वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर, खर्च नहीं हुए पैसे ग्रेटर न¨एडा ;सतेन्द्र सिंह

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जिला योजना के तहत स्वीकृत कार्यों को गुणवत्ता पूर्वक समय से पूरा करने का निर्देश दिया गया है। जिला योजना के कई कार्यों का अभी तक बजट नहीं प्राप्त किया जा सका है और प्राप्त बजट को खर्च भी नहीं किया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को शासन के निर्देशों के अनुपालन में कार्य करने का निर्देश दिया है।

कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी एचएल गुप्ता ने जिला योजना के कार्यों की विभागवार समीक्षा की। समीक्षा में पाया कि जिला योजना शासन के तहत 67 करोड़ 4 लाख रुपये का बजट स्वीकृत है। मगर अभी तक मात्र 7 करोड़ 2 लाख 28 हजार रुपये का बजट ही अवमुक्त हो सका है। इतनी कम धनराशि अवमुक्त होने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। डीएम ने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति में चंद महीने बचे हैं और अभी तक जिला योजना का बजट पचास फीसदी भी नहीं खर्च हो सका है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने लक्ष्यों को समय से पूरा करते हुए प्रतिमाह प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। डीएम ने पाया कि कृषि विभाग में 5 लाख के सापेक्ष 1.75 लाख रुपये अवमुक्त किया गया है। इसी प्रकार उद्यान में 10.70 लाख के सापेक्ष मात्र 50 हजार, पशुपालन में 26.67 के सापेक्ष 6.17, वन विभाग में 84.52 के सापेक्ष 18.54, ग्राम्य विकास विभाग में 159.69 के सापेक्ष 32.13 लाख, पंचायती राज विभाग में 189 लाख के सापेक्ष मात्र 23.85, खादी एवं ग्रामोद्योग में 70 लाख के सापेक्ष 21.40, बेसिक शिक्षा में 150 के सापेक्ष 24.85, माध्यमिक शिक्षा में 237.27 के सापेक्ष 53.68 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त हुई है। अनुसचित जाति कल्याण में 273.40 के सापेक्ष 60.87, समाज कल्याण में 979.31 के सापेक्ष 402.05, पिछड़ा वर्ग कल्याण में 116.12 के विरूद्व 28.10 धनराशि अवमुक्त हो पाई है। जिन विभागों को अभी तक धनराशि अवमुक्त नहीं हुई है, उसमें लघु सिचांई 3.80 लाख, सामुदायिक विकास में 60.00, वैकल्पिक उर्जा 41.68, लोक निमार्ण में 2871.20, पूल्ड आवास में 200.00, पर्यटन में 20, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य 135, आयुर्वेद चिकित्सा 59, होम्योपैथी में 10, महिला कल्याण में 54, जल निगम में 264, कार्यक्रम विभाग में 383 लाख रुपये शामिल है। डीएम ने सभी अधिकारियों को अपने विभाग में उच्च स्तरीय सम्पर्क कर स्वीकृत योजना की धनराशि अवमुक्त कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि सभी कार्य वित्तीय वर्ष में पूरा किए जा सके। बैठक में सीएमओ डाॅ. आरके गर्ग, डीएफओ अशोक कुमार, डीडीओ चैरसियाॅ, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नन्दनी सिंह आदि अधिकारी उपस्थित रहे।

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