पानी पर आम आदमी पार्टी का श्वेत पत्र
पानी पर आम आदमी पार्टी का श्वेत पत्र
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक छोटा केंद्रशासित प्रदेश होने के साथ-साथ तेजी से बढ़ती आबादी वाला अत्याधुनिक शहरीकृत राज्य है। दिल्ली का अपना राजनैतिक व आर्थिक महत्व है। यह शहर न केवल एक महानगर है बल्कि राष्ट्रीय राजधानी भी है। हालांकि, दिल्ली अपनी पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी हद तक बाहरी संसाधनों जैसे-गंगा बेसिन, यमुना उप बेसिन, सिंधु बेसिन पर निर्भर है। इन संसाधनों का तेजी से दोहन होने की वजह से इनकी क्षमता में तेजी से गिरावट आ रही है। इसके अलावा दिल्ली की 1.8 करोड़ लोगों की आबादी के लिए एक कुशल और नियमित रूप से प्रभावी मलजल उपचार की जरूरत है।
वर्ष 2001 में दिल्ली की मौजूदा जनसंख्या में 138 लाख की वृद्धि दर्ज की गई थी और 167 लाख की वृद्धि वर्ष 2011 में दर्ज की गई। इसी तरह वर्ष 2021 तक दिल्ली की जनसंख्या में 230 लाख तक की वृद्धि का अनुमान है। फिलहाल दिल्ली में 33.41 लाख घरों में से सिर्फ 20 लाख घरों में पीने के पानी का पाइप कनेक्शन उपलब्ध है। इसी तरह एक अन्य अध्ययन में खुलासा हुआ है कि लगभग 50 लाख लोग ऐसे हैं जिनके घरों में आज भी पीने के पानी का पाइप कनेक्शन नहीं है और ये लोग टैंकर, बोरवेल नदी, नहर और तालाबों सहित अन्य पानी के स्रोतों के जरिए अपनी पानी की जरूरतें पूरी करते हैं।
दिल्ली में भूजल के स्तर में तेजी से गिरावट आ रही है और यह बेहद चिंता का विषय है। दक्षिण व दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में कई इलाके ऐसे हैं जहां भूजल का स्तर सामान्य स्तर से 30-70 मीटर तक नीचे चला गया है। भूमिगत जल भंडारों की गुणवत्ता भी बिगड़ती जा रही है और कई इलाकों में ये दूषित पानी मानव शरीर के लिए हानिकारक साबित हो रहे हैं। दक्षिण पश्चिम और उत्तर पश्चिम दिल्ली में
भूमिगत जल में खारापन बढ़ रहा है। कई स्थानों में पानी में फ्लोराइड और रासायनिक सांद्रता निर्धारित सीमा से अधिक है।
दिल्ली में पानी की कमी एक जटिल समस्या है। कुप्रबंधन और पानी के वितरण में असमानता इसकी प्रमुख वजह है। सीएजी (CAG) के मुताबिक कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार की वजह से दिल्ली जल बोर्ड को सालाना 1000 करोड़ रूपए का घाटा हो रहा है। लगभग 45% घरों में आज भी पानी व सीवर की उचित व्यवस्था नहीं है। लगभग 350 मिलियन गैलन अपशिष्ट जल रोजाना बर्बाद हो रहा है जबकि इस पानी को रिसाइकलिंग कर अन्य कामों के प्रयोग में लाया जा सकता है। पिछले दस साल में दिल्ली सरकार द्वारा लगभग 32000 करोड़ रूपए पानी और सीवर सेक्टर में सुधार के लिए खर्च किए गए। लेकिन स्थिति जस की तस है और अब दिल्ली वासियों को हर हाल में पानी की स्थिति में सुधार चाहिए।
आम आदमी पार्टी दिल्ली की जनता के लिए “पानी के अधिकार” की व्यवस्था लाना चाहती है। आम आदमी पार्टी मानती है कि जिस तरह स्वच्छ हवा इंसान के लिए बेहद जरूरी है उसी तरह स्वच्छ जल भी मानव शऱीर के लिए आवश्यक है। आम आदमी पार्टी यह भी मानती है कि भोजन के अधिकार में पानी के अधिकार को भी शामिल किया जाना चाहिए। पानी की कमी की समस्या से निपटने के लिए आम आदमी पार्टी ने एक ब्लूप्रिंट तैयार किया है जिसके आधार पर दिल्ली के नागरिकों को नियमित रूप से स्वच्छ पानी की आपूर्ति हो सकती है।
