सौरभ भारद्वाज ने पूर्णिमा सेठी अस्पताल को लेकर बीजेपी पर साधा निशाना, लगाए गम्भीर आरोप

ROHIT SHARMA

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नई दिल्ली :– आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने भाजपा के भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए शुरू की गई भाजपा-181 मुहिम के तहत भाजपा की लूट की चौथी स्कीम का खुलासा किया।

 

आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा शासित साउथ एमसीडी के 100 बेड वाले पूर्णिमा सेठी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य 10 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। साउथ एमसीडी ने अस्पताल बनाने के लिए 2010 में टेंडर करके 9.88 करोड़ रुपए का ठेका दिया था, लेकिन बाद में नियमों में बदलाव करके उसी ठेकेदार को 30.96 करोड़ का दोबारा ठेका दे दिया।

 

इस अस्पताल को 2012 तक बना कर दिल्ली वालों को समर्पित किया जाना था, लेकिन आज भी इसका काम चल रहा है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एमसीडी ने निर्माण कार्य में देरी के बावजूद ठेकेदार पर किसी तरह का जुर्माना नहीं लगाया, उल्टा ठेकेदार को तय लागत 30.96 करोड़ की बजाय 35 करोड़ से अधिक का भुगतान कर दिया।

आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष के सवाल पर एमसीडी ने 28.53 करोड़ रुपए का भुगतान करने का झूठा दावा किया, जबकि आॅडिट रिपोर्ट में 35 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान होने का दावा किया गया है। आडिटर द्वारा अस्पताल के निर्माण में देरी होने का कई बार कारण पूछने के बाद भी साउथ एमसीडी ने कोई जवाब नहीं दिया।

 

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि जब इस संबंध में दक्षिण दिल्ली नगर निगम से आम आदमी पार्टी के नेता विपक्ष प्रेम सिंह चौहान ने लिखित रूप में जवाब मांगा तो भाजपा की नगर निगम ने उनको लिखित रूप में झूठा जवाब थमा दिया, जिसमें लिखा था कि कोई अधिक पेमेंट नहीं की गई है, बल्कि 28 करोड़ 53 लाख का ही भुगतान किया गया है, जो तय कीमत से कम है।

 

नगर निगम की ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस ऑडिट रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा हुआ है कि 35 करोड़ से अधिक राशि का भुगतान ठेकेदार को किया गया है। अस्पताल के संबंध में एक अन्य बात का खुलासा करते हुए सौरभ भारद्वाज ने बताया कि 10 साल बाद भी इस अस्पताल में केवल ओपीडी चल रही है, अन्य कोई सुविधाएं अभी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि ऑडिटर ने चार बार पत्र लिख कर अस्पताल को बनाने में हुई देरी का कारण निगम के अधिकारियों से पूछा, परंतु ऑडिटर को निगम की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। यही नहीं, जब आम आदमी पार्टी के नेता विपक्ष ने पत्र लिखकर पूछा कि इस अस्पताल को बनाने में हुई देरी का क्या कारण था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, क्या यह देरी सही है? एमसीडी ने जवाब दिया है कि अलग-अलग प्रकार के कारणों के चलते देरी हुई।

 

मैं यह सोचकर हैरान हूं कि यह डिपार्टमेंट कैसे चल रहा है। मैं इनके भ्रष्टाचार पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करता करके थक गया हूं और आप छापते छापते थक जाएंगे। इस पर सवाल पूछे जाने पर भाजपा प्रवक्ता जवाब देते हैं कि यह सब झूठ है। इनकी ऑडिटर लिखती हैं कि कांट्रेक्टर को तय रकम से चार करोड़ 72 लाख रुपए ज्यादा दिए गए और एमसीडी के कार्यों में इसका कहीं लेखा-जोखा नहीं है। इन्होंने कहीं भी नहीं लिखा है कि यह ज्यादा रकम क्यों दी जा रही है। अस्पताल में सिर्फ ओपीडी सेवाएं ही चालू हैं। इनकी ऑडिटर कहती हैं कि मैं कई चिट्ठियां लिख चुकी हूं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।

 

सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि एमसीडी की ऑडिटर को इनके बारे में लिखना पड़ रहा है। एमसीडी के स्वास्थ्य विभाग की आज यह हालत है। दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं में इनकी यह भागीदारी है। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम से आम आदमी पार्टी के नेता विपक्ष प्रेम सिंह चैहान ने खुद अस्पताल में जाकर वहां का निरीक्षण किया। उन्होंने सदन में भी भाजपा शासित एमसीडी से लगातार सवाल किए। अस्पताल की बिल्डिंग में नीचे (बेसमेंट) पानी भरा हुआ है। जहां पर अस्पताल में लिफ्ट लगनी है, उस गड्ढे में 10 फीट पानी भरा हुआ है। अगर कोई बच्चा या आदमी इसमें गिर जाता है तो वह डूब जाएगा। जिस जगह पर अस्पताल बना हुआ है वह इलाका ऐसा है कि वहां पर पानी का स्तर बहुत ऊपर है।

 

उन्होंने आगे कहा, जब इस इलाके में कोई भी बिल्डिंग बनती है, तो उससे पहले एजेंसी द्वारा सोइल टेस्टिंग करना अनिवार्य होता है। टेस्टिंग से पता चलता है कि उस जगह पर कोई बिल्डिंग बन सकती है या नहीं। क्या इस बिल्डिंग के बनने से पहले उसकी सोइल टेस्टिंग हुई थी? अगर हुई थी तो उसकी रिपोर्ट दी जाए। इस पर एमसीडी ने जवाब दिया है कि सोइल टेस्टिंग की रिपोर्ट मिल नहीं रही है उसे ढूंडा जा रहा है। मैं कहना चाहता हूं कि मीडिया द्वारा इसके बारे में न सिर्फ लिखा जाए बल्कि भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता जी से जवाब मांगा जाए।

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