सरना की नैतिकता का पैमाना झूठा : दिल्ली कमेटी

सरना की नैतिकता का पैमाना झूठा : दिल्ली कमेटी

शारीरिक शोषण के आरोपी को पार्टी में शामिल करके सरना अब कौन सी नैतिकता को विरोधियों में खोजेंगे : बौबी

आंकड़ों की हेराफेरी शून्य के जरिये करने वालों को संगत शून्य कर देगी

नई दिल्ली (4 नवम्बर 2016) : दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना द्वारा 1984 सिख कत्लेआम के नाम पर वोटों को एकत्र करने के शिरोमणी अकाली दल पर लगाये गये आरोपों को कमेटी ने सरना की बौखलाहट करार दिया है। धर्मप्रचार कमेटी के संयोजक एवं शिरोमणी अकाली दल दिल्ली ईकाई के उपाध्यक्ष गुरमीत सिंह बौबी ने आज सरना द्वारा अपने दल में कमेटी सदस्य गुरबख्श सिंह मोन्टूशाह को शामिल करने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरना की दोहरी मानसिकता का खुलासा किया।

बौबी ने कहा कि जब मोन्टूशाह की एक महिला कर्मचारी से कथित शारीरिक शोषण के आरोप के तहत मुकद्दमा दर्ज होने के बाद ग्रिफ्तारी हुई थी तो सरना ने उस समय कमेटी अध्यक्ष तथा महासचिव का इस्तीफा मांग लिया था। जबकि कथित शारीरिक शोषण तथा सिर पर टोपी पहनने के आरोपी मोंटूशाह को आज अपने दल में शामिल करके सरना ने सारी नैतिकता का अन्त कर दिया है। प्रैस कांफ्रैंस दौरान मोंटूशाह द्वारा कमेटी के धर्मप्रचार के कार्यो के ऊपर उठाये गये सवालों को गैरजरूरी बताते हुए बौबी ने कहा कि जो इन्सान खुद गुरमति सिद्धांन्तो से भगौड़ा होते हुए धर्मप्रचार की बातें करे, तो हजम नहीं होती।

सरना द्वारा अकाली दल पर 1984 के नाम पर वोटों की फसल बोने के लगाये गये आरोपों पर बौबी ने सवालिया लहजे में पूछा ‘‘क्या अब कातिलों को सिरोपा डालने वाले 1984 की बात करेंगे’’। बौबी ने कहा कि 1984 सिख कत्लेआम अकाली दल के लिए भावनात्मक मुद्दा है इसलिए कौम के दर्द को बांटना तथा दोषियां को सजा दिलवाना हमारा मुख्य प्राथमिकता है।

सरना द्वारा अपनी पिछली पै्रस कांफ्रैंस के दौरान कमेटी पर आर्थिक अनियमताओं के लगाये गये आरोपों को झूठा साबित करते हुए बौबी ने सरना पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि सरना ने अंसन्ध के जिस गुरुद्वारा साहिब को कमेटी द्वारा 8.55 लाख रूपये की सहायता देने का जो दावा किया था वो झूठा था। क्योंकि कमेटी ने कारसेवा के कार्या के लिए 85500/-रूपये की सहायता 300 बोरी सीमेंट की खरीद के लिए बंसल सीमेंट स्टोर को चैक के जरिये दी थी। बौबी ने सरना पर घर बैठे आंकड़ों में जीरो बढ़ाकर हेराफेरी करने का आरोप लगाते हुए सरना दल को शून्यवाद का जन्मदाता बताया। उन्होंने कहा कि सरना का इतिहास है कि सरना ने कमेटी के जिस काम में भी हाथ डाला उसको शून्य करने उपरान्त ही पीछे हटे थे। इस कारण आंकड़ों में शून्य के जरिये हेराफेरी करने वालों को संगत ही शून्य कर देगी। इस संबंधी उन्हांने बाला साहिब हस्पताल तथा कमेटी के शिक्षण संस्थानों के अस्तित्व तथा स्तर के सरना द्वारा किये गये खात्में को भी याद किया।

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