Rail Budget 2016 Railways Vision 2020 to meet Long Felt Desires of Common Man.

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Video 1 [youtube //www.youtube.com/watch?v=qYeihPWTXhU&w=420&h=315]

video 2 [youtube //www.youtube.com/watch?v=UQJhmP9DohI&w=420&h=315]

नई दिल्ली: रेल बजट की बड़ी बातें:- 1- सोशल मीडिया से सुझाव मिले

2- मुंबई में सफाईकर्मी महिला से मिलकर संतुष्टि हुई

3- समाज के हर वर्ग के लिए बजट बनाया

4- देश के अलग-अलग हिस्सों में घूम-घूमकर बजट बनाया

5- परंपरागत सोच बदलने से राजस्व बढ़ेगा

6- 7वें वेतन आयोग के चलते रेलवे कर्मचारियों को 11-67 % ज़्यादा वेतन मिलेगा

7- राज्यों के साथ मिलकर PPP मॉडल पर काम करेंगे

1.21 lakh खर्च करने का लक्ष्य  मालगाड़ी की स्पीड 50 km तक बढाया। पिछले साल से दुगुना निवेश पिछले साल 139 बजट एलान पर काम की रिपोर्ट बंदरगाहों तक रेल ले जाने की प्राथमिकता ।2020 तक हर यात्री को कन्फर्म टिकट, 1600 km रेलवे लाइन का बिजली करण, 2020 तकमानवरहित रेल क्रासिंग को खत्म करने का प्रयास ,1600 km रेलवे लाइन का बिजली करण  311 स्टेशनों पर सीसीटीवी सुविधा मुहैया कराई गई,ट्रेनें समय से चलाना और जब चाहो तब टिकट की व्यवस्था लक्ष्य  2020 तक जब चाहें टिकट, 95% ट्रेनें चलेंगीं राइट टाइम। सोशल मीडिया का इस्तेमाल रोजाना के काम में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिए किया जाएगा। ई टेंडरिंग प्रोसेस और पेपरलैस वर्क का काम तेज किया जाएगा। हमने जोनल रेलवे से कई कॉन्ट्रेक्ट किए हैं ताकि टारगेट्स को पूरा किया जा सके। हर जोन से काम को लेकर दो रिपोर्ट मांगी गई हैं। इंटरनल ऑडिट के प्रोसेस को सख्ती से लागू किया जाएगा। पिछले इलाकों को रेलवे से जोड़ने की कोशिश होगी। 44 नए प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इसके लिए प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर की मदद ली जाएगी।  रेलवे में सभी पदों के ऑनलाइन भर्ती। जालंधर-ऊधमपुर मार्ग का काम जोरों पर। 2020 तक बड़ी लाइनों के लक्ष्य को पूरा करने की कोशि‍श। हम इंस्टीट्यूशनल फाइनेंस के जरिए अपनी स्कीम्स को फंड मुहैया कराने की दिशा में काम कर रहे हैं। हम अगले साल 2 हजार किलोमीटर नई लाइन बनाने पर काम कर रहे हैं। 2010 तक जनता जब चाहेगी तब टिकट ले सकेगी। नारगोल पोर्ट को कनेक्ट किया जाएगा।  – नॉर्थ ईस्ट पर हमारा फोकस है। अगरतला को ब्रॉड गेज से जोड़ा जाएगा।  मेक इन इंडिया दो लोकल फैक्ट्री खोली जाएंगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। पिछले साल 8720 करोड़ रुपए की बचत की गई। 2020 तक कोई भी लाइन बिना गार्ड के नहीं रहेगी।  हम ऐसे दौर में बेहतरी की कोशिश कर रहे हैं जिस दौर में दुनिया मंदी से गुजर रही है। हम जानते हैं कि रेलवे के काम में सुधार की काफी ज्यादा जरूरत है। इस पर सबसे ज्यादा फोकस किया जा रहा है।  अगर रेलवे के खर्च किए जा सके तो आमदनी और सुविधाएं बढ़ाई जा सकती हैं। हम इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी रेलवे का रोल बड़ा करना चाहते हैं। बजट में लागत कम करने के उपायों पर फोकस किया जा रहा है।  हम चाहते हैं कि रेलवे 10 फीसदी ज्यादा मुनाफा कमाए। रेलवे में हर पैसे का हिसाब रखे जाने पर हमारा फोकस है। हमारा लक्ष्य 8720 करोड़ बचत का है। – 1.85 लाख करोड़ है ट्रेफिक रेवेन्यू टारगेट।  हम नए तरीकों से रेवेन्यू जनरेट करने की कोशिश करेंगे। इसके लिए रास्ते तलाशे हैं और भी तलाशे जाएंगे।  हम इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की सर्विस देने की कोशिश करेंगे। इसके लिए हर तबके की मदद भी चाहते हैं। नव उमंग, नव तरंग… हरिवंश राय बच्चन की कविता की एक लाइन पढ़ी। हम चाहते हैं कि रेलवे की आमदनी बढ़े ताकि सुविधाएं भी बढ़ाई जा सकें। वाजपेयी की दो लाइनें बोलीं। विपदाएं आती हैं आएं- हम ना झुकेंगे और हम न रुकेंगे। चलो मिलकर कुछ करें। रेल मिनिस्टर के रूप में मैंने देश के कई हिस्सों का दौरा किया। मुंबई के स्टेशन काफी साफ मिले। सोशल मीडिया पर पैसेंजर सेफ्टी को लेकर लोगों ने काफी तारीफ की है। हमने कई सेक्शन के सुझावों को बजट में शामिल किया है। रेलवे देश की बैक बोन की तरह है। यात्रियों की गरिमा, रेल की गति और देश की प्रगति हमारा फोकस है।

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