नोएडा लोकमंच ने मुंशी प्रेमचंद की 139 वी वर्षगांठ मनाई, साहित्य व रचनाकार से जुड़े लोगो सम्मानित किया

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(02/08/2019) नोएडा लोकमंच अपने सांस्कृतिक प्रकल्प पहला कदम संस्कृति की ओर…. अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से विलुप्त होती प्राचीन परम्पराओ और संस्कारों के बारे मे युवा पीढ़ी को जागरूक करने के लिए हिंदी के महान उपन्यासकार व संवेदनशील रचनाकार मुंशी प्रेमचंद की 139 वी जयंती पर सुनो कहानी कार्यक्रम का सैक्टर-6 स्थित एनईए सभागार में किया।



इस अवसर पर मुंशी प्रेमचंद के पोते अनिल राय व उनका परिवार के सदस्यो ने शिरकत कर कार्यक्रम गरिमा बढ़ा दी। एक पुरानी विधा किस्सागोई के अंदाज में मुंशी प्रेमचंद 5 कहानियो का कलाकारो ने वाचन और मंचन किया।

कार्यक्रम सुनो कहानी की शुरुआत मुंशी प्रेमचंद के पोते अनिल राय और प्रोजेक्ट चेयरमैन राज्यसभा के पूर्व महासचिव योगेंद्र नारायण,रिटायर्ड आईएएस आफिसर शांतनु मुखर्जी ने दीप प्रज्जलन कर किया गया।

कार्यक्रम मे रिटायर्ड आईएएस आफिसर शांतनु मुखर्जी ने मुंशी प्रेमचंद की कहानी यही है मेरा वतन,सुनीता और सबा बशीर ने कहानी कौशल,साइरा मुज्तबा कहानी परीक्षा, उषा छाबरा ने कहानी ठाकुर का कुंआ और स्कूलों मे किस्सागोई का कार्यक्रम आयोजित करने वाले कपिल पांडे ने दो बैलो की कथा की प्रस्तुति दी ।

प्रेमचंद की सबसे लोकप्रिय कहानी दो बैलो की कथा, और उषा छाबरा ने कहानी ठाकुर का कुंआ बेहद रोचक तरीके से प्रस्तुत किया है। उनके नाटकीय अंदाज की प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस अवसर पर मुंशी प्रेमचंद के पोते अनिल राय ने कहा की दादा की कहानिया बहुत ही सरल और आम आदमी की भाषा में बहुत ही सुलगते मुद्दो पर है, चाहे किसान, औरत, मजदूर के मुद्दे पर । उन्होने आज से सौ साल पहले जो कहानी लिखी थी वो आज भी प्रासंगिक है , इसलिए लोग उनकी कहानी से जुड़ाव महसूस करते है।

इस अवसर पर प्रोजेक्ट चेयरमैन राज्यसभा के पूर्व महासचिव योगेंद्र नारायण और नोएडा लोकमंच के महासचिव महेश सक्सेना ने कहा की नोएडा में सांस्कृतिक जागृति आ रही है । साथ ही नोएडा में जितने प्रकार की कला और कलाकार है जुड़ना शुरू हो गए है। इस अवसर पर मुंशी प्रेमचंद के पोते अनिल राय, अपूर्व राय, संकर सोहेल समेत सभी कलाकारो शाल और पौधे देकर सम्मानित किया गया।

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