग, वीयरबल ट्रेकिंग, फ्लीट मैनेजमेंट, मोबाइल फोन, रेलवे, डिफेंस और समुद्री क्षेत्रों में व्यापक कार्यों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।

इसका व्यापक उत्पादन भारत में सफल प्रसार के बाद मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत किया जाएगा।

यूट्रैक को लॉन्च करने के मौके पर रामाकृष्णा इलेक्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड के एमडी श्री शिवांग लूथरा ने बताया कि ये उत्पाद इस समय की जा रही ट्रेकिंग के सिस्टम को पूरी तरह से बदल देगा। वह ग्राहकों को कई सारे फीचर्स वाले एल5 (IRNSS) और एल1 (जीपीएस और जीएनएसएस) बैंड प्रदान कर रहे हैं। ये भी माना जा रहा है कि आने वाले समय में भारत सरकार आईआरएनएसएस डिवाइस का उपयोग करना आवश्यक कर देगी और तब वीटीएस इंडस्ट्री इसके डिजाइंस में भी बदलाव करेगी।

श्री लूथरा ने बताया कि भारत में इस डिवाइस का एक बड़ा बाजार है और इसमें अपार संभावनाएं हैं। हम अपने पोर्टफोलियो को भी विस्तार प्रदान करेंगे और एक इंडियन मॉड्यूल के साथ ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करेंगे। साथ ही अपने सॉल्यूशंस से इंडस्ट्री की भी मदद करेंगे। हम काफी समय से मॉडयूल्स बेच रहे हैं लेकिन हम ट्रेकिंग डिवाइसेज, मोबाइल फोन के साथ चिपसेट्स का बाजार काफी बढ़ता हुआ देख रहे हैं।

उन्होंने बताया कि हमें उम्मीद है कि 2021 तक हम 100 प्रतिशत की विकास दर के साथ आगे बढ़ेंगे। इसके साथ ही हम मेक इन इंडिया अभियान में भी अपना योगदान देंगे। उन्होंने बताया कि आरईसी, भारतीय सेमिकंडक्टर डिस्ट्रीब्यूशन में एक बड़ी ताकत है और कंपनी का बड़ा नाम है। कंपनी लगातार नए नए सॉल्यूशंस ला रही है और ऐसी तकनीकों को विस्तार प्रदान कर रही हैं जो कि भविष्य की जरूरतों को पूरा करेंगी। हम मेक इन इंडिया के साथ इसरो-आईआरएनएसएस को भी प्रमोट करेंगे।

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