गर्भवती महिला की मौत मामले में सीएमओ ने सौंपी रिपोर्ट, डीएम ने की कार्रवाई की सिफारिश

Abhishek Sharma

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नोएडा में गर्भवती महिला को अस्पताल में समय पर दाखिल न करने और इलाज के आभाव में मौत के मामले में जिला प्रशासन ने लापरवाह अधिकारियों को हटाने के लिए सरकार से सिफारिश की है।

जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने नोएडा के ईएसआईसी अस्पताल, जिला अस्पताल और ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के अधिकारियों और डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया है। तीनों अस्पतालों के अफसरों, डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर, सस्पेंशन और ट्रांसफर करने की सिफारिश की है।

दरअसल, 5 जून की रात गाजियाबाद के खोड़ा की रहने वाली गर्भवती नीलम की मौत हो गई थी। वो गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 8 अस्पतालों में इलाज के लिए गई। लेकिन उसे कहीं इलाज नहीं मिला और उसने बाद में दम तोड़ दिया।

ये मामला मीडिया की हेडलाइन्स के लेकर सोशल मीडिया पर छाया रहा। जिसके बाद गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन मुनींद्र उपाध्याय और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक ओहरी को मामले की जांच के आदेश दिए।

दोनों अधिकारियों ने 7 जून को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी दी थी। वहीं, अब मंगलवार को जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने इस मामले में आदेश और सिफारिश जारी की है।

दरअसल, 5 जून की रात गाजियाबाद के खोड़ा की रहने वाली गर्भवती नीलम की मौत हो गई थी। वो गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 8 अस्पतालों में इलाज के लिए गई। लेकिन उसे कहीं इलाज नहीं मिला और उसने बाद में दम तोड़ दिया। ये मामला मीडिया की हेडलाइन्स के लेकर सोशल मीडिया पर छाया रहा।

जिसके बाद गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन मुनींद्र उपाध्याय और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक ओहरी को मामले की जांच के आदेश दिए। दोनों अधिकारियों ने 7 जून को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी दी थी। वहीं, अब मंगलवार को जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने इस मामले में आदेश और सिफारिश जारी की है।

जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि दोनों अधिकारियों की जांच आख्या में स्पष्ट किया गया है कि परिजन नीलम को लेकर सबसे पहले नोएडा के सेक्टर 24 में ईएसआईसी अस्पताल पहुंचे थे। ईएसआईसी अस्पताल में सारी सुविधाएं और वेंटिलेटर उपलब्ध हैं, बावजूद इसके नीलम को वहां उपचार नहीं दिया गया।

उसे ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान रेफर कर दिया गया। ईएसआईसी अस्पताल के कर्मचारियों ने मामले में लापरवाही बरती। नीलम को ग्रेटर नोएडा जिम्स ले जाने की बजाए नोएडा सेक्टर 30 में जिला अस्पताल में छोड़ दिया गया। इस पूरे मामले में सबसे पहले ईएसआईसी अस्पताल के मैनेजमेंट, कर्मचारी और डॉक्टरों ने बड़ी गलती की है।

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