ब्रह्मा बाबा की 50वीं पुण्य तिथि पर विश्व श ांति के लिए प्रार्थना, हजारों लोग होंगे शामिल

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16 जनवरी, । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 50वीं पुण्य तिथि 18 जनवरी शुक्रवार को अन्तर्राष्ट्रीय मुख्यालय ब्रह्माकुमारीज संस्था शांतिवन के साथ देश विदेश के सभी सेवाकेन्द्रों पर हजारों कार्यक्रम आयोजित कर विश्व शांति एवं अमन चैन के लिए ध्यान साधना एवं प्रार्थना का कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर संस्था के शांतिवन में करीब बीस हजार से ज्यादा लोग उपस्थित होंगे।

इस अवसर पर प्रात: काल से ध्यान साधना का दौर प्रारम्भ हो जायेगा। देश विदेश से आये संस्था से जुड़े लोग ब्रह्ममुहुत्र्त में विशेष साधना करेंगे। इसके बाद बाबा के कमरे एवं डायमंड हॉल में आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। जिसमें ब्रह्माकुमारीज संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी, संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी, संस्था के महासचिव बीके निर्वेर, अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन, सूचना निदेशक बीके करूणा, कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय, कार्यक्रम प्रबन्धिका बीके मुन्नी, शांतिवन प्रबन्धक बीके भूपाल समेत संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित होकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।



हजारों की संख्या में आये संस्था से जुड़े सदस्य कतार बद्ध होकर अपनी भावनाएं अर्पित करेंगे। इसके साथ पूरे विश्व में शांति, भाईचारा एवं अमन चैन के लिए प्रार्थना कर विश्व शांति की कामना करेंगे।

फूलों से सजाया गया बाबा का कमरा: बाबा के कमरे व मेडिटेशन कक्ष को फूलों से सजाया गया है। विश्व शांति के लिए कार्यक्रम की पूरी तैयारी की जा रही है। इसके लिए कोलकाता से फूल सजाने वाले लोगों को बुलाया गया है।
18 जनवरी, 1969 में हुआ था देहावसान: ब्रह्माकुमारीज संस्था के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने सम्पूर्णता को प्राप्त कर 18 जनवरी, 1969 को अपने नश्वर शरीर का त्याग किया था। प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के बचपन का नाम दादा लेखराज था। परन्तु परमात्मा शिव की प्रवेशता के बाद प्रजापिता ब्रह्मा नाम से नामकरण हुआ। प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने माताओं बहनों को आगे करते हुए नयी दुनिया की स्थापना का कार्यभार सौंपा था। तब से लेकर आज तक संस्था एक वट वृक्ष की भांति फैल चुकी है। इस संस्थान की मुखिया राजयोगिनी दादी जानकी जी है।

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