ग्रामीण दिल्ली की समस्याओं को लेकर योगेंद ्र यादव की जनसुनवाई।
*ग्रामीण दिल्ली की समस्याओं को लेकर योगेंद्र यादव की जनसुनवाई।"
रविवार को ग्रामीण दिल्ली के दरियापुर गाँव में स्वराज इंडिया ने दिल्ली देहात के मुद्दों पर जनसुनवाई का आयोजन किया। स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव की उपस्थिति में स्थानीय लोगों ने दिल्ली देहात के गाँव की समस्याओं को साझा किया।
यह हमारे लिए हर्ष की बात है कि योगेंद्र यादव हमारी समस्याओं को सुनने आए।
ग्रामीणों नें वर्तमान दिल्ली सरकार के खिलाफ अत्यंत रोष दिखा। लोगों का कहना था कि स्थानीय विधायक गांव के लोगों की सुनने कभी नहीं आते। लोगों ने कहा कि वर्तमान सरकार उनकी 10% समस्याओं को भी सुलझाने में असफल रही है। समस्या सुलझाना तो दूर, कई वादों को पूरा करने की दिशा में एक कदम भी नहीं बढ़ाया गया।
दिल्ली देहात के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्हें स्वराज इंडिया में एक आशा की किरण दिखती है।
जनसुनवाई में स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम ने कहा गांव की समस्याओं को कई पार्टियाँ अपने घोषणा पत्र में लिखती हैं परंतु चुनाव के बाद दिल्ली देहात की सुध तक नहीं लेती। सुध लेना तो दूर, दिल्ली देहात सरकार के नक़्शे में सिर्फ़ चुनाव के वक़्त आता है।" अनुपम ने बताया कि "स्वराज इंडिया" सच को सच और झूठ को झूठ बताने की हिम्मत रखने वाली पार्टी है। संविधान, लोकतंत्र, एकता और विविधता के लिए लड़ने वाली पार्टी है।
स्वराज इंडिया का मंच दिल्ली देहात के हर जाति धर्म के प्रतिनिधियों के गुलदस्ते के रूप में दिखा।
जनसभा को संबोधित करते हुए स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र यादव ने कहा, "एक ज़माना था जब दिल्ली का नेतृत्व इन गाँव से आता था, और आज ये ज़माना है जब हमारे एक साथी को मंच पर आकर कहना पड़ता है कि हम अल्पसंख्यक हैं। आज जो दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं उन्होंने कहा था कि ग्रामीण दिल्ली में 20 कॉलेज खोलेंगे, स्कूल खोलेंगे, अस्पताल खोलेंगे। आज दिल्ली देहात इस सरकार की सोच के दायरे से ही बाहर है। हम इतना ज़रूर कह सकते हैं कि स्वराज इंडिया वापस दिल्ली के नक़्शे पर दिल्ली देहात को लायेगी। ताकि दिल्ली के गाँव का नाम लोग इज़्ज़त से लेंगे।"
योगेंद्र यादव ने आगे बताया कि गांव के लोग अगर जमीन नहीं देते तो यह राजधानी कैसे बसती। दिल्ली का आज का स्वरुप गांव देहात के लोगो की दरियादिली की वजह से मिला है जिन्होंने अपनी ज़मीने दी।
योगेंद्र यादव ने ग्रामीणों से पूछा, "वो जो 20 कॉलेज खोलने की बात हुई थी, उस दिशा में कुछ हुआ है क्या?"
"अस्पताल में चिकित्सा बेहतर हो गयी है क्या?"
"नजफगढ़ में जाम लगना बंद हो गया क्या?"
सबने एक एक सवाल पर हाथ उठाकर कहा, "एक कदम नहीं उठाया गया।"
सरकार के नकारेपन का कारण बतात्र हुए, योगेंद्र यादव ने कहा, "ये काम इसलिए नहीं हो रहे क्यूँकि सरकार को दिल्ली देहात के मुद्दों की कोई परवाह नहीं रही। इस सरकार के पास दिल्ली देहात के लिए काम करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है।
इस सरकार ही नहीं, सभी सरकारों ने, चाहे वो बीजेपी या कॉंग्रेस हो, गांव के साथ सौतेला व्यवहार किया है।
सरकार चिकेनगुनिया, मलेरिया और डेंगू की समस्या से निपटने में विफल रही है। दिल्ली में वायु प्रदूषण का हाल ये है कि 10 घंटे बाहर रहने पर हम 40 सिगरेट के बराबर धुआं ले रहे हैं।
स्वराज इंडिया दिल्ली के अंतिम व्यक्त्ति को अपने साथ जोड़ना चाहती है। हम रामलीला मैदान वाले सच्चाई के रास्ते पर चलकर संघर्ष करना चाहते हैं। हम उस आंदोलन की पवित्र धारा है। हमारा संकल्प आज भी वही है, पहले से ज्यादा मजबूत होकर हम खड़े हैं। हम एक नई शुरुआत करने आपके बीच आए हैं।"
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