बिल्डर के खिलाफ फ्लैट बायर्स के साथ बच्चों ने मूलभूत सुविधाओं के लिए किया प्रदर्शन

ABHISHEK SHARMA

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Greater Noida : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की टेक्जॉन 4 एलिगेंट विले बिल्डर की चोर बाजारी, एक फ़्लेट को दो बार बेचने, मूलभूत सुविधाओं से वंचित करने को लेकर सैकड़ों फ्लैट बॉयर्स व निवासियों ने नेफोमा बैनर तले प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी तादाद में महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन में निवासियों की मांग थी कि बिल्डर आधी-अधूरी सोसाइटी बनाकर लापता है। 6 डायरेक्टरो की बेनर पर लापता फ़ोटो लगाकर प्रदर्शन किया। निवासियों का आरोप है बिल्डर की तरफ से कोई भी अधिकारी बात करने के लिए नहीं आता है। बिल्डर ने अथॉरिटी के ड्यूज क्लियर नहीं किए हैं, ना ही ओसी, सीसी मिल पा रहा है। जिससे आगे जो फ्लैट बायर्स है उनको पजेशन भी नहीं मिल पा रहा है।

फ़्लेट बायर्स ने 2010 में फ्लैट बुक किया था।  2014 में बिल्डर को फ़्लेट की पजेशन  देनी थी, जिसमे बिल्डर ने 100 फ़्लेट बॉयर्स को पजेशन दी है। जिसमे  लगभग 100 फेमिली शिफ्ट हो चुकी है।  बिल्डर 6 डायरेक्टर है जो आपस मे लड़ते रहते है जिसका खामियाजा सोसायटी निवासियों और फ़्लेट खरीददारों को उठाना पड़ रहा है।

बिल्डर अभय शाही आम्रपाली बिल्डर का रिश्तेदार बताया जा रहा है। सोसाइटी में लगभग 750 फ़्लेट है। फ्लैट निवासियों की समस्या है कि जिन लोगों को रहने के लिए बिल्डर ने फ्लैट दिए उनको मूलभूत सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। सोसाइटी में सिक्योरिटी पॉइंट से जहां जिन टावर में सोसाइटी निवासी निवास कर रहे हैं वहां बैरिकेडिंग नहीं की गई है। दूसरे टावरों में काम चल रहा है, मलवा इधर-उधर फैला रहता है। सीवर का पानी खुले में एक गड्ढा बनाकर जमा हो रहा है जो कि नई नई बीमारियों को जन्म दे रहा है।

बच्चे खेलते हुए डरते हैं क्योंकि मलवा, ईट, सरिया खुले में पड़ा हुआ है जिनसे बच्चों को चोट लगने का डर रहता है और कई बार बच्चों को चोट लग गई। सोसाइटी निवासी मनीष पांडेय ने बताया कि एक साथ कई फ्लेट में चोरियां हुई हैं इसकी शिकायत थाना बिसरख में की गई बिल्डर को भी बताया गया लेकिन किसी भी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई। जो टावर में निवासी रह रहे है उनमें एक ही लिफ्ट काम कर रही है। अगर खराब हो जाती है तो महिलाओं और बुजुर्गों को बहुत दिक्कत होती है, बिल्डर हर बार झूठे आश्वासन देता है।

निवासियों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा जो फ्लैट में निवासी निवास कर रहे हैं उनको दो-दो बार बिल्डर ने बेच दिया अब बैंक वाले उस पर नोटिस चिपका कर जाते हैं। जो निवासी निवास कर रहा है उनको धमका कर जाते हैं कि यह फ्लैट तो बैंक का है, उसको सील कर देंगे क्योंकि यह फ्लैट दूसरे का है वह क़िस्त नहीं दे रहा था इसलिए इस को सील कर देंगे तो जो निवासी जो पहले खरीददार हैं वह डरे हुए हैं और डर के साए में जी रहे हैं।

नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि बिल्डर की शिकायत रेरा अध्यक्ष से की थी, बिल्डर ने बॉयर्स से पैसे लेकर कही और प्रोजेक्ट में लगा दिए है। जिसकी जांच की मांग करेंगे, रेरा द्वारा एस्क्रो अकाउंट खुलवाया जाए जिससे बिल्डर बाकी बचे हुए फ़्लेट के पैसे लेकर फंड ट्रांसफर न कर पाए। बिल्डर एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। खुले में सारा सामान पड़ा हुआ है,  बिना ग्रीन कपड़े के कंट्रक्शन का काम कर रहा है।

नेफोमा महासचिव रश्मि पांडेय ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा दृष्टि से सोसाइटी में बहुत खामियां है। सोसाइटी की बाउंड्री वाल टीन की है, सिक्योरिटी गार्डो की सैलरी तीन तीन महिनों से नही मिलती जिससे आए दिन गार्ड हड़ताल पर चले जाते है।

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