वजीरपुर में राशन के कालाबाज़ारी का विरोध क रते हुए क्रमिक अनशन पर बैठे स्वराज इंडिया के स्थानीय कार्यकर्ता।
*स्वराज अभियान*
*वजीरपुर में राशन के कालाबाज़ारी का विरोध करते हुए क्रमिक अनशन पर बैठे स्वराज इंडिया के स्थानीय कार्यकर्ता।*
*कोटेदार के खिलाफ लोकल थाना में एफआईआर दर्ज। अनशनकारियों की मांग कि कोटेदार का लाइसेंस रद्द हो।*
*दिल्ली |* 11 अक्टूबर को दिल्ली में सरकारी राशन की दुकान में भ्रष्टाचार मामला सामने आया था। वजीरपुर के सावन पार्क में स्वराज इंडिया के कार्यकर्ता रविन्दर निगम ने सरकारी राशन की दुकान में चल रही एक बड़ी कालाबाज़ारी को रंगे हाथ पकड़ था। इसको लेकर स्वराज इंडिया के कार्यकर्ताओं ने एलजी नजीब जंग,मुख्यमंत्री केजरीवाल और स्थानीय एमएलए को चिट्ठी लिख कर कार्रवाई करने की माँग की थी और उन्हें 17 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया था। सात दिन के बाद भी जब कोई कार्यवाई नहीं हुई,ना ही किसी कार्यवाई की शुरुआत हुई तो स्वराज इंडिया के स्थानीय कार्यकर्ता आज इसी मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं।
पुलिस वालों ने स्वराज इंडिया के कार्यकर्ताओं को एक दिन पहले धमकाया, उन्हें फर्ज़ी केस में अंदर भेजने की बात भी कहा। कायकर्ताओं पर राजनीतिक दावाब भी बनाया गया। आज जब वो अनशन पे बैठ गए थे तो फिर पुलिस ने आकर उन्हें धमकाया और अनशन ख़त्म करने का निर्देश दिया लेकिन स्थानीय लोगों के दबाव में वापस गए। बाद में कोटेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ लेकिन अनशनकारियों की माँग है कि कोटेदार का लाइसेंस रद्द किया जाए। स्वराज इंडिया के स्थानीय कार्यकर्ता दृढ़निश्चय के साथ अभी भी क्रमिक अनशन पर हैं।
वहाँ की महिलाओं का कहना है कि सप्ताह में सिर्फ़ 4 दिन दुकान खुलती है और चावल या चीनी कभी नहीं मिलती है। 11 अक्टूबर के घटना के बाद राशन वाले ने विरोध करने वाली महिलाओं को राशन देना भी बंद कर दिया है।
सवाल यह उठता है कि
* *क्या दिल्ली सरकार ऐसे ही जनता की समस्याओं से अपने आप को दरकिनार कर लेगी?*
* *क्यों दिल्ली सरकार जनता की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही है?*
* *क्या वो इस मसले को सुलझा नहीं सकती है?*
* *क्या एक दुकानदार की वजह से दिल्ली सरकार चुप रहेगी और जनता का शोषण होने देगी?*
ग़रीब जनता के पेट के साथ मज़ाक हो रहा है और दिल्ली सरकार आँख मूँदी हुई है। स्वराज इंडिया के स्थानीय कार्यकर्ताओं का यह संकल्प है की जब तक वहाँ की जनता को न्याय नहीं मिलता है, संघर्ष जारी रहेगा।
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