लोरिआल पेरिस ने लॉन्च किया अन्तर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रोग्रामः स्टैण्ड अप अगेन्स्ट स्ट्रीट हरासमेन्ट

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मुंबई, 27 नवम्बर, 2020: महिलाओं के प्रति़ हिंसात्मक व्यवहार के उन्मुलन के लिए संयुक्त राष्ट्र के अन्तर्राष्ट्रीय दिवस पर लोरिआल पेरिस ने स्ट्रीट उत्पीड़न खिलाफ़ अन्तर्राष्ट्रीय बायस्टैण्डर प्रशिक्षण प्रोग्राम स्टैण्ड अप का लॉन्च किया है| कॉलेजों से लेकर सार्वजनिक परिवहन, बाज़ारों और ऑनलाईन स्पेस तक स्टैण्डअप, 1 मिलियन लोगों को 5 डीः डायरेक्ट, डेलीगेट, डॉक्यूमेन्ट, डिस्ट्रैक्ट और डीले में प्रशिक्षित करेगा, यह बायस्टैण्डर हस्तक्षेप प्रशिक्षण एनजीओ होलाबैक के नेतृत्व में तथा उनके विशेषज्ञों द्वारा अनुमोदित होगा। विटनैस द्वारा उत्पीड़न के मामलों में उचित कार्रवाई करने और इस तरह सार्वजनिक स्थलों को सुरक्षित बनाने की कोशिश के लिए बायस्टैण्डर इंटरवेंशन शब्द का उपयोग किया जाता है। इस प्रशिक्षण को भारत के स्थानीय समुदायों तक पहुंचाने के लिए लोरिआल पेरिस ने ऑन-ग्राउण्ड प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु एनजीओ  ब्रेकथ्रू के साथ भी साझेदारी की है। स्टैण्डअप के माध्यम से लोरिआल पेरिस भारत में 2022 तक 1 मिलियन प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिसका आयोजन ऑनलाईन एवं ऑनग्राउण्ड दोनों तरह से किया जाएगा।

स्टैण्डिंग अप-स्ट्रीट उत्पीड़न के खिलाफ़ एक अभियान

ब्रेकथ्रू द्वारा ऑन-ग्राउण्ड प्रशिक्षण वेबसाईट www.StandupIndia.com द्वारा ऑनलाईन प्रशिक्षण और सोशल मीडिया द्वारा स्टैण्डअप अपस्टैण्डर्स की एक कम्युनिटी तैयार की जाएगी। इस कम्युनिटी को 5 डीः डायरेक्ट, डेलीगेट, डॉक्यूमेन्ट, डिस्ट्रैक्ट और डीले में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसकी शुरूआत होती है डिस्ट्रैक्शन से, जो कि सरल तरीके से किसी घटना को बाधित करता है, उदाहरण के लिए समय पूछ कर या रास्ता पूछ कर। स्टैण्डअप आम जनता में उत्पीड़न के बारे में ध्यान केन्द्रित करते हुए खासतौर पर जो महिलाएं अनुभव करती हैं, उत्पीड़न करने वालों को रोकने का प्रयास करेगा, पीड़ितों को सहयोग प्रदान करेगा और बायस्टेण्डर्स को सुरक्षित तरीके से हस्तक्षेप करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

‘ब्रेकथ्रू पिछले 20 सालों से महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा और भेदभाव के खिलाफ़ काम कर रहा है। हमें गर्व है कि हम युवाओं के सशक्तीकरण के लिए लोरिआल पेरिस के साझेदार हैं ताकि युवा न सिर्फ आज बल्कि भविष्य में भी अपने एवं दूसरों के लिए काम करने में सक्षम रहें। बायस्टैण्डर्स अक्सर स्ट्रीट उत्पीड़न की स्थिति का सामना करने के लिए तैयार नहीं होते और ऐसी स्थिति में अपने आप को लाचार महसूस करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक 5डी तकनीक के ज़रिए, स्टैण्ड अप नागरिकों के लिए एक आह्वान होगा, जो उन्हें सरल एवं प्रभावी प्रशिक्षण के द्वारा इस उत्पीड़न को रोकने में सक्षम बनाएगा, जिससे वे न केवल पीड़ितों की मदद कर सकेंगे, बल्कि बायस्टैण्डर्स को भी सुरक्षित रूप से हस्तक्षेप करने में सक्षम बना सकेंगे। स्टैण्ड अप सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।’ सोहिनी भट्टाचार्य, प्रेज़ीडेन्ट एवं सीईओ, ब्रेकथ्रू इंडिया ने कहा।

