सुप्रीमकोर्ट द्वारा प्रस्तावित संसोधन के खिलाफ नॉएडा में दलित समुदाय ने किया शांतिपूर्ण प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

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PHOTO/VIDEO/STORY- JITENDER PAL- TEN NEWS (02/04/18)

नॉएडा : देश में आज जगह- जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं जिसके पीछे हैं सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया एक आदेश। दलित समाज से जुड़े एक कानून पर उच्चतम न्यायलय द्वारा एक संसोधन प्रस्तावित करने से आज पुरे देश में दलित समाज के लोगो में आक्रोश फैल चूका है।

जगह जगह आगजनी की घटनाएँ हो रही है नॉएडा में भी दलित उत्थान संघर्ष महासभा के नेतृव में आज सैकड़ो लोगो ने साथ मिलकर उच्चतम न्यायलय व् केंद्र सरकार के खिलाफ पैदल मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन भी सौपा, इस मौके पर दलित उत्थान संघर्ष महासभा के संयोजक गणेश जाटव ने कहा कि देश के उच्चतम न्यायलय ने दलित समाज के लिए कानून को प्रभावहीन किया है तथा दलित समाज पर शोषण को बढ़ावा देने का काम किया है हमारा समाज इस अधिनियम को किसी सूरत में नहीं मानेगा।
अक्सर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगो के खिलाफ दुष्कर्म , छेड़खानी उत्पीड़न और हिंसा जैसी अत्याचार की घटनाएं हमारे देश बड़ी सख्या में होती है जिसमे ज्यादातर केसो में पीड़ित बेहद गरीब होते है। हम महामहिम राष्ट्रपति और उच्चतम न्यायलय से अनुरोध करते है की आदेशित कानून को अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 में कोई बदलाव ना किया जाये। अगर उच्चतम न्यायलय अपने आदेशित उक्त कानून को वापस नहीं लेता है तो देश के अंदर दलित समाज अपने हक़ के लिए बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

आपको बता दे उच्चतम न्यायलय द्वारा 20 मार्च 2018 को अनुसूचित जाति अनु जनजाति अधिनियम 1989 ( अत्याचारों पर रोकथाम ) कानून पर एक संसोधन आदेश पारित किया है जिसमे गिरफ़्तारी के पूर्व जाँच को अनिवार्य किया गया है। हालांकि दलित समाज से जुड़े लोगो का मानना है कि इस संसोधन के बाद अनुसूचित जनजाति के लोगो पर अत्याचार करने वाले लोगो को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। इस विवादित संसोधन के बाद से दलित समाज के अंदर आक्रोश की भावना भड़क चुकी है लोग सड़को पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। हालाँकि गौतम बुद्ध नगर में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा है और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखा है।

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