किताबों की सुगम उपलब्धता के लिए जीएनआईओटी व डेलनेट के बीच समझौता

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किसी भी शैक्षिक संस्थान का प्रयास रहता है कि वह छात्रों सही रूप से प्रशिक्षित करे और छात्रों को हर मुमकिन सुविधा उपलब्ध करवाये। इसी दिशा में कदम उठाते हुए नॉलेज पार्क स्थित ग्रेटर नॉएडा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ने हाल ही में छात्रों को अच्छी किताबों की सुगम उपलब्धता के लिए डेलनेट (डेवलपिंग लाइब्रेरी नेटवर्क) के साथ हाथ मिलाया। यह मौका था- डेलनेट के एनुअल जनरल बॉडी मीटिंग का, जिसमे देशभर से आये 150 कॉलेजों ने भाग लिया। इसी मौके पर  जीएनआईओटी से पवन अग्रवाल- लाइब्रेरियन और डेलनेट के डायरेक्टर- एच के कौल ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये। मौके पर जीएनआईओटी से डा. अश्वनी सिंह- असिस्टेंट प्रोफेसर (एमबीए विभाग) और डेलनेट से नेटवर्क मैनेजर- संगीता कौल भी मौजूद थे।

 

मौके पर पवन अग्रवाल ने एक कहावत- ” ज्ञान बांटने से बढ़ता है” का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समझौते के अंतर्गत छात्रों कों एक साथ कई कॉलेजों के पुस्तकालय उपलब्ध होंगे, जहाँ से वे इंटरनेट के ज़रिये अपनी मनपसंद किताब ढूंढकर एक पत्र द्वारा मंगवा सकते हैं। डेलनेट का किताबों की आसान उपलब्धता के लिए  उठाया गया यह कदम एक सराहनीये प्रयास है। हम उम्मीद करते हैं कि छात्रों को इससे लाभ होगा और वे इस सुविधा का पूरा लाभ उठाते हुए बहेतरीन प्रदर्शन करेंगे।

 

मौके पर एच के कौल ने डेलनेट का परिचय देते हुए कहा कि डेलनेट (डेवलपिंग लाइब्रेरी नेटवर्क)इंटरनेट के ज़रिये किताबों के सहभाजन केंद्र के रूप में काम करता है। इस पुस्तकालय में लगभग4800 सदस्य हैं, जो डेलनेट के अंतर्गत आने वाले सभी पुस्तकालयों का उपयोग कर सकते हैं। छात्रों तथा शिक्षकों को इस समझौते के फलस्वरूप मुफ्त किताबे उपलब्ध होंगी। इसके लिए छात्रों को आवश्यकता है तो बस एक मेल करने की। सम्बंधित कॉलेज के आस पास रहने वाले छात्रों को2- 3 दिनों में तथा दूर रहने वाले छात्रों को 7-10 दिनों में किताबे मिल जाएंगी और छात्रों को एक हफ्ते के भीतर किताबें लौटानी पड़ेंगी।

 

कार्यक्रम में भाग लेने वाले संस्थान इस प्रकार हैं- इग्नू ( इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी),आईआईटी (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी), एनआईआईटी (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी), डीयू (दिल्ली यूनिवर्सिटी), गलगोटिया यूनिवर्सिटी तथा कई स्टेट यूनिवर्सिटीज़।

 

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