1.स्वच्छ पानी का अधिकार,
- सस्ते दर पर पीने का पानी सबके लिए सुलभ हो
- स्वच्छ पानी लोगों का मौलिक अधिकार-इसके लिए दिल्ली जल बोर्ड के अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।
2.मुफ्त पानी-आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली के प्रत्येक घर को 20 किलोलीटर पानी मुफ्त देगी।
- समय बद्ध योजना के तहत दिल्ली के सभी घरों को पानी कनेक्शन और सीवेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इन सुविधाओं के लिए नियोजित/गैरनियोजित, अधिकृत /गैर अधिकृत, नियमित/गैरनियमित, शहरी व गांवों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा।
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी इलाकों में नए पाइपलाइन बिछाने की योजना । नए बूस्टर, पंपिग स्टेशन और वाटर ट्रीटप्लांट लगाने की भी योजना।
- टैंकर माफियाओं से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। निजी पानी माफियाओं को भी नियमित किया जाएगा।
- मुनक नहर अंतर-राज्यीय विवाद में फंस गया है। आम आदमी पार्टी हरियाणा सरकार के साथ मुनक नहर से अतिरिक्त कच्चे पानी के लिए ठोस पहल करेगी। द्वारका, बवाना व ओखला में जल उपचार संयंत्रों को भी दुरूस्त किए जाने की योजना। संगम विहार सहित पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के निवासियों, द्वारका, देवली, छतरपुर, महरौली अम्बेडकर नगर, तुगलका बाद और आस पास के क्षेत्र को दिल्ली जल बोर्ड के नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
- सोसाइटियों को भी दिल्ली जल बोर्ड के पाइप कनेक्शन से जोड़ने की योजना। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद इस प्रक्रिया में आने वाली सभी बाधाओं को दूर किया जाएगा।
- सड़कों के किनारे भी पीने के पानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए प्याउ और दूसरे माध्यमों की व्यवस्था होगी।
- 9. पीने योग्य पानी की मांग को कम करने के लिए आम आदमी पार्टी इसके संरक्षण को भी प्रोत्साहन देगी। आम आदमी पार्टी एक दोहरी जल वितरण प्रणाली को लागू करेगी व गैर घरेलू प्रयोजनों के लिए वेस्ट वाटर को पुनरावृत्ति के बाद पुन: उपयोग करने पर जोर देगी। यह योजना सभी नियमित कालोनियो, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों और बड़े-बड़े रिहाइशी अपार्टमेंट्स के लिए होगी। साथ ही मॉल और व कमर्शियल कांप्लेक्सेज में भी इस योजना को लागू किया जाएगा।
- 10. वैसी सोसाइटियों जो पीने के पानी के लिए भूजल पर निर्भर है वहां स्वच्छ पानी मुहैया कराने के लिए RWAs / गैर सरकारी संगठनों की भागीदारी से एक sophisticated water purification network स्थापित किया जाएगा।
- 11. भूजल भंडार के संरक्षण के लिए वर्षा जल संग्रहण बढ़ाने और दोहन को अनिवार्य बनाया जाएगा। इस तरह के परिवारों को water friend families का नाम दिया जाएगा। सरकार ऐसे परिवारों को प्रोत्साहन के लिए पानी के बिल में कुछ छूट भी देगी।
