कोविड दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय खोलने के लिए हुई बैठक

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उत्तर प्रदेश सरकार ने काॅलेज एवं विश्वविद्यालय में शैक्षिक कार्यकलाप को चलाने के लिए सरकारी आदेश जारी किए गए हैं। जिसके तहत विश्वविद्यालय को चरणवार तरीके से खोलने की संतुष्टी की है और साथ ही अनिवार्य ढंग से कोविड-19 के तहत जारी दिशा निर्देशों को पूरी तरह से पालन करने की हिदायत भी दी है।

इसके तहत गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक हुई और विश्वविद्यालय को पुन: खोलने पर विचार किया गया।

मीडिया प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि समिति में विचार के लिए कई बिन्दुओं पर विशेष विचार हुई। विश्वविद्यालय के सभी छात्र-छात्रा को छात्रावास में रहना अनिवार्य है। छात्रावास खोलने के पहले हॉस्टलों में कोविड दिशानिर्देश के तहत पूरी तैयारी सुनिश्चित करना। छात्रों के बीच छात्रावास में सामाजिक दूरी स्थापित करना तथा मेस में खाने पीने की उचित व्यवस्था के साथ दूरी बनाए रखने जैसे अहम बिन्दुओं पर विचार हुआ।

उन्होंने बताया कि उपर्युक्त बिदुओं को ध्यान में रखते हुये निम्नलिखित निर्णय लिए गये हैं। पहले चरण में फिलहाल विश्वविद्यालय शोधार्थीयों के लिए ही खोला जायेगा और वो भी वैसे शोधार्थीयों के लिए जो आस-पास के हैं और छात्रावास में नहीं रहते थे या छात्रावास में रहने की मांग नहीं करेंगे। उन्हें ही विश्वविद्यालय आने की अनुमति दी जाएगी।

दूसरे चरण में विश्वविद्यालय सिर्फ शोधार्थीयों एवं वैसे छात्रों के लिए खोला जायेगा जो विभिन्न प्रोजेक्टस और शोध कार्यों में संलग्न हैं और शोध कार्य ना आने से शोध पर बुरा असर पद रहा हो। इस चरण में छात्रों को छात्रावास में रहने के लिए अनुमती रहेगी एवं उसके लिए छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावासों को चिन्हित कर जरूरी व्यवस्था की जायेगी ताकि किसी भी प्रकार कोविड दिशानिर्देश का उलंघन ना हो।

साथ ही छात्र एवं छात्राओं के लिए दो अलग-अलग क्वारंटाइन सेंटर को भी चिन्हित कर तैयार रखा जायेगा ताकि जरूरत पड़ने पर कोई परेशानी का सामना ना करना पडे। फिलहाल स्नातक एवं स्नातकोत्तर के छात्रों के लिए विश्वविद्यालय तीसरे चरण में खोलने पर विचार करेगी। इस विषय पर अभी दिल्ली एवं नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बढते कोरोना की स्थिति को देखते हुए कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इस पर उचित समय पर निर्णय होगा।

यहाँ यह जानकारी देना भी जरूरी है कि छात्रों को जब भी विश्वविद्यालय आने को कहा जायेगा, उन्हें विश्वविद्यालय में प्रवेश उन छात्रों को ही मिलेगा जो अपने माता-पिता या अभिवावक से अनुमती ले कर आयेंगे।

उन्होंने बताया कि इस महामारी के दौर में भी विश्वविद्यालय ने इस शैक्षणिक सत्र में भी पिछले वर्ष हुये नामांकन के आस पास इस वर्ष भी नामांकन कर लिया है, जो की एक बडी उपलब्धी है। विश्वविद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया 20 नवंबर से समाप्त हो गयी है एवं नव-प्रवेशित लगभग सभी छात्रों की क्लसेस भी शुरु हो गयी है।

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