भारत के दुश्मन से मुलाक़ात करने वाले वेद प्रताप वैदिक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई कराने के संबंध में।

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सानुरोध अवगत कराना है कि वेद प्रताप वैदिक भारत के दुश्मन हाफ़िज़ सईद से
पाकिस्तान में जाकर मुलाक़ात कर आये हैं, जिसका खुलासा सोशल साइट्स पर आई
एक तस्वीर के बाद हुआ। इस तस्वीर के जारी होने से पहले उन्होंने हाफ़िज़
सईद से हुई मुलाक़ात की सार्वजनिक तौर पर कोई चर्चा तक नहीं की, लेकिन
तस्वीर जारी होने के बाद अधिकांश लोग उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने
लगे, तो उनके द्वारा भ्रमित करने वाली दलीलें दी जा रही हैं।
वेद प्रताप वैदिक कह रहे हैं कि वह पत्रकार की हैसियत से हाफ़िज़ सईद का
साक्षात्कार लेने गये थे, जबकि तस्वीर जारी होने तक उन्होंने किसी से इस
मुलाक़ात की चर्चा तक नहीं की और न हाफ़िज़ सईद का कोई साक्षात्कार
लिखा/छपा, ऐसे में उनकी यह दलील स्वतः खारिज हो जाती है कि वे पत्रकार की
हैसियत से मिले थे। इसीलिए सवाल उठ रहे हैं कि जब कोई साक्षात्कार नहीं
छापा, तो क्यूँ मिले और मिल कर क्या बात की?
महोदय यह भी संभावना है कि वेद प्रताप वैदिक ने देश द्रोही के साथ बैठ कर
देश के विरुद्ध ही बातें की हों। कोई षड्यंत्र रचा हो। कुछ भी हो सकता
है, ऐसे में तत्काल मुकदमा दर्ज कर वेद प्रताप वैदिक से पूछताछ होना ही
चाहिए।
महोदय मुंबई स्थित छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन, दक्षिण मुंबई
पुलीस मुख्यालय, लियोपोल्ड कैफ़े, कोलाबा, ताजमहल पैलेस एंड टॉवर होटल,
ऑबेराय ट्रिडेन्ट होटल, मज़गाँव डॉक, नरीमन हाउस, विले पार्ले उपनगर,
उत्तर मुंबई, गिरगाँव चौपाटी और ताड़देव में 26/11 को हमला हुआ था,
जिसमें हथगोले फेंके जा रहे थे, गोलीबारी हो रही थी, लोग बंधक थे, उस दिन
समूचा हिंदुस्तान दहशत में था और सरकार के विशेषज्ञ भी सकते में थे कि यह
सब क्या हुआ और इससे कैसे निपटा जाये, उस डर और उस दर्द का कोई बदला नहीं
हो सकता, इस घटना को अंजाम दिलाने वाले हाफ़िज़ सईद से बात भी नहीं की जा
सकती, उसे सिर्फ सज़ा दी जा सकती है, क्योंकि इस हमले में आतंकविरोधी
दस्ते के प्रमुख हेमंत करकरे, मुठभेड़ विशेषज्ञ उप निरीक्षक विजय
सालस्कर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक कामटे, राष्ट्रीय सुरक्षा बल के
मेजर कमांडो संदीप उन्नीकृष्णन, निरीक्षक सुशांत शिंदे, सहायक उप
निरीक्षक नाना साहब भोंसले, सहायक उप निरीक्षक तुकाराम ओंबले, उप
निरीक्षक प्रकाश मोरे, उप निरीक्षक दुदगुड़े, कांस्टेबल विजय खांडेकर,
जयवंत पाटिल, योगेश पाटिल, अंबादोस पवार तथा एम.सी. चौधरी जैसे जाबांजों
के साथ 137 लोग भारत ने खोये हैं, जिनके परिवार ता-उम्र इस दर्द को
झेलेंगे। उनके आश्रितों का जीवन बर्बाद हो चुका है। उनकी पत्नी, उनके
बच्चे, उनके माता-पिता आज भी बेहाल है। ऐसी हृदय विदारक घटना को अंजाम
दिलाने वाले हाफ़िज़ सईद से वेद प्रताप वैदिक का मिलना देश द्रोह ही है।
अतः विनम्र आग्रह है कि तत्काल मुकदमा दर्ज करा कर वेद प्रताप वैदिक के
विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कराने का कष्ट करें।

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