- यमुना नदी को फिर से जीवित की जाएगी। इससे लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। यमुना नदी में गंदे व प्रदूषित पानी की निकासी पर भी ध्यान दिया जाएगा।
पानी पर आम आदमी पार्टी की विस्तृत रूपरेखा
मुफ्त पानी
- प्रत्येक घर को मीटर कनेक्शन के जरिए लगभग 700 लीटर पानी मुफ्त यानि हर महीने 20 किलोलीटर मुफ्त पानी देने का प्रावधान। पानी जीवन रेखा की तरह है और बुनियादी सम्मानजनक अस्तित्व के लिए बेहद आवश्यक है।
इस योजना से दिल्ली जल बोर्ड (दिल्ली जल बोर्ड) के उपभोक्ताओं को कई प्रकार के लाभ मिलेंगे-
- उपभोक्ताओं को पानी के बचत के लिए प्रोत्साहित करने की योजना, नतीजन पानी के बिल में भी कटौती होगी।
2.आम आदमी पार्टी की सरकार पानी की बचत के लिए लोगों को प्रोत्साहित करेगी। इसका सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पानी की बचत से उन इलाकों में भी पानी सप्लाई में मदद मिलेगी जो इलाके पानी की समस्या से जूझ रहे है। दिल्ली सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह हर इलाके में एक समान रूप से पानी का वितरण करे।
- इस योजना से पानी की माप को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
- Lifeline Water Scheme’ का विस्तार ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में भी किया जाएगा। वहां प्रत्येक घरों में पानी सप्लाई की बजाए एक साथ पानी सप्लाइ की जाएगी और साथ ही लोगों को पानी खपत में कमी के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
5.पानी की आपूर्ति व वितरण एक समान रूप से सभी इलाकों में किया जाएगा।
पानी सर्वसुलभ हो:
- आम आदमी पार्टी की सरकार एक समान रूप से पानी वितरित करेगी
3.आम आदमी पार्टी सुनिश्चित करेगी कि सभी घरो, कॉलोनियों व रिहाइशी प्रतिष्ठानों में पानी का कनेक्शन हो जिससे लोगों की बुनियादी जरूरते और दूसरी गतिविधि पूरी हो सके।
- बिना किसी भेदभाव एक समयबद्ध योजना के तहत सभी घऱों तक पीने के पानी व सीवेज का विस्तार किया जाएगा।
- अगले पांच साल के अंदर पूरी दिल्ली में दिल्ली जल बोर्ड का पाइप लाइन बिछाने की योजना।
- अनधिकृत कॉलोनियों, हाउसिंग सोसाइटिय़ों और पानी की कमी वाले विधानसभा क्षेत्रों में पानी की समस्या दूर करना आम आदमी पार्टी की पहली प्राथमिकता। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे-
- हरियाणा के मुनक नहर से आम आदमी पार्टी की सरकार पानी लेगी।
- द्वारका, बवाना और ओखला में खराब पड़े जल संयंत्रों को दुरूस्त किया जाएगा।
- भूजल की कमी से जूझ रहे इलाको में केंद्रीयकृत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना।
- जेजे कॉलोनियों तक भी पानी कनेक्शन की योजना।
पानी पर आम आदमी पार्टी की टैरिफ नीति:
- कोई भी व्यक्ति बिना पानी के जी नहीं सकता। आम आदमी पार्टी पीने के पानी के अधिकार को मौलिक अधिकार में शामिल करना चाहती है। लोगों की सहुलियत के हिसाब से पानी की दर तय करेगी।
- जल टैरिफ में बढ़ोतरी जरूरत पर आधारित होगी। सालाना 10% की बढ़ोतरी की अनिवार्यता को समाप्त किया जाएगा।
- आम आदमी पार्टी C-1A category को समाप्त करेगी।
पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध:
