निजी हाथों में सिटी बस की बागडोर सौपी जायेगी।

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ग्रेटर नोएडा। सिटी बस सेवा की एसपीवी से रोडवेज को अलग करने के बाद अब प्राधिकरण बसें भी वापस नहीं लेगा और सभी बसें नई खरीदेगा। बता दें कि प्राधिकरण ने सिटी बस सेवा के लिए रोडवेज विभाग को 190 बसें खरीद कर दिया है। इन बसों को वापस लेने की बात कही जा रही थी, मगर अब प्राधिकरण ने बसों को वापस लेने से इनकार कर दिया है। ग्रेटर नोएडा रोडवेज एआरएम सतेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि प्राधिकरण ने बसों को नहीं लेने की बात कही है और इन बसों को रोडवेज ही संचालित करेगा। इसके साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बने रोडवेज डिपो को भी प्राधिकरण वापस नहीं लेगा। रोडवेज विभाग का प्राधिकरण पर करीब 9 करोड़ रुपए बकाया है, जो घाटे की क्षतिपूर्ति के तौर पर देने है। प्राधिकरण का कहना है कि इस पैसे को इसी में समाहित कर दिया जाएगा। प्राधिकरण द्वारा सिटी बसों का संचालन निजी कंपनी के हाथों में दिया जा रहा है। निजी कंपनी को एक साथ कम से कम 100 बसें खरीद कर दी जाएंगी। इसमे लो-फ्लोर, एसी और समान्य बसें शामिल होंगी। समान्य बसें जहां 12 से 13 लाख रुपए में मिलती हैं, तो लो- फ्लोर बसें 15 से 16 लाख रुपए में आएंगी। जबकि एसी बसें करीब 40 लाख रुपए में आएंगी।
प्राधिकरण के ओएसडी योगेन्द्र यादव का कहना है कि निजी हाथों में सिटी बस की कमान आने के बाद परिवहन व्यवस्था सुधरेगी। उनका मानना है कि घाटे में भी सुधार आएगा। समय से लोगों को बस मिलेगी और सुविधाएं अच्छी मिलेगी। जबकि रोडवेज विभाग मनमानी करता है।

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