यमुना एक्सप्रेसवे : भूला हुआ रास्ता

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सन 2005 से 2008 का समय रियल एस्टेट का सबसे अच्छा समय माना जा सकता है चुकी उस वक़्त न केवल
मांग ज्यादा थी बल्कि कीमतों में भी खासा इज़ाफा हुआ | उसी दौर में एनसीआर के अन्दर काफी नए रियल्टी
क्षेत्रों ने जन्म लिया जो अच्छे लाभ और प्रतिफल का भी वादा करने में सक्षम थे | हालाँकि 2008 में आई विश्व
आर्थिक मंदी से न केवल अर्थव्यवस्था, उद्योग और सेक्टरों पर फर्क पड़ा बल्कि इससे रियल्टी बाज़ार भी नहीं
बच सका | उस समय पर उजागर हुए रियल्टी क्षेत्र का जीवन बहुत छोटा रहा क्योंकि बाद में इन क्षेत्रों के
लिए नकारात्मक भावनाएं व अच्छे प्रतिफल न मिलने के कारण निवेशक इन क्षेत्रों से दूर जाने लगे | यमुना
एक्सप्रेसवे इसी का एक उदहारण है जो कि अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ उजागर होते हुए सामने आया | और
यह इतना रणनीतिक क्षेत्र था कि डेवलपरों ने बिना वक़्त गवाएं वहाँ भूमि खरीद ली | पर जैसे-जैसे टाइम
बीतता गया और 2010-12 के आस पास यह क्षेत्र गिरावट की ओर जाने लगा जो 2012 में एक्सप्रेसवे के
उद्घाटन होने के बाद वापस तेज़ी पकड़ने में समर्थ रहा | पर यह तेज़ी कुछ ही समय रही और बाद में फिर मांग
में गिरावट आने लगी | हालाँकि उम्मीदे अभी भी बनी हुई है क्योंकि की मास्टर प्लान 2031पर कार्य चल रहा
है और जेवर में एयरपोर्ट बनाये जाने की ख़बरों ने भी तेज़ी पकड़ ली है जो निवेशकों को आकर्षित करने में
सक्षम है | लम्बी अवधि के हिसाब से देखे तो इस क्षेत्र का भविष्य अच्छा है और यह खासे प्रतिफल भी मिलेंगे |

इस क्षेत्र के लेआउट और वर्तमान योजना पर राजेश गोयल, उपाध्यक्ष, क्रेडाई-पश्चिम ऊ.प्र. व एमडी, आरजी
ग्रुप ने कहा ‘यमुना एक्सप्रेसवे पर हर तरह की इन्फ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों के लिए ज़ोन बांटें हुए है |
संस्थानिक विकास, अफोर्डेबल हाउसिंग, उद्योगीकरण, मिश्रित भूमि उपयोग आदि के लिए अलग-अलग
सेक्टर्स बनाएं गए है | केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही इस क्षेत्र के विकास की ओर अग्रसर है | राज्य सरकार
के इस क्षेत्र के लिए खासे लिंक उप प्लान्स है और एक बार यहाँ लोग रहने आ जाये तो कुछ सॅटॅलाइट टावर्स का
निर्माण भी किया जायेगा | तीसरे फेज में FNG कोरीडोर का यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाना आने वाले वर्षों में
इस क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को और बढ़ावा देगा |

इतिहास गवाह है इस 128.39 अरब रूपए की लागत से बने 165 किलोमीटर लम्बे 6 लेन एक्सप्रेसवे के निर्माण में 2 साल की
देरी हुई थी | यह सड़क ग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ती है जो आस-पास के क्षेत्रों के रियल्टी बाज़ार को
तेज़ी देने में सक्षम है | ‘इस एक्सप्रेसवे का मुख्य उद्देश्य दिल्ली और आगरा के बीच यात्रा के समय को कम कर
अच्छा जुड़ाव प्रदान करना है | इतने अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर के उपलब्ध होने का मतलब है कि डेवलपर भी यहाँ
बड़ी परियोजनाओं का विकास करेंगे | पर समय पर निर्माण पूरा न होने के कारण ऐसा हो नहीं सका |
हालाँकि जेवर पर एयरपोर्ट निर्माण की ख़बरों ने वापस तेज़ी पकड़ ली है जिससे यहाँ के रियल्टी बाज़ार में
तेज़ी आने की उम्मीद बड़ गयी है,’ यह समझाया दीपक कपूर, अध्यक्ष, क्रेडाई-पश्चिम ऊ.प्र. व निदेशक,
गुलशन होम्ज़ ने |

जब भी कोई घोषणा होती है या विकास की बात चलती है तो उससे जुड़े क्षेत्र की मांग में एकदम से इज़ाफा हो
जाता है | अगर यह काम समय पर पुरे नहीं होते है तो बाज़ार में नकारात्मक भावनाओ का बहाव शुरू हो
होता है | जिस समय एक्सप्रेसवे के निर्माण की खबर आई थी तो डेवलपरों ने बिना समय लगाये वहाँ भूमि
खरीद निर्माण कार्य शुरू कर दिया था | इस क्षेत्र में बिक्री भी ज्यादा रही पर समय पर काम पूरा न होने के
कारण मांग पूरी तरह गिर गईं | ‘इस क्षेत्र का इंफ्रास्ट्रक्चर रियल्टी सेक्टर की सप्लाई के साथ मिलने में सक्षम
नहीं रहा | मांग में कमी और कीमतों में इज़ाफा न होने के कारण निवेशक भी इस बाज़ार से दूर जाने लगे |
हालाँकि, इंफ्रास्ट्रक्चर के ऊपर चल रहे काम और योजनाओं के बाद उम्मीद है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर
मकानों की मांग बड़ेगी और बाज़ार ने तेज़ी पकड़ ली तो निवेशक भी वापस आने लगेंगे | जेवर में अगर
एयरपोर्ट का निर्माण तय हो जाता है तो भविष्य में भारी मांग देखने को मिलेगी,’ यह समझाया अशोक गुप्ता,
सिएमडी, अजनारा इंडिया लिमिटेड ने |

