वरदान अस्पताल चिकित्सा के क्षेत्र में अभिनव प्रयोग है, जिसका अनुकरण पूरे देष मंे करें-श्री रामनाईक

उ0प्र0 के राज्यपाल श्री रामनाईक नें कहा कि रूग्न व्यक्तियों की सेवा करना ईश्वर की सेवा के समान है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में लोग बीमारी की दशा में आते है लेकिन अस्पताल से वे हस्तें हुये जाये तो सारा पूण्य चिकित्सकों को मिल जाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से वरदान संस्थान नें आज चिकित्सा के क्षेत्र में बिना सरकारी मदद तथा बैंक ऋण के बिना जन सहभागिता के आधार पर जो अभिनव प्रयोग अस्पताल बनानें में किया है। वह वास्तव में अनुक्रणीय है, तथा उसका अनुकरण पूरे देश में किया जाये तो देश की जनता को सस्ती चिकित्सा सुलभ होने में कोई कठिनाई नहीं होगी।
उ0प्र0 के राज्यपाल श्री रामनाईक आज जनपद गाजियाबाद में वरदान मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल को उद्घाटन करनें के बाद उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज चिकित्सा मेहंगी हो रही है। इसका कारण है कि आज जनरल प्रैक्टीशनर चिकित्सकों की जमात खतम होती जा रही है। कन्सल्ट्रेट चिकित्सकों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमें आज चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नये-नये अनुसंधानों को भी अस्पतालों से जोड़ना होगा, ताकि नये अनुसंधानों का लाभ बीमार व्यक्तियों को मिल सकें और उनकी बीमारी तेजी के साथ ठीक हो सकंे। उन्होंने कहा कि यद्यपि वह चाहते है कि कोई भी व्यक्ति बीमार न रहें लेकिन फिर भी अस्पताल में तो बीमार लोग ही आयेंगे। इसलिये बीमार व्यक्ति हस्ता-हस्ता अस्पतालों से जाये। उन्होंने कहा कि आज वरदान मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल आज चिकित्सा के क्षेत्र दीप स्तम्भ के रूप में स्थापित हुआ है। यह वास्तव में गरीबों के जीवन में चिकित्सा के क्षेत्र में नई रोशनी पैदा कर देगा और गरीबों का सस्तें में इलाज करेगा। उन्होंने कहा कि 28 करोड़ रूपये का यह प्रोजेट वरदान संस्थान जन सहभागिता के साथ बड़ी सहजता से पूर्ण किया है और इसका लाभ इस क्षेत्र को मिलेगा।
श्री राज्यपाल ने कहा कि उ0प्र0 संस्कृति का वरदान है यहां कि विविधता में एकता की संस्कृति आज भी बेमिसाल है। हम यहां पर एकता में अनेकता के दर्शन पाते है। इस संस्कृति का ही कमाल है कि सभी नें मिल जुल कर इस अस्पताल का जन सहभागिता के आधार पर निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 की आबादी इतनी है कि यह अकेला प्रदेश दूनिया के पांच देशों के बाद सबसे अधिक आबादी रखनें वाला देश है। उन्होंने कहा कि वह प्रदेश का भ्रमण कर रहे है और वहां कि समस्याओं को भी देख रहे है। श्री राज्यपाल ने कहा कि हमें उ0प्र0 को उत्तम प्रदेश बनानें के लिये वरदान संस्थान के अनुरूप ही कार्य करना होगा तभी हम इस प्रदेश को आगे ले जा सकेगा।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री किरण रिजीजू ने कहा कि सरकार सभी कार्य नही करती है और केवल सरकार के सहयोग से ही सभी कार्य पूर्ण नही हो सकतें है। सरकार तो केवल दिशा देने का काम करती है। जनता के सहयोग से ही कार्य सम्पन्न कराये जाते है। उन्होंने कहा कि वरदान मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का जिस तरह से जन सहभागिता के आधार पर निर्माण हुआ है उसी तर्क पर वे अपने प्रदेश में भी इस पहल का अनुकरण करेंगे, ताकि जनता को सस्ता चिकित्सा लाभ मिल सकें। उन्होंने 1 लाख रूपये अस्पताल को देने की भी घोषण की है।
इस अवसर पर भारत सरकार में स्वतन्त्र प्रभार के राज्य मंत्री जनरल वी.के. सिंह ने कहा कि वरदान संस्थान द्वारा जो जन सहभागिता के आधार पर मिसाईल कायम कर वरदान मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण किया गया है। उससे इस क्षेत्र में अपोलो जैसी सुविधाएं मुहैया होगी और गरीबों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वास्तव में वरदान संस्था द्वारा जिस जज्बे और सामाजिक समरस्ता के साथ कार्य किया है उसी से देश में परिवर्तन आता है। उन्होंने कहा कि सबको साथ लेकर चलना हमारी संस्कृति है। संस्थान द्वारा भी यही कार्य किया गया है।
इस अवसर पर श्री विजय कौशल जी महाराज ने अपना आर्शिवाद दिया। इस अवसर पर सभी अतिथियों को शाॅल व प्रतिक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर आनन्द प्रकाश गोयल, सुरेश सैगल, कमलेश कुमार आदि भी उपस्थित थे।

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