मिनी कामधेनु योजना के तहत मिले ढेरों आवेदन, विभाग परेशान

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जिले में शासन द्वारा संचालित मिनी कामधेनु योजना का लाभा प्राप्त करने वालों की तादात काफी हो गई है। इसका विभाग को अंदाजा भी नहीं था। जिले में एक या दो लोगों को ही योजना का लाभ मिलना है, जबकि आवेदकों की संख्या 200 के पार हो गई है। अब विभाग को इनके चयन में माथा पच्ची करनी होगी।
गौरतलब है कि दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाने और प्रदेश में दूध का उत्पाद बढ़ाने के लिए शासन द्वारा पहले कामधेनु योजना लाई गई थी। जिसका बजट करीब 1.3 करोड़ रुपये था। इस योजना के प्रति लोगों ने रूचि नहीं दिखाई थी। जिसके बाद शासन ने योजना को दो भागों में बांटकर मिनी कामधेनु योजना का लाया। इस योजना के तहत शासन द्वारा 52 लाख रुपये का रिण दिया जाएगा। इसमे 13 लाख रुपये लाभार्थी को अपने पास से लगाना होगा। प्राप्त रिण पर लाभार्थी को कोई ब्याज नहीं देना होगा। ब्याज को शासन द्वारा भरा जाएगा। इस तरह योजना के तहत करीब 13 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त होगा। इस योजना का बजट कम होने के कारण जिले के लोगों ने हाथों हाथ लिया है। जिला पशु चिकित्सा विभाग द्वारा योजना के तहत एक से 10 दिसम्बर तक आवेदन मांगा गया था। इतने कम समय में भी लोगों ने अधिक आवेदन भरा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, योजना के तहत अब तक दो सौ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। पूरे प्रदेश में करीब 150 लोगों को लाभ दिए जाएंगे। इस लिहाज से प्रत्येक जनपद में दो लोगों को लाभ दिया जाना है। हालांकि इसके लिए कोई लक्ष्य नहीं निर्धारित किया गया है। विभाग की माने तो अधिकांश लोगों द्वारा शर्तों को पूरा करने का दावा किया है। अभी आवेदनों की जांच की जा रही है। इसे जिला प्रशासन द्वारा गठित कमिटी के पास रखा जाएगा और यहां से लाभार्थी के चयन के लिए शासन को भेजा जाएगा। जिला पशु चिकित्साधिकारी प्रभंजन शुक्ला का कहना है कि अधिक आवेदन सही पाए जाते हैं, तो चयन के लिए कई अन्य विकल्पों को लिया जाएगा। ताकि आवेदकों की संख्या कम हो सके।

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