सिक्स सिग्मा ने शुरू की तीसरी लहार से लड़ने की तैयारी, बच्चो की सुरक्षा के लिए पीडियाट्रिक केयर सेंटर किये तैयार

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नई दिल्ली। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने का ज्यादा खतरा होने की संभावना है। ऐसे में सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर सरकार के आदेशानुसार तैयारियों में जुट गया है। संस्था द्वारा संचालित किए जा रहे कोरोना केयर सेंटरों को पीडियाट्रिक केयर सेंटर में बदलने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर के मुख्यकार्यकारधिकारी और प्रबंध निदेशक डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि विशेषज्ञों ने कोविड-19 माहमारी की तीसरी लहर के आने की आशंका जताई है। जिसमें बच्चों के संक्रमित होने की संभावना है। सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर ने बच्चों को चिकित्सा सुविधा देने के लिए 125 से अधिक मेडिकल स्टाफ के लिए ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की है। सिक्स सिग्मा बोर्ड के सदस्य डॉ. कुलराज कपूर (एमबीबीएस, एमडी, बालरोग विशेषज्ञ, एम्स) और डॉ. मुकेश वर्मा (अध्यक्ष, आईएमए-द्वारका) मेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग देंगे।

डॉ. भारद्वाज ने बताया कि राजधानी के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के जिलाधिकारी नवीन अग्रवाल के आदेशानुसार सिक्स सिग्मा द्वारा संचालित छह कोरोना केयर सेंटरों पर बच्चों के उपचार के लिए 116 बेड की क्षमता वाले पीडियाट्रिक केयर सेंटर तैयार किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर बच्चों में कोरोना के शुरूआती लक्षणों के इलाज की पूर्ण व्यवस्था होगी। सिक्स सिग्मा के कोरोना केयर सेंटरों पर बच्चों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाएगा। बच्चों को इलाज के साथ स्वास्थ्यवर्धक भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रबंध निदेशक ने बताया कि कोरोना के बदलते वैरिएंट ने माहमारी की दूसरी लहर ने 18 से 60 वर्ष के आयु वर्ग पर गहरा प्रभाव डाला है। वही देश के कुछ इलाकों में छोटे बच्चे भी संक्रमित होने से नहीं बच पाए। जिसके कारण सरकार कोरोना माहमारी के संभावित खतरों से निबटने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है।

बच्चों की सुरक्षा के लिए निर्देश:

हल्के संक्रमण के लिए गाइडलाइन्स:

अगर बच्चे में इंफेक्शन के माइल्ड लक्षण हैं जैसे- गले में खराश या गले में दर्द और कफ है लेकिन सांस से जुड़ी कोई समस्या नहीं है तो बच्चे को होम आइसोलेशन में रखें। शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए अधिक से अधिक तरल चीजें दें।

मध्यम संक्रमण के लिए गाइडलाइन्स:
इस कैटगरी में ऐसे बच्चों को शामिल किया गया है जिनका आॅक्सीजन लेवल कम है, लेकिन बच्चे में निमोनिया के लक्षण नहीं हैं।
मॉडरेट यानी मध्यम लक्षण वाले बच्चों को पीडियाट्रिक केयर सेंटर में एडमिट किया जा सकता है। इस दौरान उन्हें तरल चीजें ज्यादा देनी है ताकि डिहाइड्रेशन न हो। साथ ही ओवरहाइड्रेशन से भी बचना है। अगर बच्चे के शरीर में ऑक्सीजन सैचुरेशन 94% से कम हो तो बच्चे को ऑक्सीजन दी जानी चाहिए।

माता-पिता के लिए सुझाव:
किसी भी वायरस से बचने के लिए हमारी इम्यूनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है। अगर शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होगी, तो बीमारियां कम होंगी। मल्टीविटामिन भी आपकी इम्यूनिटी को मजबूत करती हैं जिससे आपका शरीर बीमारियों से लड़ सके। ऐसे में बच्चों को कोरोना में सुरक्षित रखने के लिए हेल्दी खाना खिलाएं। फल और सब्जियां, फ्रूट जूस भरपूर मात्रा में खिलाएं। बच्चों को धूप में बैठने के लिए कहें। उनके खाने में अंडे शामिल करें। अगर बच्चों में खाने-पीने की आदत अच्छी हैं, तो बीमारियां और कोरोना वायरस भी ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाता है। लेकिन, जो कमजोर और कुपोषित बच्चों को संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने की कोशिश करें।

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