ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की जगह में प्रोग्राम करने देना होगा चार्ज, निवासियों ने किया विरोध

Abhishek Sharma

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Greater Noida: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक बड़ा निर्णय लिया है। जिसका शहर के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि अगर प्राधिकरण ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन किया जाएगा। दरअसल, प्राधिकरण ने शहर के सेक्टरों के बीच खाली पड़ी जमीन और पार्कों में सांस्कृतिक, सामाजिक या वैवाहिक कार्यक्रम करने के लिए शुल्क लागू कर दिया है। हालांकि, सेक्टरों के बीच विकसित पार्कों को इस तरह के आयोजन से दूर रखा गया है।

ग्रेटर नोएडा शहर के सेक्टरों के बीच विकास प्राधिकरण की खाली जमीन पड़ी हैं। शहर के बाहरी सेक्टरों में अविकसित पार्क हैं। इनमें धार्मिक, सामाजिक और शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों का आयोजन लोग करते हैं। अभी आयोजन करने के लिए प्राधिकरण में एक आवेदन देना होता है। जिस पर प्राधिकरण का संपत्ति विभाग सहज अनुमति दे देता है। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। अब प्राधिकरण अपनी खाली भूमि या पार्क में आयोजन करने के लिए शुल्क लेगा।

इस बारे में प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि आयोजन के लिए निशुल्क भूमि देने पर आयोजक दुरुपयोग कर रहे हैं। सफाई नहीं करते हैं। चारदीवारी और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं। प्राधिकरण को इस नुकसान पर बिना वजह खर्च करना पड़ता है। शुल्क लगाने से यह खर्च निकाला जाएगा।

प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि यदि सेक्टर के लोग प्राधिकरण की भूमि का इस्तेमाल करते हैं तो 2,500 वर्ग मीटर तक के भूखंड के लिए प्रतिदिन 10 हजार रुपए देने होंगे। 5,000 वर्ग मीटर तक की जमीन के लिए 15 हजार रुपए प्रतिदिन, 7,500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के लिए 20 हजार रुपये प्रतिदिन और 10 हजार वर्ग मीटर तक के भूखंड के लिए 25 हजार रुपए प्रतिदिन की दर से भुगतान करना पड़ेगा। इससे ज्यादा बड़े क्षेत्रफल का इस्तेमाल आयोजन के लिए किया जाता है तो प्रतिदिन के हिसाब से 50 हजार रुपये देने होंगे।

सेक्टरों के विकसित पार्कों को किसी भी तरह के आयोजन के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। विकसित पार्कों में आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर कोई ऐसे पार्क में आयोजन करेगा तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।  दूसरी ओर विकास प्राधिकरण के इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है। फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए ने प्राधिकरण के इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है।

फेडरेशन के देवराज नागर ने प्रेस बयान जारी करके कहा, शहर में सेक्टर 36, 37, म्यू, ज्यू, ओमीक्रॉन, सिग्मा आदि करीब दो दर्जन सेक्टर ऐसे हैं जहां बारात घर अथवा कम्यूनिटी सेंटर प्राधिकरण ने अभी तक नहीं बनाया है। खाली पड़ी जमीन में झाड़ियां खड़ी हैं। उनकी साफ-सफाई करवाकर सेक्टर के लोग कोई कार्यक्रम आयोजित कर लेते थे। अब इसके लिए भी चार्ज देना होगा। प्राधिकरण की इस नीति का व्यापक स्तर पर विरोध किया जाएगा।

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