ग्रेटर नोएडा के लोगों ने जवानों पर हुए हमले पर दी अपनी प्रतिक्रिया

Abhishek Sharma / Photo & Video By Saurabh Kumar

0 265

Greater Noida (15/02/19) : सीआरपीएफ के 2500 से अधिक जवान 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे। इनमें से अधिकतर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद ड्यूटी पर लौट रहे थे। तभी एक आत्मघाती आतंकी ने विस्फोटक से भरी अपनी कार जवानों की बस से भिड़ा दी। इस बस में 39 से 44 के बीच जवान सवार थे। आतंकवादियों ने जिस स्थान पर घटना को अंजाम दिया है वह लाथपोरा के कमांडो ट्रेनिंग सेंटर से ज्यादा दूर नहीं है। यहां पर 31 दिसंबर 2017 को भी आतंकी हमला हो चुका है। इसमें सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए थे।

इसको लेकर पीएम मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी की अहम बैठक हुई। भारत ने इस हमले के तकरीबन 20 घंटे बाद पाकिस्तान के खिलाफ अहम फैसला लिया है। भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा छीन लिया है। भारत ने पाकिस्तान को 1999 में मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था। साथ भारत ने इंटरनेशनल कम्युनिटी में पाकिस्तान को अलग-थलग करने का फैसला भी लिया। इस बैठक में रक्षा, गृह, वित्त, विदेश मंत्रियों समेत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल शामिल हुए थे।



सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले को लेकर टेन न्यूज़ ने ग्रेटर नोएडा के लोगों से बात की और जाना कि इस हमले का जवाब किस तरह से पाकिस्तान को दिया जाए।

लोगों ने अपनी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि जवानों पर आतंकियों द्वारा किया गया हमला बेहद दुःखदायक है। बड़े ही खौफनाक तरीके से जवानों पर हमला किया गया है। शहीद हुए जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए उन्होंने कहा कि शहीद होने वालों में से कुछ जवान छुट्टी बिताकर वापस देश की रक्षा के लिए जा रहे थे। किसी को नहीं पता था कि घर से निकलते ही उनके साथ इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। अब समय आ गया है कि पकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाए।

वहीँ एक अन्य नागरिक ने कहा कि जवानों पर हुआ हमला काफी चौंका देने वाला था, इतने सारे जवान एक साथ शहीद होने की खबर से झटका लगा था। उन्होंने कहा कि ध्यान देने वाली बात यह है कि जब 2500 से ज्यादा सीआरपीएफ के जवान एक साथ बसों में जा रहे थे तो वह गाडी जिसमे आरडीएक्स रखा हुआ था वो जवानों के काफिले के बीच में कैसे आ गयी। कही न कहीं सुरक्षा में चूक जरूर हुई है जिसके चलते यह इतना बड़ा हादसा हुआ है। प्रधानमंत्री को जल्द से जल्द देश के जवानों की शहादत का बदला लेने के लिए रणनीति बनानी होगी।

ग्रेटर नोएडावासी नरेंद्र यादव ने बताया कि जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है तब से देश में काफी हद तक आतंकी हमलों में कमी आई है, लेकिन सीआरपीएफ के काफिले पर हुए इस हमले ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। एक साथ 45 जवानों का शहीद होना देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। देश को इसका बड़ा जरूर लेना चाहिए। जल्द से जल्द पकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब मिलना चाहिए जिससे कि आगे इस तरह का कदम उठाने से पहले वे दस बार सोचें। पीएम मोदी ने देश के लिए अच्छा काम किया है लेकिन उन्हें देश की सुरक्षा के बारे में भी सोचना चाहिए। एक जवान अपना सब कुछ त्यागकर देश की सेवा करते हुए अपनी जान न्यौछावर कर देता है। मोदी सरकार को इन जवानों के परिवार के लिए अच्छी सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए।

बिजनेसमैन अरविन्द सिंह ने बताया कि देश की रक्षा करने वाले जवान ही इस देश में सुरक्षित नहीं है हैं। जवानों का इतना बड़ा काफिला जा रहा था, इसकी जानकारी पहले से ही आतंकियों के पास कहाँ से आई। जवानों के काफिले के लिए भी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। पकिस्तान ने फिर अपनी कायरता दिखाते हुए जवानों पर हमला किया है। निश्चित ही पकिस्तान में घुसकर आतंकियों का सफाया किया जाना चाहिए। तभी जवानों की शहादत का बदला पूरा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि पकिस्तान ने हमारे 42 जवान मारे हैं हमें उनके 100 लोग मारने होंगे तभी देश की जनता को भी चैन मिलेगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.