सरकार की प्रॉपर्टी पर सर्जिकल स्ट्राइक शु रू
सरकार की प्रॉपर्टी पर सर्जिकल स्ट्राइक शुरू
{Dt. 26.11.2016}
इलाहाबाद : आखिरकार पीएम मोदी की कालेधन पर रोकथाम की नीति का दूसरा दौर भी शुरू हो गया । इस बार पीएम के निर्देश पर प्रापर्टी पर सर्जिकल स्ट्राइक शुरू हुई है । नोटबंदी के बाद से जिसने भी प्रापर्टी खरीदी है , अब उन्हे भी पाई पाई का हिसाब सरकार को देना होगा । यह नीति अब उनके लिए मुसीबत बन जायेगी जो नोटबंदी के पश्चात 500 और एक हजार रुपये के नोट रजिस्ट्री के माध्यम से खपा रहे थे । केंद्र सरकार ने शिकंजा कसने के लिए आइजी रजिस्ट्रेशन और स्टांप शुल्क लखनऊ से प्रदेशभर में 9 नवंबर से लेकर अभी तक हुई रजिस्ट्री के समय काटी गई रसीदों का ब्योरा मांगा है।
नोटबंदी के बाद 500 और एक 1000 रुपये के नोट की डिटेल देने में अब प्रापर्टी डीलरों के पसीने छूटेंगे। निबंधन शुल्क में 500 और 1000 रुपये के कितने नोट जमा हुए हैं इसकी भी पड़ताल होगी। पीएम के निर्देश पर महानिरीक्षक निबंधन ने पूरे राज्य के सभी सब रजिस्ट्रार को पत्र जारी करके इसकी जानकारी मांगी है। पत्र में निबंधन शुल्क के रूप में प्राप्त 500 और एक हजार रुपये के नोटों की संख्या तथा अतिरिक्त स्टांप शुल्क से प्राप्त पुराने नोटों के बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। अनुबंध जिक्र हुए पैसे का भी इसी माध्यम से पता चलेगा और वह धन कहां से आया और कहां गया सब कुछ इस सर्जिकल स्ट्राइक से बाहर आ जायेगा ।
सरकार अपनी इस नीति के माध्यम से बिजली, पानी, गृहकर, बच्चों की स्कूल फीस, रिचार्ज, निबंधन शुल्क तथा बचत एवं चालू खातों के साथ-साथ लोन खातों में कुल जमा किए गए पुराने नोटों की संख्या के बारे में भी जानकारी एकत्रित करेगी । इससे वह लोग कालेधन रखने के शिकंजे में फंसेंगे जिन्होंने टैक्स देने योग्य होने के बावजूद भी टैक्स छिपाया और कालाधन संचय कर रखा । जहां तक सरकार को आंकड़े मिल रहे हैं उसके अनुसार ज्यादातर लोगों ने पैसे बैंकों व अन्य सरकारी विभाग में जमा किया। अब ऐसे लोगों का ब्योरा भी तलब किया जायेगा । जिससे अघोषित धन पर भी समुचित कर वसूली की जा सके । सरकार की यह नीति लागू हो चुकी है और युद्ध स्तर पर इसके परिणाम जल्द ही आने लगेंगे ।