सुरक्षित पीने का पानी मानव शरीर के लिए महत्वपूर्ण है। दूषित पानी से हम बीमार पड़ सकते हैं। आम आदमी पार्टी की प्राथमिकता होगी कि दिल्ली वासियों के स्वच्छ पानी उपलब्ध कराए। जो मानक स्टैडर्ड BIS:10500 से सर्टिफाइड होगा।
इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:
- जोनल स्तर पर पानी की गुणवत्ता मापने के लिए केंद्र बनाए जाएंगे।
- पानी की रासायनिक स्थिति की जांच के लिए अधिक से अधिक प्रयोगशाला बनाए जाएंगे।
- पानी की नियमित रूप से निगरानी होगी (24X7 के आधार पर)
पानी का ऑडिट और लेखा:
आम आदमी पार्टी पानी की आपूर्ति व इसके खपत से सबंधित लेखा जोखा और ऑडिट का प्रावधान बनाएगी।
टैंकर माफियाओं पर रोक लगाएगी:
- आम आदमी पार्टी शक्तिशाली टैंकर माफियाओं का सफाया करेगी और जो राजनेता इन माफियाओं को शह दे रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए भी प्रतिबद्ध है।
- टैंकर के जरिए पानी वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाएगी।
- प्राइवेट टैंकर माफियाओं को नियमित करेगी।
- आम आदमी पार्टी दिल्ली जल बोर्ड के निजीकरण के पक्ष में नहीं है। और विश्वास दिलाती है कि वह हर घऱ में साफ व स्वच्छ पानी सस्ती दर पर उपलब्ध कराने के अपने वायदे को पूरा करेगी। निजी ठेकेदारो की ऑडिट होगी और दागी ठेकादारों का ठेका रद्द कर दिया जाएगा।
रिसाव की समस्या और पानी चोरी रोकी जाएगी-
- आम आदमी पार्टी पानी की बर्बादी रोकने और पानी चोरी पर रोक लगाएगी।
सीएजी ( CAG) के मुताबिक दिल्ली जल बोर्ड को सालाना 1000 हजार करोड़ रूपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
- पानी के बहाव व इसके रिसाव को मापने के लिए महत्वपूर्ण जगहों पर थोक में अधिक से अधिक मीटर लगाए जाएंगे। जल संरक्षण और इसकी गुणवत्ता को बचाए रखने के लिए रिसाव का पता लगाने वाली सेल का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
- टूटी व लीकेज पाइपलाइनों की तत्काल मरम्मत की जाएगी।
भू-जल और जल निकायों में पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए वर्षा जल के संचयन पर जोर दिया जाएगा
- भूजल का गिरता स्तर दिल्ली के लिए मुख्य चिंता का विषय है। दक्षिणी व दक्षिण पश्चिम दिल्ली के कई इलाकों में ग्राउंड लेवल 30 से-70 मीटर नीचे पहुंच गया है। अंडरग्राउंड वाटर के क्वालिटी में भी गिरावट आ रही है। आम आदमी पार्टी इस स्थिति से भी सुनियोजित ढ़ंग से निपटेगी।
- जनसंख्या में तेजी से वृद्धि, जल वितरण में कुप्रबंधन और दूसरी गड़बड़ियों के चलते भूजल संसाधनों का अत्यधिक दोहन हुआ है। आम आदमी पार्टी इस स्थिति से भी युद्ध स्तर पर लड़ेगी।
- आम आदमी पार्टी नए-नए विचारों को तलाश कर वर्षा जल संग्रहण, पुनर्भरण कुओं, बोर वेल, मिट्टी-जल संरक्षण कार्यक्रमों और अन्य छोटी परियोजनाओं को विकसित करने पर जोर देगी। स्थानीय और विकेन्द्रीकृत जल संसाधनों के विकास को भी प्राथमिकता देगी।
- झीलों, तालाबों, बावड़ियों जैसे पुराने जल निकाय फिर से जीवित करने के प्रयास किए जाएंगे। मोहल्ला सभा जैसे स्थानीय निकायों की साझेदारी से उनके संरक्षण पर जोर देगी आम आदमी पार्टी की सरकार।
