कालेधन पर सर्जिकल स्ट्राइक।
चन्द्रपाल प्रजापति
कालेधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सर्जिकल स्ट्राइक से चारो तरफ अफरा तफरी का माहौल है। जहां आम आदमी ने अपनी परेशानी को भूलकर इस फैसले का स्वागत किया है। वहीं कुछ राजनितिक लोग स्वार्थवस विरोध का माहौल बना रहे हैं और लोगो को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। 500 और 1000 के नोटों की पाबंदी कालेधन और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए उठाया कदम है। आम नागरिक को कोई परेशानी ना हो उसके लिए बहुत विकल्प दिये हैं। लम्बी अवधि मे यह फैसला बहुत फायदेमंद है। कुछ समय बाद हमे इसके फायदे दिखाई देंगे। जिन्होंने पैसे छिपाये नही हैं उनको किसी से भी डरने की जरूरत नही है। और जिन्होंने सरकार की चेतावनी के बावजूद भी आईडीएस में कालेधन का खुलासा नही किया है उनपर सरकार द्वारा कड़ी कार्यवाही की संभावना है।
500 और 1000 के नोटों को बंद करने से एक तीर से कई शिकार हुए हैं। कालेधन का एक बहुत बड़ा हिस्सा आतंकवादी एवं नक्सली गतिविधियों मे लगता था जो एक बार मे ही बंद हो चुका है। और उनपर बहुत बड़ी चोट पहुँची है। पाकिस्तान एवं अन्य स्थानों द्वारा नकली नोटों के उपयोग पर भी रोक लगी है। राजनीतिक पार्टियों का आर्थिक ढांचा बिगड़ गया है जिसका प्रभाव आगामी विधानसभा पर पड़ने वाला है। जिससे उनकी बोखलाहट साफ दिखाई दे रही है। और सभी एक स्वर मे विरोध करते दिखाई दे रहें हैं।
आम नागरिक को इस राष्ट्रहित मे किये गए फैसले का स्वागत करना चाहिए। प्रारम्भ मे आने वाली परेशानी को दरनकार कर ख़ुशी ख़ुशी उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशश्त करना चाहिए।
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