आई.टी.एस. इंजीनियरिंग काॅलेज, अतिथि व्याख्यान का आयोजन।

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GREATER NOIDA LOKESH GOSWAMI  1

ए.सी.एम., आई.टी.एस. इंजीनियरिंग काॅलेज छात्र शाखा के अध्याय एवं कम्प्यूटर साइंस विभाग ने ’अनुसंधान क्यों और कब ’’विषय पर डा0 अदित्य अभ्यंकर द्वारा अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय अतिथि डा0 अदित्य अभ्यंकर का स्वागत डा. आशीष गुप्ता, अध्यक्ष, कम्प्यूटर साइंस एवं इनफारमेशन टेक्नोलाॅजी विभाग ने गुलदस्ता प्रस्तुति के साथ किया। इसके उपरांत सुश्री लुबना अंसारी, सहायक प्रो0, कम्प्यूटर साइंस विभाग ने डा0 अदित्य अभ्यंकर के बारे संक्षेप में जानकारी देते हुए बताया कि वह टेक्नाॅलाॅजिस्ट, प्रख्यात ए.सी.एम. वक्ता, शोधकर्ता, सलाहकार एवं लेखक हंै। डा0 अदित्य अभ्यंकर वर्तमान में एस.पी. पुणे विश्वविद्यालय में डीन एवं प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। डा0 अदित्य विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय की सलाहकार समिति एव ंबी.ओ.एस. (अध्ययन के
बोर्ड) से जुडे़ हुए है। उन्होंने बी.टेक. पुणे विश्वविद्यालय, एम.एस. एवं पी.एच.डी. क्लार्कसन विश्वविद्यालय, न्यूयाॅर्क अमेरिका और एम.ऐ. (संस्कृत) और एम.बी.ए. (फाइनेन्स) से की है। डा0 अदित्य के 5 अमेरिकी और 14 भारतीय पेटेंट और 5 अमेरिकी काॅपीराइट एवं 180 अंतराष्ट्रीय सम्मेलनों में रिसर्च पेपर है। इसके उपरांत माननीय अतिथि डा0 अदित्य अभ्यंकर अपना व्याख्यान शुरू करते हुए बताया कि अनुसंधान क्या है और क्यों यह शिक्षा प्रणाली में शुरू से ही महत्वपूर्ण है। उन्होनें संक्षेप में बताया कि हमें सब कुछ आंख बंद कर के स्वीकार नहीं करना चाहिए एवं हमें शिक्षा के हर स्तर में शोध करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने गूगल कम्पनी में प्रशिक्षु के रूप में अपने मूल्यवान अनुभवों को सांझा किया। डा0 अदित्य ने विभिन्न वैज्ञानिकों के उदाहरण प्रस्तुत किये एंव एप्साइलाॅन के महत्व के बारे में बताया। डा0 अदित्य ने विभिन्न उदाहरणों द्वारा अपनी बात पर जोर दिया की हमें दूसरे की बताई हुइ सभी बातों पर आंख बंद कर के पालन नहीं करना चाहिए और शोध की ओर अग्रसर होना चाहिए। इस व्याख्यान में संस्थान के कम्प्यूटर सांइस एवं इन्फारमेशन टेक्नालाजी विभाग के बी.टेक द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों ने भाग लिया एवं प्रश्नों द्वारा अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अंत में कम्प्यूटर साइंस विभाग की सहायक प्रोफेसर, सुश्री लुबना अंसारी ने डा0 अदित्य अभ्यंकर का आभार प्रकट किया एवं सुश्री प्रियंका चावला ने समृति चिन्ह भेंट करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

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