अपनी मांगो को लेकर धरने पर बैठे गौतमबुद्ध विश्विधालय में सैकड़ों कर्मचारी

Abhishek Sharma

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ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्विधालय में सैकड़ों कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रशासनिक भवन के गेट पर धरने पर बैठे हुए है। कर्मचारियों ने मांग की है कि उनकी सैलरी में बढ़ोतरी की जाये और समय से बिना कटौती करे दी जाये। कर्मचारियों का आरोप है कि विश्विद्यालय की ओर से सैलरी समय पर नहीं दी जाती है और बिना किसी कारण के कभी भी वेतन में कटौती कर देते है।

विश्विद्यालय के करीब 300 कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं, जिसमे गार्ड, लैब असिस्टेंट, सफाई कर्मचारी, ऑफिस असिस्टेंट व ड्राइवर शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बहिय प्रदाता एजेंसी के सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को जो वेतन पहले टेंडर प्रक्रिया में दिया जा रहा था वही वेतन उन्हें नए टेंडर प्रक्रिया में दिया जा रहा है। पिछल तीन वर्ष छः महीने तक उन्होंने एक ही वेतन पर काम किया और आने वाले दो वर्षों तक नए टेंडर के तहत उसी वेतन पर काम करना पड़ेगा। उन्होंने मांग की है कि उनका वेतन बढ़ाया जाये इतनी महंगाई के दौर में मिल रहे वेतन में घर चलाना मुश्किल हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई के लिए भी पैसे नहीं चुका पा रहे है। उन्होंने मांग क है कि उत्तर प्रदेश सरकार के नए मापदंडो के तहत उनके वेतन में वृद्धि की जाए, जब तक उनकी समस्याओं का हल नहीं निकला जाता है तब तक वे धरने पर बैठे रहेंगे। 

विश्विद्यालय के कर्मचारी राम प्रवेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि अब अक्टूबर का महीने चल रहा है लेकिन उन्हें सितम्बर का वेतन भी नहीं दिया गया है। जबकि अगस्त म जो वेतन सभी कर्मचारियों को दिया गया था उसमे से भी 1 हजार रूपये सभी कर्मचारियों के वेतन में से काट लिए गए थे। जिसकी शिकायत उन्होंने पूर्व वाईस चांसलर प्रभात कुमार से करने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें अंदर ऑफिस में दाखिल नहीं होने दिया गया। उन्होंने बताया कि असिस्टेंट रजिस्ट्रार पप्पन बाबू ने कर्मचारियों से कहा कि हजार रूपये ही तो काटे हैं इतने में मर थोड़ी न जाओगे। जब इस बात का विरोध हुआ तो उन्होंने 10 दिन का समय माँगा और कहा कि जल्द ही उनके पैसे उन्हें सौंप दिए जायेंगे।

धरने पर बैठे सभी कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें वाइस चांसलर से मिलकर अपनी मांगे उनके समक्ष रखनी है। लेकिन वाईस चांसलर बी पी शर्मा ने उनकी कोई बात नहीं सुनी और पत्र ऑफिस में पहुंचाने की बात कहकर वो वहां से चले गए।

विश्विद्यालय के रजिस्ट्रार बच्चू सिंह ने बताया कि धरने पर बैठे सभी कर्मचारी निजी कंपनी के है इनका विश्विद्यालय से कोई लेना देना नहीं है लेकिन फिर भी कंपनी के कांट्रेक्टर से बात की जाएगी और मामले का हल निकाला जाएगा। सभी कर्मचारियों से बात करके उन्हें वापस काम पर भेजने के लिए कहा गया है। उम्मीद है कि जल्द से जल्द धरने को समाप्त करा दिया जाएगा।

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