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ग्रेटर नोएडा : कैलाश अस्पताल 1 फरवरी से बनेगा नॉन कोविड हॉस्पिटल , 97 प्रतिशत कोरोना संक्रमित हुए ठीक

ROHIT SHARMA

ग्रेटर नोएडा :– देश मे कोरोना का प्रकोप कम होता जा रहा है , जिसको देखते हुए देश मे बहुत से कोविड अस्पताल अब नॉन कोविड होते जा रहे है । वही इस कड़ी में अब ग्रेटर नोएडा का कैलाश अस्पताल नॉन कोविड अस्पताल घोषित होने जा रहा है ।

 

आपको बता दें कि 1 फरवरी से अब ग्रेटर नोएडा का कैलाश अस्पताल नॉन कोविड अस्पताल होगा , जिसको लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है । अब पहले की तरह सारी सुविधाएं बहाल कर दी गई है । ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल को कोविड अस्पताल इसलिए बनाया गया था कि क्योंकि उस समय गौतमबुद्ध नगर में कोरोना संक्रमितों की संख्या बहुत ज्यादा थी ।

 

 

ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल में 2200 कोरोना संक्रमितों का इलाज किया गया , खासबात यह है कि 97 प्रतिशत मरीज इस अस्पताल से स्वस्थ होकर अपने घर पहुँचे है । वही अब इस अस्पताल में कोरोना वैक्सिनशन का काम चल रहा है , स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जा रहा है ।

 

वही इस मामले में कैलाश अस्पताल के मेडिकल सुप्रिडेंट नितिन श्रीवास्तव ने टेन न्यूज़ को बताया कि गौतमबुद्ध नगर में कोरोना केस बढ़ रहे थे , जिसके चलते जिला प्रशासन ने इस अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाया था , लेकिन अब हमारे अस्पताल में कोई भी कोविड मरीज नही है , जिसके चलते जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब हमारा अस्पताल नॉन कोविड होगा ।

 

 

साथ ही उन्होंने कहा कि अब हर बीमारी का इलाज ग्रेटर नोएडा के निवासी कैलाश अस्पताल में करवा सकते है , साथ ही 1 फरवरी से सभी ओपीडी शुरू हो जाएगी । 2200 संक्रमितों को इलाज किया जा चुका है , अब एक भी कोविड मरीज हमारे अस्पताल में नही है ।

 

ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल के निदेशक दिनेश शर्मा ने कहा कि हमारे अस्पताल से 97 प्रतिशत कोरोना संक्रमित ठीक होकर अपने घर पहुँचे है , कोरोना महामारी में सबसे ज्यादा योगदान कैलाश अस्पताल का रहा है , जिला प्रशासन के साथ हमेशा खड़ा रहा है । 2200 मरीजों का इलाज किया गया , जो एक चुनौती पूर्ण रहा , हमारे बहुत से मेडिकल स्टाफ संक्रमित हुए , लेकिन हमने हार नही मानी ।

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