दिल्ली में होटल और साप्ताहिक बाजार खोलने की मिली मंजूरी, जिम रहेंगे बंद

Rohit Sharma

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नई दिल्ली :– कोरोना महामारी के बीच दिल्‍ली में अनलॉक-3 के अंतर्गत होटल खोलने को मंजूरी मिल गई है , हालां‍कि देश की राजधानी दिल्ली में जिम फिलहाल बंद रहेंगे।

 

दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की बैठक में इस बारे में फैसला हुआ. साप्ताहिक बाजारों को मंजूरी मिली लेकिन फिलहाल ट्रायल बेसिस पर. बाद में इसकी समीक्षा की जाएगी।

 

गौरतलब है कि इससे पहले अनलॉक-2 पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद दिल्ली सरकार ने आदेश जारी किया था कि रात 10:00 बजे से लेकर सुबह 5:00 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा. अभी तक रात 9:00 बजे से लेकर सुबह 5:00 बजे तक नाइट कर्फ्यू था।

 

 

बता दें कि दिल्ली सरकार ने अनलॉक 3 के शुरुआत में ही यह फैसला लिया था कि केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार दिल्ली में भी होटल, जिम खुलेंगे। इसके साथ ही साप्ताहिक बाजार ट्रायल बेसिस पर खुलेंगे। सरकार के इस फैसले को बाद में उपराज्यपाल अनिल बैजल ने यह कहते हुए पलट दिया था कि इससे दिल्ली में कोरोना की स्थिति कभी भी खराब हो सकती है। आधिकारिक सूत्रों का कहना था कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण की हालत अभी भी गंभीर है। ऐसे में सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ जुटने से समस्या और गंभीर हो सकती है।

 

 

हालांकि एलजी के इस फैसले के बाद दिल्ली सरकार ने दोबारा ये प्रस्ताव उनके पास भेजा थे। आज जब दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट की बैठक हुई तो उसमें फैसला लिया गया कि होटल और साप्ताहिक बाजार जरूर खुलेंगे लेकिन जिम नहीं खोले जाएंगे।

 

उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्रों का कहना था कि इस मसले पर उपराज्यपाल की मुख्यमंत्री के साथ चर्चा हुई थी। इस मौके पर सहमति बनी थी कि कोरोना के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। संक्रमण फैलने का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। हालांकि, उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार के रेहड़ी-पटरी व फेरीवाले का काम शुरू करने के प्रस्ताव को इजाजत पहले ही दे दी थी, लेकिन साप्ताहिक बाजार और होटल खोलने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई थी।

 

 

अधिकारियों का कहना है कि साप्ताहिक बाजार और होटल व उससे जुड़े कारोबार में कोरोना के नियमों को लागू करना आसान नहीं होगा। इसके लिए पुलिस को अतिरिक्त ताकत लगानी पड़ेगी। इसके बावजूद, संभव नहीं कि बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क आदि के नियम प्रभावी तौर पर लागू किए जा सकें। ऐसे में इस फैसले को लंबित रखा गया था।

 

 

उधर, दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना था कि राजनिवास का आकलन गलत है। प्रस्ताव की डिटेल में गए बिना उपराज्यपाल ने फैसला किया है। अगर उपराज्यपाल राजी होंगे तो सरकार दोबारा प्रस्ताव भेजेगी। दिल्ली की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए छूट देना जरूरी है।

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