नोएडा पुलिस की बड़ी कार्यवाही, 4 पुलिसकर्मी व 2 महिलाओं समेत 15 लोग दबोचे, ऐसे करते थे लड़कियों का इस्तेमाल

ABHISHEK SHARMA/ JITENDER PAL- TEN NEWS

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(11/06/2019) गौतमबुद्धनगर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने सोमवार को एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया, जो महिलाओं के जरिए लोगों को लूटता था। नोएडा की सेक्टर 44 के चौकी इंचार्ज और तीन सिपहियों समेत 15 लोगों को झूठे रेप केस में फंसाकर राहगीरों से पैसे लूटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इनमें पीसीआर 44 पर तैनात सिपाही और दो महिलाएं शामिल हैं।



आरोप है कि ये पुलिसकर्मी गैंग बनाकर महिलाओं के हनीट्रैप के सहारे राहगीरों से रिश्वत वसूलते थे। महिलाएं सड़क पर चलते कार सवार को अपना निशाना बनाती थी। लिफ्ट के बहाने कार मालिक पर रेप का आरोप लगाती थीं। इसके बाद केस रफा-दफा करने के लिए पीसीआर 44 पर तैनात सिपाहियों की मदद से ब्लैकमेलिंग होती थी। एसएसपी वैभव कृष्ण के निर्देश पर 15 लोगों की गिरफ्तारी की गई है।

आज एसएसपी वैभव कृष्णा ने प्रेस वार्ता करते हुए जानकारी दी कि एक पीड़ित अपनी शिकायत लेकर मेरे पास आया। जहाँ पर उसने अपने साथ हुए पूरे घटनाक्रम के बारे में एसएसपी को बताया। जिसका उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया और इस गिरोह को रंगे हाथ पकड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया गया। उन्होंने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर 44 की पुलिस चौकी पर तीन आरोपियों को 50 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा। इसके बाद पूछताछ में इस पूरे गैंग पर पर्दाफाश हुआ।

एसएसपी वैभव कृष्ण ने टेन न्यूज़ से की गई बातचीत में बताया कि यह पूरा गैंग बड़े ही शातिर तरीके से पिछले 6 महीने से नोएडा में ब्लैक मेलिंग की घटनाओं को अंजाम देता आ रहा हैं। यह गिरोह अब तक पिछले छह महीनो में इस तरह की 15 से 20 घटनाओं को अंजाम दे चुके है।

उन्होंने बताया कि अभियुक्त अपने ग्रुप में शामिल लड़कियों के जरिए सोची-समझी साजिश के तहत अकेले गाड़ी में जा रहे युवकों से कोई व्यक्तिगत परेशानी बता कर लिफ्ट लेकर गाड़ी में बैठ जाती थी। थोड़ी दूर चलने के उपरांत पुलिस चौकी सेक्टर 44 के सामने पहुंचते ही शोर मचाने लगती थी कि मेरे साथ गाड़ी मदद के बहाने बलात्कार किया गया है।

जिस पर पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों द्वारा उस व्यक्ति को गाड़ी सहित चौकी में ले जाते थे और वहीं मौजूद अपनी पूर्व निर्धारित भूमिका में एक व्यक्ति वकील के रूप में लड़की की तरफ से आकर बलात्कार के प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करता था तथा पुलिसकर्मी बलात्कार का अभियोग लिखने व जेल भेजने की धमकी देने लगते थे। इसी बीच कुछ लोग वहां आकर बिचौलियों की भूमिका निभाने लगते थे एवं बलात्कार के मुकदमे को पंजीकृत न कराने की एवज में धन की मांग करते थे। इसमें हरिओम शर्मा वकील बनता था और देशराज अवाना चेयरमैन की भूमिका में नज़र आता था। ये लोग फैसला कराने के एवज में धन की मांग करने लगते थे।

चौकी इंचार्ज कथित चेयरमैन देशराज अवाना को चौकी पर सुलह समझौते के लिए बुलाता था। इन परिस्थितियों में स्वयं को फंसा पाकर पीड़ित व्यक्ति मजबूरी में समझौता करने के को राजी हो जाता था। मजबूरी में वह गिरोह द्वारा मांगी गई धनराशि देने को तैयार हो जाता था। किसी कारणवश पैसे की व्यवस्था न होने पर उस व्यक्ति की गाड़ी चौकी पर खड़ी कर लेते थे। शेष धनराशि प्राप्त होने पर ही गाड़ी वापस लौट आते थे। इन लोगों के पास से पीड़ित की हौंडा सिटी कार, 50 हजार नकद, हरियाणा नंबर एक वरना कार, ग्रैंड आई-10 कार बरामद की है।

गिरोह का सरगना फरीदाबाद निवासी सतीश उर्फ अंकित है, उसकी बीवी विनीता एवं पूजा फरीदाबाद में 2014 से 2017 के बीच इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देने के एवज में जेल जा चुके है। इस मामले में चौकी इंचार्ज सेक्टर 44 सुनील शर्मा, तीन आरक्षी- मनोज, अजयवीर, देवेंद्र, पीसीआर 50 के तीन प्राइवेट ड्राइवर और 2 महिलाओं को मिलाकर कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया है।

आज ख़ास बात यह रही कि एसएसपी वैभव कृष्ण की इस कार्यवाही से प्रसन्न फोनरवा चेयरमैन एन. पी सिंह व सुरेश तिवारी भी प्रेस वार्ता में मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने एसएसपी की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

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