ऐसा रहा नोएडा का 43 वर्ष तक का सफर, पढ़े इस पड़ाव पर लोगों को हैं क्या उम्मीदें

ROHIT SHARMA

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नोएडा :– नोएडा शहर को आज 43 वर्ष पुरे हो गए है | नोएडा शहर की स्थापना 17 अप्रैल 1976 में हुई थी | नोएडा शहर 1975 से 1977 के आपातकाल के दौरान अस्तित्व में आया। उस दौरान शहरीकरण पर पूरा जोर था और उस समय की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र और कांग्रेस नेता संजय गांधी की पहल से यूपी औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम के तहत इसकी स्थापना की गई।

शुरूआती लक्ष्य औद्योगिक शहर बसाने का था। बाद में धीरे-धीरे आवासीय सेक्टर बढ़ने लगे और अब तो ग्रुप हाउसिंग की ऊंची-ऊंची इमारतों ने पूरा सीन बदल दिया है।



खासबात यह है की स्थापना के 43 वर्ष पूरे होने के बाद पीछे मुड़कर देखने पर कई उपलब्धियां दिखेंगी। लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता होगा की नोएडा के बसे हुए 43 साल हो चुके है , कितना तेजी से विकास नोएडा में हुआ है , क्या गलत हुआ है जो होना नहीं था ? आगे नोएडा में क्या होगा |

बात की जाए तो नोएडा शहर में औद्योगिक नगरी होने की वजह से यहां कई बड़ी कंपनियों ने अपने कारोबार की स्थापना की है। यहां आईटी, आईटीईएस, बीपीओ, बीटीओ और केपीओ सेवाओं की पेशकश करने वाले बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा, फार्मा, ऑटो, फास्ट मूविंग उपभोक्ता और विनिर्माण जैसे विभिन्न कार्यों के लिए कंपनियों ने निवेश किया।

सैमसंग ने अपनी सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री की स्थापना यहां की, जिससे नोएडा का राजस्व बढ़ा। यहां नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ बायलॉजिकल्स, इंडियन एकेडमी ऑफ हाइवे इंजीनियरिंग,, आईसीएआई, आईएमएस, आईआईएम लखनऊ का नोएडा कैंपस, एमिटी यूनिवर्सिटी , फिल्म सिटी , जेपी इंस्टिट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक् नोलॉजी और कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान हैं।

आपको बता दे की नोएडा शहर का विकास होने के दौरान एक समय ऐसा आया जब ग्रुप हाउसिंग का दौर चला। लोग दिल्ली से नजदीक नोएडा को पसंद करने लगे। जिसको देख यहां बिल्डरों ने अपना प्रोजेक्ट शुरू किया | वही नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डरों को सपोर्ट करते हुए 10 फीसदी कीमत लेकर जमीनें दे दीं। लेकिन यह निर्णय गलत साबित हुआ।

अधिकांश बिल्डरों ने अपने प्रोजेक्ट भी नहीं पूरे किए और न ही नोएडा प्राधिकरण को बकाया 90 फीसदी की राशि दी, जो कि ब्याज सहित 20 से 25 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंचने की संभावना है। जिसकी वजह से नोएडा का खजाना खाली हो गया। दरअसल एक समय ऐसा था की हजारों करोड़ रुपये की एफडी रखने वाला नोएडा था , लेकिन अब नोएडा के पास केवल एक हजार करोड़ की एफडी बची हुई है । वहीं दूसरी तरफ फ्लैट खरीदार प्रत्येक शनिवार और रविवार को प्रदर्शन के सहारे अपना विरोध दर्ज कराते देखे जाते है |

43 सालों में नोएडा ने तेजी से विकास किया है , हाईटेक सिटी का दर्जा दिया गया है , मेट्रो से कनेक्टिविटी होने से लोगों को काफी लाभ, एलिवेटेड रोड का तोहफा , कई अंडरपास का लाभ , क्रिकेट स्टेडियम सहित कई अन्य खेल परिसर की योजना प्रस्तावित , एयरपोर्ट का मिलेगा लाभ , शहर में 375 किलोमीटर लंबे रोड नेटवर्क से जुड़ा , एक्सप्रेसवे होने से वाहनों की गति बढ़ी , कई एकड़ में बने औषधि पार्क सहित अन्य पार्क , औद्योगिक सेक्टर में निवेशकों का भरोसा जीता , कई बड़ी कंपनियों ने शहर को अपनाया | दिल्ली मेट्रो ने कई वर्ष पहले नोएडा सिटी सेंटर तक अपनी राह बनाई, जो कि अब सेक्टर-63 के इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन तक पहुंच गई है। यही नहीं नोएडा से ग्रेटर
नोएडा की राह एक्वा लाइन मेट्रो ने आसान की।