स्टैण्डिंग अप-सभी के सेल्फ-वर्थ के लिए

अपनी टैगलाईन ‘वर्थ इट’ के अनुरूप लोरिआल पेरिस अपनी पहल से ऐसी बाधाओं पर काम करता है जो महिलाओं को अपने उपर विश्वास करने में तथा अपनी सेल्फ-वर्थ महसूस करने में रूकावट है।अपनी विश्वस्तरीय पहुंच का उपयोग करते हुए स्टैण्ड अप अभियान ब्राण्ड के महिलाओं के प्रति सहयोग को सार्वजनिक स्थलों में विस्तृत करते हुए ऐसे भयभीत करने वाले व्यवहार की रोकथाम करने के लिए होगा जो लड़कियों और महिलाओं की आज़ादी के बोध को प्रभावित करता है और दुनिया में आगे बढ़ने से रोकता है।

‘लोरिआल पेरिस महिलाओं के जीवन से जुड़े हर पहलु को सशक्त बनाने के लिए पक्ष में है। महिलाओं की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के रास्ते में आने वाली रूकावटों को दूर करने हेतु हम उनकी सेल्फ-वर्थ को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। दुनिया भर की महिलाओं और लड़कियों के लिए सार्वजनिक स्थानों पर स्ट्रीट उत्पीड़न मुख्य समस्या है, जिसका बुरा असर उनके आत्म विश्वास पर भी पड़ता है। एनजीओ साझेदार ब्रेकथ्रू के सहयोग से हम महिलाओं और पुरूषों को स्टैण्डअप के लिए आमंत्रित करते हैं ताकि वे जब भी स्ट्रीट पर इस तरह का उत्पीड़न देखें या अनुभव करें, इसके खिलाफ़ सुरक्षित प्रतिक्रिया कर सकें। एक साथ मिलकर हम लड़कियों और महिलाओं के लिए ऐसी दुनिया का निर्माण कर सकते हैं, जो स्ट्रीट उत्पीड़न से मुक्त हो और जहां वे विश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगी। पाउ ग्रुअर्ट, जनरल मैनेजर, लोरिआल पेरिस, भारत

‘हममें से कितने लोग ऐसा व्यवहार देख उसे अनदेखा कर जाते हैं क्योंकि हमें नहीं पता होता कि हम मदद कैसे कर सकते हैं? हम दुनिया भर में हर वर्ग, हर पीढ़ी के लोगों, पुरूषों और महिलाओं को 5डी में प्रशिक्षित करने के लिए लोरिआल पेरिस के साथ साझेदारी कर रहे हैं, ताकि वे रोज़मर्रा में अपने सामने होने वाले इस तरह के उत्पीड़न को पहचान कर इसमें उचित हस्तक्षेप कर सकें। इस साझेदारी में इस मुद्दे पर एक बड़ा बदलाव लाने की शक्ति है। एक साथ मिलकर हम सार्वजनिक स्थलों को महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षित बना सकते हैं।’एमिली मे, सह-संस्थापक एवं कार्यकारी निदेशक, होलाबैक

द ग्लोबल स्टडी

लोरिआल पेरिस द्वारा इप्सोस और कोरनेल युनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के साथ साझेदारी में सार्वजनिक स्थलों पर यौन उत्पीड़न पर किए गए एक अन्तर्राष्ट्रीय सर्वेक्षण के मुताबिक 78 फीसदी महिलाओं को सार्वजनिक स्थलों पर यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है, सिर्फ 25 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें मदद मिली, 79 फीसदी ने बताया कि किसी के हस्तक्षेप के बाद स्थिति बेहतर हुई। यह सर्वेक्षण दुनिया के 8 देशों: भारत, कनाडा, फ्रांस, इटली, मैक्सिको, स्पेन, यूके, यूएसए में किया गया।

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