दिल्ली भाजपा प्रदूषण रोकने में सरकार को प ूरा देगी सहयोग – सतीश उपाध्याय

दिल्ली भाजपा प्रदूषण रोकने में सरकार को पूरा सहयोग देगी पर सरकार घोषणाएँ नहीं ठोस काम करे, सड़कों से मालवा एवं मिट्टी हटाने पर युधसतर पर काम हो, वाहनों में CNG किट लगाने की व्यवस्था पुनः प्रारंभ हो – सतीश उपाध्याय

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री सतीश उपाध्याय ने कहा है कि निसंध्य दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति से निबटने के लिए सभी को एक साथ आकर प्रयास करना होगा पर दिल्ली काबिनेट द्वारा आज की गई घोषणाएँ पुनः यह दर्शाती हैं कि सरकार अपरिपक है और केवल जल्दबाज़ी में घोषणाएँ करने पर विश्वास करती है। दिल्ली भाजपा प्रदूषण रोकने में सरकार को पूरा सहयोग देगी पर सरकार घोषणाएँ नहीं ठोस काम करे, सड़कों से मालवा एवं मिट्टी हटाने पर युधसतर पर काम हो, वाहनों में CNG किट लगाने की व्यवस्था पुनः प्रारंभ हो।

भाजपा लंबे समय से माँग करती रही है कि दिल्ली में प्रदूषण के कारणों की जाँच के लिए विशेषज्ञों की सममिति बनाई जाए पर आज भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठती दिख रही केवल जल्दबाज़ी में घोषणाएँ कर रही है। 10 दिन के लिए बदरपुर थर्मल पावरप्लांट बंद करने की घोषणा हो या D G set पर प्रतिबंध, यह दोनो ही दिल्ली को एक नये संकट की ओर धकेल सकते हैं. साथ ही 5 दिन के लिए सड़क या भवन निर्माण पर रोक कोई हाल नहीं क्योंकि काम रुकने से धूल उड़ना कैसे रुक जाएगी।

दिल्ली में सड़कों पर धूल बेतहाशा उड़ती है, आवश्यकता है उसको रोकने की जिसके लिए दिल्ली सरकार ने अभी तक कोई ठोस योजना प्रस्तुत की है। सड़कों पर पानी से छिड़काव का केजरीवाल सरकार का प्रस्ताव बचकाना है, इतनी बड़ी दिल्ली में कहा कहा पानी छिड़काव जाएगा और इतना पानी है कहाँ। दिल्ली भाजपा माँग करती है कि दिल्ली की सड़कों से मिट्टी एवं मलवा हटाने के लिए अतिरिक्त मजदूर लगाकर काम शुरू किया जाए।

केजरीवाल सरकार ने आज ऐसे संकेत दिए हैं कि वे फिर से ऑड इवान स्कीम ला सकती है पर यह सरकार कितनी गंभीर है उसका प्रमाण है कि NGT एवं सुप्रीम कोर्ट दोनो कहते हैं कि CNG वाहनों को प्रोत्साहन दिया जाए पर दिल्ली में CNG किट लगाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है और सरकार सो रही है, वाहनों में CNG किट लगाने की व्यवस्था पुनः प्रारंभ हो।

इसी तरह स्कूल एवं कालेजों में छुट्टी की घोषणा कर केजरीवाल सरकार अपनी ज़िम्मेदारी की इतिशरी करती रही है पर आवश्यकता है कि हर वर्ष कोहरे से बच्चों को होने वाली असुविधा के चलते सरकार स्कूलों के समय में परिवर्तन करे।

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