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सम- विषम योजना के कुछ रोचक तथ्य

दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल की महत्वाकांक्षी सम- विषम योजना जिसकी शुरूआत ‘निजी कार प्रदूषण करती है’ जैसी बिना किसी रिपोर्ट के केवल बालहठ में दिल्ली सरकार द्वारा की गई थी, यह योजना प्रदूषण कम करने के अपने मनोरथ में बेशक कामयाब ना हुई हो पर केजरीवाल की प्रतिष्ठा का प्रश्न होने के कारण सवाल जरूर खड़े कर गई।

1 सरकार ने स्वंयसेवक शब्द की नयी व्याख्या दी, 500 रुपये प्रतिदिन अपने दल के कार्यकर्ताओ को देना।

2 रोड सेफ्टी के सबंध में केवल मालवाहक वाहनों पर लागू होने वाले 194 mv act को इस योजना में बिना एक्ट में संसोधन किये लागू किया गया।

3 एक्ट के अनुसार कुछ रोड पर किसी मालवाहक गाड़ी को रोड सेफ्टी के कारण नो एंट्री के नाम पर चलने से रोका जा सकता है , पुरे शहर में प्रदूषण के आधार पर नहीं।

4 दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाईट के अनुसार 118/194 mv act में नकद चालान नही हो सकता है पर पुलिस, ट्रांसपोर्ट विभाग और राजस्व विभाग ने सारे चालान नकद काटे।

5 करोड़ों रुपये योजना के प्रचार प्रसार पर दिल्ली सरकार ने खर्च किये, पर हरियाली बढ़ाने के लिए एक पौधा नहीं लगाया।

6 सलमान खान को हिट & रन केस में मुंबई हाईकोर्ट में बचाने वाले महंगे वकील हरीश साल्वे को दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार ने अपना पक्ष योजना के समर्थन में रखने के लिए अपने अन्य वकीलों को दरकिनार करके आगे किया, क्योंकि पिछली तारीख पर हाईकोर्ट के तेवर योजना पर तल्ख थे।

7 दिल्ली सरकार समझ चुकी थी की अगर कोर्ट ने योजना को रोका तो प्रदूषण रोकने में नाकामयाब रही योजना विरोधियो को मुद्दा दे देगी।

8 आनन – फानन में परिवहन मंत्री को सुनवाई से पहले 15 जनवरी के बाद योजना जारी ना रखने का संकेत मजबूरी में मीडिया को देना पड़ा ताकि सरकार का अड़ियल रुख कोर्ट को नजर ना आये।

9 अखबारों में सोमवार की सुनवाई से पहले दिल्ली सरकार को मौसम बदलने का हवाला देते हुए प्रदूषण कम होने के दावे वाले प्रैस नोट रविवार को भी जारी करने को मजबूर होना पड़ा।

10 कुल मिलाकर स्कूलों को बंद रखना और 2000 रुपये के जुर्माने का डर ट्रैफिक कम होने का कारण बनकर आप सरकार की लाज बचा गया पर सरकार की कमजोर तैयारी का खाका सार्वजनिक परिवहन ने जरूर उजागर कर दिया।

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