न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पीड़ित, नोएडा पुलिस के दरोगा ने क्राइम के केस को सिविल का बताकर किया गुमराह

ABHISHEK SHARMA

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Greater Noida : नोएडा पुलिस के दरोगा की बड़ी लापरवाही सामने आई है .क्राइम के केस को सिविल का बताकर पीड़ित को दारोगा ने गुमराह किया। आइटीआर लगाने के बाद थाना 20 पुलिस ने जवाब दिया। पीड़ित नोएडा के सेक्टर 19 में लंबे समय से किराए पर रह रहा था।  पीड़ित का आरोप है कि किराया देने के बाद भी दबंग मालिक ने घर का ताला तोड़ा। दबंग मकान मालिक ने ताला तोड़कर उसके घर में नगदी और जेवरात भी चोरी किए हैं। सेक्टर  19 के चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर अशोक पर पूरे मामले को दबाने का आरोप है।

दरअसल नोएडा के सेक्टर 19 में मकान नंबर ए-739 में पृथ्वी सिंह पिछले लंबे समय से किराए पर रह रहे थे।  पीड़ित का कहना है कि जिस मकान में रह रहे थे उसका एग्रीमेंट 1 फरवरी 2019 से 31 दिसंबर 2019 तक था। पीड़ित ने बताया कि अक्टूबर माह में उनकी बहन की मृत्यु होने पर वह अंतिम संस्कार के लिए माथुर स्थित अपने गांव चले गए। जिसके चलते वह अक्टूबर माह का किराया नहीं दे पाए। हालांकि, एग्रीमेंट के दौरान पीड़ित ने  मकान मालिक को 3 माह का किराया एडवांस और सिक्योरिटी के रूप में दे रखा था।

इसके बावजूद एनआरआई मकान मालिक ने किराएदार के मकान का ताला तोड़ दिया। पीड़ित का कहना है कि 21 अक्टूबर 2019 को जब वह वापस आया तो उसने देखा कि उसके मकान के मुख्य द्वार पर अंदर से ताला लगा हुआ है। पीड़ित ने दरवाजा खटखटाया तो वहां मकान मालिक कल्पना चौधरी व उसका पति योगेश्वर और पुत्र अखिलेश वेद निकला और उन्होंने प्रार्थी को मेन गेट के अंदर नहीं घुसने दिया। सभी ने पीड़ित के साथ गाली गलौज व जान से मारने की धमकी दी। तभी प्रार्थी ने ऊपर की ओर देखा तो उसके मकान का दरवाजा खुला हुआ दिखाई पड़ा तथा जो कपड़े सुखाने के लिए बालकनी में छोड़ गया था वह भी गायब थे।

इस दौरान पीड़ित ने मकान मालिक का वीडियो भी बना लिया जिसमे वे पीड़ित से कह रहे थे कि टेंपो लेकर अपना सामान यहां से ले जा। लाचार होकर पीड़ित ने 100 नंबर पर पुलिस को फोन किया। थोड़ी देर बाद पुलिस मकान पर आई तब जाकर दबंग मकान मालिक ने मेन गेट का ताला खोला। पुलिस के साथ पीड़ित मकान के अंदर जा पाया।

वही पुलिस मकान मालिक को समझा कर वापस चली गई। वही जब पीड़ित प्रथम तल पर अपने कमरे में गया तो देखा कि कमरे के ताले टूटे पड़े हैं , सारा सामान इधर-उधर बिखरा हुआ है।  पीड़ित का आरोप है कि सामान में एक सोने की अंगूठी, 9,000 नगदी, गैस सिलेंडर किचन का सामान, टीवी, कपड़े आदि चोरी मिले। पीड़ित का आरोप है कि उनके मकान में मकान मालिक ने चोरी की है।

वहीं जब मकान मालिक पीड़ित के साथ बदतमीजी कर रहा था तो पीड़ित ने मकान मालिक की वीडियो बना ली जिसमें स्पष्ट है कि मकान मालिक ने पीड़ित के मकान का ताला तोड़कर सामान चोरी किया है। पीड़ित ने जब इसकी शिकायत पुलिस से की तो सेक्टर 19 चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने मामले को सिविल का बताकर पीड़ित को गुमराह किया। पीड़ित का सवाल है कि मकान का ताला तोड़कर चोरी करना क्राइम का केस है? जबकि दरोगा ने लगातार पीड़ित को गुमराह किया।

पीड़ित पृथ्वी सिंह ने मामले की शिकायत तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण से भी शिकायत की थी लेकिन जिसके बाद भी कोई निस्तारण नहीं मिल सका। थक हार कर पीड़ित न्यायालय की शरण में पहुंचा जहां आइटीआर लगाकर सेक्टर 19 दरोगा से जवाब मांगा गया कि क्राइम के केस को आखिर सिविल बता कर पीड़ित को गुमराह क्यों किया गया?

जब संवाददाता ने इस मामले में दारोगा अशोक कुमार से बात करने  की कोशिश की गई तो उन्होंने संवाददाता से यह कह कर बात टाल दी कि वे इस बात का जवाब आपको नहीं दे सकते। अगर उनके सीनियर इस बारे में पूछते है तो वे उन्हें ही जवाब दे सकेंगे।

अब बड़ा सवाल यह है कि नोएडा में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद क्या पीड़ित पृथ्वी सिंह को न्याय मिल पाएगा। पीड़ित को क्राइम का केस सिविल का बताकर गुमराह करने वाले सुब इंस्पेक्टर अशोक कुमार के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

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