आरटीआई कानून में बदलाव पर सामाजिक संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

Rohit Sharma (Photo-Video) Lokesh Goswami Tennews New Delhi :

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नरेंद्र मोदी पार्ट-2 सरकार सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून में बदलाव कर रही है। संशोधन बिल, 2019 पर राज्यसभा में चर्चा आज होने जा रही है। इसको लेकर नेशनल कैंपेन फॉर पीपुल्स राइट टू इंफॉर्मेशन (एनसीपीआरआई), नेशनल एलायंस फॉर पीपुल्स मूवमेंट सहित कई अन्य समाजिक संगठनों सहित सिविल सोसाइटी के लोगों ने कड़ा विरोध जताया है। साथ ही उन्होंने जंतर मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।



प्रदर्शनकारियों के कहना है कि सरकार इस संशोधन के माध्यम से इस कानून को पूरी तरह से कमजोर और बर्बाद कर देना चाहती है।

इसको लेकर इन सभी संगठनों ने इस संशोधन विधेयक के विरोध में सड़क से संसद पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। इसी क्रम में पहले भी इन सभी संगठनों ने दिल्ली में संसद से कुछ सौ मीटर दूर पटेल चौक मेट्रो स्टेशन से प्रदर्शन मार्च किया ।

सभी संगठनों ने आरटीआई एक्ट में संशोधन की आलोचना की और कहा, ‘यह संशोधन भारत में लोकतंत्र की विश्वसनीयता और अखंडता को कमजोर करेगा। इन सभी मूल्यों को स्थापित करने के लिए हम एक स्वतंत्र और शक्तिशाली आरटीआई आयोग की मांग करते हैं।’

आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज का कहना है कि लोकसभा में पेश किया गया सूचना का अधिकार बिल केंद्र सरकार को सूचना आयुक्तों के कार्यकाल और वेतन निर्धारित करने की ताक़त देता है जो उनकी आज़ादी और अधिकारों का हनन है। इस संशोधन के ज़रिये सरकार सूचना आयोग को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है।’

वे सवाल करती हैं कि इस संशोधन की क्या जरूरत है और सरकार इसे क्यों करना चाहती है?

अंजलि भरद्वाज ने कहा कि आज हम यहां इसलिए आए हैं कि सरकार और संसद में बैठे लोगों तक हमारी आवाज़ पहुंचे कि हम नहीं चाहते की ये संशोधन हो। उन्होंने कहा कि इससे पहले पिछले साल भी सरकार ने कोशिश की थी , लेकिन हमारे संघर्ष के कारण सरकार को अपने कदम पीछे खींचने पड़े थे। हम इसबार भी डरेंगे नहीं इसबार भी हम अपने मौलिक अधिकार के लिए लड़ेंगे।

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