नोएडा – दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों से टेन न्यूज़ ने की खास बातचीत, कहा- बातें मानें नहीं तो जारी रहेगा अनिश्चितकालीन धरना 

ROHIT SHARMA

0 102

नोएडा :– दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर नौ दिन से भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर बैठे हुए हैं। केंद्र सरकार द्वारा किसानों के प्रतिनिधिमंडल से हुई बातचीत में भारतीय किसान यूनियन के भी 4 सदस्य शामिल थे, लेकिन बातचीत विफल होने की वजह से किसान अभी भी चिल्ला बॉर्डर पर डटे हुए हैं।

 

यही वजह है कि 9 दिन से दिल्ली जाने वाला रूट बाधित है और जो आम जनता है उसे खासी परेशानी हो रही है। लेकिन सरकार अब कल यानी 5 दिसंबर को फिर से किसानों के प्रतिनिधिमंडल से बात कर बीच का रास्ता निकालने का प्रयास करेगी।

नोएडा -दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों ने आज हवन किया। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के जिला अध्यक्ष राजीव नागर का कहना है की केंद्र को सुधबुद्धि देने के लिए भगवान से प्रार्थना की है , जिससे केंद्र सरकार तीनों काले कानून को वापस ले। वही नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर चल रहा किसानों का प्रदर्शन अब वाहन चालकों की राह में रोड़ा बन रहा है। व्यस्त समय में दफ्तर, फैक्टरी, काॅलेज जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

नोएडा – दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों का कहना है कि सरकार जब तक उनकी मांगे नहीं मानती है, वहां से हटने वाले नहीं है। क्योंकि अब किसान या तो अपनी मांगों को मनवा कर जाएगा या फिर ऊपर जाएगा।

टेन न्यूज़ की टीम ने किसानों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि आखिरकार उनकी कौन सी ऐसी मांगे हैं जिसको मानने से सरकार पीछे हट रही है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के नेता महकार नागर का कहना है की जब सरकार किसानों की हितैषी है और जो बिल लेकर आई है, अगर वह बिल किसानों के हित में है तो फिर किसान सड़कों पर क्यों है और अगर किसान मांग कर रहा है तो उस बिल में संशोधन या उसे वापसी लेने में सरकार कतरा क्यों रही है। क्योंकि सरकार तो कहती है कि हम किसान हितैषी हैं, किसान विरोधी नहीं।

बातचीत से यह स्पष्ट हो गया है कि किसान अब पूरी तरह से लामबंद हो चुके हैं और वह पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। यही वजह है कि किसानों ने साफ कह दिया तो सरकार उनकी बातें माने नहीं तो अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा |

Photo highlights of farmers protest at Noida-Delhi border

Leave A Reply

Your email address will not be published.