कांग्रेस का 80 प्रतिशत और बीजेपी 70 प्रतिशत चंदा बेनामी स्रोत्रों से नकद मे आता है : app

भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष को आम आदमी पार्टी की खुली चुनौती है कि वो अपनी पार्टियों के बही खातों को लेकर जंतर-मंतर पर आएं और जनता के सामने सारे खातों को रखें। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल जनता के समक्ष अपनी पार्टियों के बही खातों को रखने के लिए तैयार है लेकिन क्या बीजेपी और कांग्रेस पार्टियां ऐसा करेंगी?

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में हुई प्रेस कॉंफ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एंव राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा ने कहा कि ‘जनता को यह जानने का पूरा हक़ है कि कौन सा राजनीतिक दल ईमानदारी के पैसे से चुनाव लड़ता है और कौन सा राजनीतिक दल बेइमानी के पैसे से चुनाव लड़ता है। जनता को यह पता चलना चाहिए कि कौन सा राजनीतिक दल वित्तीय पारदर्शिता के साथ अपने चंदे का पूरा हिसाब-किताब रखता है और कौन से राजनीतिक दलों को बेनामी स्रोतों से चंदा मिलता है। क्यों ना यह सारी जानकारी जनता के सामने रखें और फिर जनता तय करे कि कौन सा राजनीतिक दल सही है और कौन सा ग़लत।‘कई मीडिया रिपोर्ट्स में भी यह छपा है कि आम आदमी पार्टी का 92 प्रतिशत चंदा बैंक के माध्यम से आता है (यानि, चेक या फिर डिजिटल तरीक़े से) और सिर्फ़ 8प्रतिशत चंदा ही नकद में लिया जाता है और पार्टी की नीतिगत व्यवस्था के तहत उस नकद चंदे को भी पूरी जानकारी के साथ बैंक में जमा करवा दिया जाता है। हम अपने दानदाताओं की पूरी जानकारी और बही खाता बनाते हैं, चाहे वह Rs.10 का ही दान क्यों न हो। लेकिन दूसरी तरफ़ भारतीय जनता पार्टी का 70 प्रतिशत चंदा बेनामी स्रोतों से आता है और कांग्रेस पार्टी का 80 प्रतिशत चंदा बेनामी स्रोतों से आता है। इन दोनों ही पार्टियों को यह पता ही नहीं है कि ये चंदा इनको कौन दे जाता है और वो भी नक़द। दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस और बीजेपी को अवैध तरीके से एक विदेशी कम्पनी से फंडिंग लेने का दोषी पाया है तो दूसरी तरफ़ सीआईसी ने इन राजनीतिक पार्टियों को आरटीआई के दायरे में लाने की सिफ़ारिश की है लेकिन ये दोनों ही पार्टियां सीआईसी के इस ऑर्डर से भी भाग रही हैं।‘

‘जिन लोगों का स्विस बैंक में खाते हैं और उन लोगों ने अपने उन खातों में कालाधन जमा करके रखा है वो लोग भी बीजेपी-कांग्रेस को चंदा देते हैं। सुप्रीम कोर्ट को दी गई स्विस बैंक खाताधारकों की लिस्ट में उन लोगों के नाम मौजूद हैं जो बीजेपी और कांग्रेस को चंदा देते हैं, मतलब ये कि दोनों ही पार्टियां कालेधन और भ्रष्टाचार के पैसे से चुनाव लड़ती हैं और इसीलिए हिसाब-किताब देने से भागती आई हैं।

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