- तमिलनाडु में वर्षा जल संग्रहण (आरडब्ल्यूएच) को अनिवार्य कर दिया गया है। आम आदमी पार्टी भी तमिलनाडु से सीख लेते हुए वर्षा जल संरक्षण को प्रोत्साहन देगी। दिल्ली जल बोर्ड को भी इस परियोजना में भागीदार और हितधारक बनाया जाएगा और वह नोडल एजेंसी के रूप में मिट्टी तथा तकनीकी जानकारी के विभिन्न प्रकारों के बारे में जानकारी का प्रसार करेगी।
- सभी सोसाइटियों, अपार्टमेंट्स, सरकारी स्कूलों, ऑफिसों और होटलों में वर्षा जल संग्रहण अनिवार्य बनाया जाएगा।
- यमुना तट के अलावा अन्य संभावित जगहों पर वर्षा जल के संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
- मल जल उपचार संयंत्रों का निर्माण किया जाएगा और उसके पानी के सेकेंडरी इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। इस पानी का इस्तेमाल बागवानी, कार धोने, शौचालयो में और अन्य प्रयोजनों के लिए किया जा सकता है।
- बोरवेल्स का दुरूपयोग रोकेगी आम आदमी पार्टी। दिल्ली में भूजल के स्तर में सुधार के लिए यह बेहद जरूरी है।
यमुना नदी पुनर्जीवित की जाएगी
- . यमुना नदी दिल्ली की संस्कृति का एक हिस्सा है। इसे पुनर्जीवित करना हमारी जिम्मेदारी है।
- ब्रिटेन में सख्त नियमों के द्वारा टेम्स नदी को पुनर्जीवित किया गया। यमुना को पुनर्जीवित करने के लिए आम आदमी पार्टी की भी ऐसी ही योजना है।
3.उन उद्दोगों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी जहां के अपशिष्टों की निकासी यमुना नदी में होती है। मौजूदा समय में दिन में निगरानी का प्रावधान है। जबकि अधिकांशत प्रदूषण रात के दौरान होता है। यमुना नदी में चौबीसों घंटे नजर रखने की व्यवस्था की जाएगी।
- मल जल उपचार संयंत्रों का निर्माण किया जाएगा और उसके पानी के सेकेंडरी इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। इस पानी का इस्तेमाल बागवानी, कार धोने, शौचालयो में और अन्य प्रयोजनों के लिए किया जा सकता है।
यह पानी दिल्ली जल बोर्ड के लिए और अधिक राजस्व उत्पन्न कर सकते हैं। 45% घर अभी भी वाटर रिसाइकिलिंग प्लांट से जुड़े नहीं हैं। 350 MGD अपशिष्ट जल रोजाना बर्बाद हो जाता है। ट्रीटमेंट प्लांट अपशिष्ट जल का 30% तक की पुनरावृत्ति कर सकते हैं। और इससे रोजाना 100 MGD अधिक पानी की आपूर्ति हो सकती है।
- बाढ़ के पानी संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
यमुना पर सभी सरकारी और निजी निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए।
- यमुना बांध का निर्माण बंद हो।
- किसी तरह के अतिक्रमण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
10 नदी की सफा-सफाई पर भी ध्यान दिया जाएगा।
पानी में स्वराज
1.जल स्वराज का प्रोत्साहन या नागरिकों द्वारा पानी का शासन और प्रबंधन
1.जल स्वराज या नागरिकों द्वारा शासन और पानी का प्रबंधन (लोक-सार्वजनिक भागीदारी की संकल्पना)
2.मोहल्ला स्तर पर दिल्ली में पानी के शासन के लिए नागरिक जल परिषद (जल स्वराज समिति) का गठन किया जाएगा। RWA या कॉलेजों / स्कूलों को भी शामिल करने की योजना। इससे छात्र जल प्रबंधन के बारे में जान सकेंगे और वे स्कूल में पीने या साफ-सफाई के लिए पानी के प्रबंधन के बारे में खुद बचत कर सकेंगे।
3.विशेष परियोजनाओं में RWA का भी शेयर होगा इससे प्राप्त राशि RWA अपने समाज या मोहल्ला में पर्यावरण उत्थान में लगा सकती है।

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