सुनहरा भविष्य ‘यमुना एक्सप्रेसवे का विकास खासा अलग है | यहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर मौज़ूद है और इसके आप-पास रियल एस्टेट
का विकास हो सकता है | बल्कि इस क्षेत्र में भरपूर ज़मीन उपलब्ध है जिस पर तेज़ी से काम किया जा सकता
है | इस क्षेत्र का भविष्य भी खासा अच्छा है क्योंकि समय-समय पर इसे नई सौगात मिलती रहती है | यमुना
एक्सप्रेसवे के भविष्य और क्षमता को समझ चुके निवेशक यहाँ पहले ही खासा निवेश कर चुके है | आने वाले
वर्षों में यहाँ बड़े विकास होने है | जैसे ही निर्माणाधीन परोजेक्ट का काम पूरा हो जायेगा और परिवार रहने आने लगेंगे तो यह अपने आप ही कमर्शियल रियल एस्टेट के लिए बेहतर बाज़ार बन जायेगा,’ यह समझाया मनोज गौड़, अध्यक्ष, क्रेडाई-एनसीआर व एमडी, गौड़संस इंडिया लिमिटेड ने | दो दर्जन से ज्यादा डेवेलोपर मिल कर सेकड़ो प्रोजेक्ट्स बना रहे है और इस क्षेत्र में सप्लाई इस लिए खासी अच्छी है | साथ ही खासे विकल्प भी मौज़ूद है जैसे 1 से ले कर 5 बीएचके फ्लैट तक व पेंटहाउस, प्लाट, विला, डुप्लेक्स आदि भी |

इतना ही नहीं चुकी यह क्षेत्र विकासशील है तो कीमतें भी कम है | औसोतन कीमत 2,800 रूपए वर्गफीट से
लेकर 3,200 रूपए वर्गफीट तक है | सरकार ने इस क्षेत्र में बहुत से सेक्टरों का विकास किया है | सेक्टर 18, 20 व 22D रेजिडेंशियल के तौर पर और सेक्टर -13 मिश्रित भूमि विकास के रूप में विकसित किया गया है | अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए
सेक्टर-22D के साथ सेक्टर 22Eसंस्थानिक क्षेत्र की तरह विकसित किया जा रहा है | सेक्टर 32 व 33
उद्योगिक सेक्टर्स के रूप में योजनाबद्ध है और सेक्टर 22D LIG व HIG विकास के लिए होगा | 33KV के
2 पॉवर स्टेशन भी योजनाबद्ध है साथ ही बहुउपयोगी भवन का निर्माण भी किया जायेगा | PPP मॉडल
का इस्तेमाल कर नागरिक सुविधाओं के विकास का काम भी होना है | इसीकारण रेजिडेंशियल और
इंफ्रास्ट्रक्चर को अगले स्तर पर ले जाने के लिए प्राधिकरण और सरकार ज़ोरो से काम कर भी रहे है |

‘नाईट सफारी, बिजली निर्माण केंद्र, आईटी ज़ोन आदि पर काम तेज़ी से चल रहा है और आने वाले समय में
इस क्षेत्र के अन्दर आवास की मांग में इज़ाफा होना है | वर्तमान में प्राधिकरण ने आर्थिक रूप से कमज़ोर व
मध्यम वर्ग के लिए स्कीम निकाल का उन्हें आवास प्रदान किया है और निजी डेवलपर विभिन्न प्रकार की
योजनाओं का निर्माण कर रहे है | आने वाले 3 से 5 सालों में मेट्रो से जुड़ाव भी यहाँ संभव हो जायेगा | इस
क्षेत्र का भविष्य बहुत अच्छा है और जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा, यह क्षेत्र और बेहतर होता जायेगा
जिससे यहाँ के निवेशकों को अच्छे प्रतिफल मिलेंगे,’ यह समझाया अश्विनी प्रकाश, कार्यकारी निदेशक,
पैरामाउंट ग्रुप ने |यमुना एक्सप्रेसवे की वर्तमान स्तिथि और रियल्टी सेक्टर के भविष्य पर विकास साहानी, सिएमडी, प्रॉपर्टी
गुरु ने निष्कर्ष देते हुए कहा ‘वर्तमान में प्राधिकरण इस क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खासा काम कर रही है और
यह भविष्य में यहाँ के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बहुत लाभदायक साबित होगा | बाज़ार की वर्तमान
स्तिथि पर नज़र डाले तो लम्बी अवधि के लिए निवेश करने की योजना बना रहे निवेशकों के लिए यह
बाज़ार सही है पर कम अवधि वाले निवेशक या अंतिम उपभोगता के लिए इस बाज़ार में निवेश करने का
सही समय नहीं है | हालाँकि, जेवर एयरपोर्ट और मेट्रो रेल के इस क्षेत्र में आने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे व
इसके आसपास के क्षेत्रों को बहुत लाभ होगा और कुछ समय बाद यह क्षेत्र एनसीआर रियल्टी बाज़ार का
मुख्य केंद्र के रूप में सामने आएगा |’

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