अब नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ओर मेट्रो का प्रस्ताव दिया गया है, जो कि लोगों की मुश्किलें आसान करेगा। इसके अलावा एलिवेटेड रोड, फ्लाईओवर और अंडरपास ने भी शहर की मुश्किलें कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिसको लेकर नोएडा के निवासियों ने प्राधिकरण की तारीफ भी की है |

क्या गलत हुआ है जो होना नहीं था

कूड़े को लेकर लोगों ने किया प्रदर्शन , किसानों के आंदोलन, फ्लैट खरीदारों का भरोसा खोया , नोएडा प्राधिकरण में सीबीआई जांच की आंच से हुई किरकिरी , सीएजी की टीम के ऑडिट से नोएडा पर उठी उंगली , किसानों का मुआवजे का हल अभी तक नहीं निकला , क्राइम का ग्राफ बने रहने से लोगों में डर , किसानों के जमीन अधिग्रहण से खेती खत्म होने के कगार पर , विकास की तेज रफ्तार में प्रदूषण बढ़ने से स्वच्छ हवा गायब |

नोएडा के निवासियों ने रखी अपनी प्रतिक्रिया

नोएडा सेक्टर 34 के आरडब्लूए अध्यक्ष के के जैन का कहना है की 43 साल के अंदर नोएडा शहर में बहुत तेजी से विकास हुआ है , लेकिन बेसिक सुविधाएं में कुछ ज्यादा सुधार नहीं आया है | जिसकी वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है | साथ ही उनका कहना है की पानी , बिजली , सुरक्षा व्यवस्था , ट्रैफिक व्यवस्था , स्वास्थ व्यवस्था में बहुत कम सुधार आया है , जो अब पूरी तरह से सही हो जाना चाहिए था |

 

फोनरवा के महासचिव सुरेश तिवारी का कहना है की नोएडा शहर को 43 साल पुरे हो चुके है , जिसको लेकर निवासी बहुत खुश है | पिछले 10 सालों के अंदर नोएडा में बहुत तेजी से विकास हुआ है | नोएडा के अंदर मेट्रों की सुविधा , सरकारी अस्पताल , स्कूल समेत तमाम सुविधा नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा के निवासियों को दी है | साथ ही उनका कहना है की नोएडा में रोजगार , शिक्षा का हब बन चूका है , लोगों की जो उम्मीदे नोएडा प्राधिकरण पर थी , उस पर प्राधिकरण ने अपना अच्छा प्रदर्शन किया है |

एनईए के अध्यक्ष विपिन मल्हन का कहना है की नोएडा शहर को 43 साल पुरे होने पर सभी लोगों को बधाई दी , साथ ही उन्होंने बताया की नोएडा ने अपना नाम देश और विदेश में रोशन किया है | नोएडा शहर का तेजी से विकास हुआ है | लोगों ने जो सोचा था की नोएडा में सारी सुविधाएं मिलेंगी , जो सभी मिल रही है | एक कमी रही है जो नोएडा प्राधिकरण करना चाहिए , वो है इंडस्ट्रीज में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए | उनके बच्चे के लिए अलग से स्कूल खुलना चाहिए , जिससे उनके बच्चे पड़ सके | साथ ही उन कर्मचारियों के लिए घर जो आज तक पूरा नहीं हुआ |

 

कोनरवा के अध्यक्ष पी एस जैन का कहना है की शहर को आंतरिक परिवहन की जरूरत है। साथ ही पुराने सेक्टरों में रोजाना की समस्या से छुटकारे के उपाय ढूंढने होंगे। शहर बेहतर डेवलप हो चुका है। लेकिन यहां ट्रैफिक जाम की स्थिति के लिए और ट्रैफिक पुलिस की जरूरत है। यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूकता के साथ सख्ती की जरूरत है। चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों की जरूरत है। शहर में बिजली पहले सेे कम जाती है। पानी की सप्लाई को और बेहतर करने की जरूरत है। शहर को फ्री होल्ड करने से पहले जनसंख्या के घनत्व पर भी विचार विमर्श कर लेना चाहिए।

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