जीएनआइओटी में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन

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किसी भी शिक्षण संस्थान की प्रगति में शिक्षकगण एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए जीएनआइओटी में “अंतर्राष्ट्रीय मापदंडो के आधार पर शैक्षिक स्तर का विकास” विषय पर संकाय विकास कार्यक्रम (फैकल्टी डेवेलपमेंट प्रोग्राम) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उदेश्य शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप उत्तम शिक्षण के गुर बताना था। मौके पर मिडवेस्टर्न इलिनोइस यूनिवर्सिटी, यू एस के प्रोफेसर व एसोसिएट डीन- डॉ अनिल गुलाटी मुख्यातिथि के रूप में मौजूद थे। कार्यक्रम का सफल संचालन संस्थान के इ.सी. हेड- प्रोफेसर डॉ एम के दिवान के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में सभी शिक्षकों ने भाग लिया।

मुख्यातिथि- डा. अनिल गुलाटी ने कहा कि शिक्षकों के लिए खुद को अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक रूझानों के अनुरूप तैयार करना बहुत आवश्यक है ताकि उनके माध्यम से छात्र आने वाले चुनौतियों के लिए तैयार हो सके। आज के युग में आई टी इंडस्ट्री में हो रहे आश्चर्यजनक विकास ने औद्योगिक मांगो तथा रूझानों के मायने बदल दिए हैं। इसके कारण नये सोफ्टवेयर से लेकर उपकरणों तक बदल रहे, साथ ही पढ़ने का माध्यम डिजिटल होता जा रहा है, शिक्षको को इनसे भी पुरी तरह अवगत होना चाहिए।

प्रोफेसर डॉ एम. के. दिवान ने कार्यक्रम का महत्त्व बताते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में व्यवसायिक प्रशिक्षण बहुत आवश्यक है। ऐसे आयोजन से शिक्षको को मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक रूझान का पता चलता है। संकाय विकास कार्यक्रम शिक्षको में आत्मविश्वास लाते है और साथ ही अपने विषयों से जुड़ी नयी जानकारियों से अवगत कराते है। इन कार्यक्रमों से शिक्षकों का विकास तो होता ही है, पर साथ ही उन्हें छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा देने में मदद मिलती है।

यह एक दिवसीय कार्यक्रम दो सत्रों में हुआ। पहले सत्र में छात्रों के स्वभाव तथा ग्रहण करने की क्षमता के अनुसार पढ़ाने एवं मार्गदर्शन देने पर बल दिया गया। शिक्षकों ने पढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक तथा गैजेट्स इस्तेमाल की उपयोगिता और महत्व को समझा। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को अपनी बात स्पष्टता से रखने और छात्रो की कठिनाई और सुलझाने की नई तथा कारगर तकनीक बताई गई। दूसरे सत्र में फैकल्टी को अपनी बात रखने का मौका मिला। उन्होंने भी चर्चा में बढचढ कर भाग लिया, अपने प्रश्न पूछे तथा अपने अनुभव भी प्रस्तुत किये। मौके पर शिक्षकगण बहुत संतुष्ट दिखे। अंत में डॉ एम के दिवान ने धन्यवाद सहित कार्यक्रम का समापन किया।

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